नए चुनाव आयुक्त ने ग्रहण किया पदभार, जानिए कौन हैं रिटायर्ड IAS राजीव कुमार

नए चुनाव आयुक्त ने ग्रहण किया पदभार, जानिए कौन हैं रिटायर्ड IAS राजीव कुमार
चुनाव आयोग में राजीव कुमार का कार्यकाल करीब 4.5 साल का होगा.

राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1984 बैच के झारखंड कैडर अधिकारी हैं. राजीव कुमार वित्त सचिव रहे हैं और वो अशोक लवासा (Ashok Lavasa) की जगह पर आए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 1, 2020, 9:14 PM IST
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नई दिल्ली. नए चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) राजीव कुमार (Rajiv Kumar) ने मंगलवार को चुनाव आयोग (Election Commission) में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली. राजीव कुमार वित्त सचिव रहे हैं और वो अशोक लवासा (Ashok Lavasa) की जगह पर आए हैं. बता दें कि राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1984 बैच के झारखंड कैडर अधिकारी हैं.

करीब साढ़े चार साल का होगा कार्यकाल
राजीव कुमार का कार्यकाल 4.5 साल का होगा. सबकुछ सामान्य रहा तो 2024 का लोकसभा चुनाव राजीव कुमार के नेतृत्व में होगा. पूर्व वित्त सचिव और झारखंड कैडर (Jharkhand Cadre) के पूर्व आईएएस राजीव कुमार को राष्ट्र्पति ने चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है. राजीव कुमार चुनाव आयोग में दूसरे चुनाव आयुक्त होंगे.

2024 का लोकसभा चुनाव राजीव कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त रहते हुए होगा!
राजीव कुमार का जन्म 19 फरवरी, 1960 है. यानी चुनाव आयोग में राजीव कुमार का कार्यकाल करीब 4.5 साल का होगा और सबकुछ सामान्य रहा तो अगला यानी 2024 के लोकसभा चुनाव राजीव कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे और तब तक मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा अपना कार्यकाल पूरा कर चुके होंगे.



परम्परा के अनुसार वरिष्ठ चुनाव आयुक्त ही अगला मुख्य चुनाव आयुक्त बनता है
सुनील अरोड़ा के बाद मौजूदा चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा मुख्य चुनाव आयुक्त बनेंगे और इसके बाद राजीव कुमार का नंबर आएगा. हालांकि चुनाव आयुक्त के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के लिये राष्ट्र्पति की तरफ से औपचारिक नियुक्ति की जाती है लेकिन परम्परा के अनुसार वरिष्ठ चुनाव आयुक्त ही अगला मुख्य चुनाव आयुक्त बनता रहा है.

एशियाई विकास बैंक (ADB) ज्वाइन करेंगे अशोक लवासा
गौरतलब है कि पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि अब वो एशियाई विकास बैंक (ADB) के उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे. अशोक लवासा को पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान उस समय खूब सुर्खियां मिली थीं जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मामले में दी गई क्लीन चिट का विरोध किया था. बाद में उनकी पत्नी सहित परिवार के तीन सदस्य इनकम टैक्स के निशाने पर आ गए थे. तीनों पर आय सावर्जनिक न करने और आय से अधिक संपत्ति होने के मामले थे. हालांकि लवासा के परिवार के तीनों ही सदस्यों ने आरोपों से इनकार किया था.
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