लाइव टीवी

निजामुद्दीन मामला: मरकज से आए मलेशिया के एक बुजुर्ग की मौत के बाद 9 मौलवी होम क्वारंटाइन

News18 Bihar
Updated: April 1, 2020, 11:37 AM IST
निजामुद्दीन मामला: मरकज से आए मलेशिया के एक बुजुर्ग की मौत के बाद 9 मौलवी होम क्वारंटाइन
सांकेतिक तस्वीर

अररिया के चांदनी चौक स्थित जामा मस्जिद में ठहरे मलेशिया के 10 मौलवियों में से 1 बुजुर्ग की बीते 27 मार्च को मौत हो गयी थी. डीएम प्रशांत कुमार CH ने इस बाबत प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि मलेशिया से आए बुजुर्ग की मौत सामान्य कारणों से हुई है.

  • Share this:
अररिया. दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी मरकज (Tablagi markaj) में शामिल होने वाले बिहार के 86 लोगों में  10 लोग अररिया और कई लोग किशनगंज पहुंचे हैं. मिली जानकारी के अनुसार अररिया (Araria) पहुंचने वालों में सभी मलेशिया (Malaysia) से आए हैं. इनमें से एक व्यक्ति की मौत गुरुवार को हो गई थी. लेकिन जिला प्रशासन ने इस मौत को कोरोना की वजह से होना नहीं बताया था. हालांकि अब बाकी बचे मौलवियों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है और अब इन्हें दिल्ली भेजे जाने की भी बात कही जा रही है.

दिल्ली भेजे जा सकते हैं मौलवी
सदर अस्पताल प्रबंधक विकास कुमार ने बताया कि इनमें से 3 का सैम्पल दरभंगा भेजा गया था जिसकी निगेटिव रिपोर्ट आयी है. इधर जिला आपदा पदाधिकारी शम्भू कुमार ने बताया कि होम क्वारंटीन में रखे गये सभी 9 मौलवियों को दिल्ली भेजने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा विमर्श किया जा रहा है.

एक बुजुर्ग की हुई थी मौत



बता दें कि अररिया के चांदनी चौक स्थित जामा मस्जिद में ठहरे मलेशिया के 10 मौलवियों में से 1 बुजुर्ग की बीते 27 मार्च को मौत हो गयी थी. डीएम प्रशांत कुमार CH ने इस बाबत प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि मलेशिया से आए बुजुर्ग की मौत सामान्य कारणों से हुई है.



पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई थी पुष्टि
बता दें कि फिलहाल सभी मौलवियों को चांदनी चौक स्थित जामा मस्जिद में ही होम क्वारंटीन में रखा गया है. डीएम ने इस बाबत बताया था कि स्थानीय मस्जिद में जमायत में ठहरे एक मलेशियन व्यक्ति की मौत हुई थी. मेडिकल जांच टीम और पोस्टमार्टम के बाद यह साबित हुआ कि मलेशिया के व्यक्ति की मौत सामान्य तरीके से ही हुई है.

नहीं मिले कोरोना के लक्षण
डीएम ने तब यह भी बताया था कि ग्रुप में शामिल किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं. वहीं, उन्होंने यह भी कहा था कि मार्च माह में विदेश एवं अन्य राज्यों से आये हुए सभी संदिग्ध लोगों को ट्रैक किया जा रहा है.

प्रवासी मजदूरों के लिए व्यवस्था
वहीं मिली जानकारी के अनुसार अन्य राज्य से आ रहे प्रवासी मजदूरों एवं अन्य लोगों को जिनमें अररिया जिले के भी लोग शामिल होंगे, उन्हें संबंधित प्रखंड एवं पंचायत स्थित क्वारंटाइन सेंटर तक पहुंचाने
की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई है.

इन जगहों पर हैं क्वारंटाइन सेंटर
इस कार्य के लिए जिला से सटे जिला बोर्डर पर चेक पोस्ट क्रमशः प्रथमिक विद्यालय, लहटोरा, चातर (पूर्णिया-अररिया बाॅर्डर), सरला सत्यानारायण महाविद्यालय, नरपतगंज (अररिया-सुपौल बाॅर्डर), प्राथमिक विद्यालय कोहवारा विशनपुर, हेमनगर (रानीगंज-पूर्णिया बाॅर्डर), नवसृजित प्रथमिक विद्यालय, बुद्याई सरदार टोला वार्ड न0 10 कुशमौल भरगामा (अररिया-सुपौल बाॅर्डर), उत्क्रमित मध्य विद्यालय केसर्रा (अररिया-किशनगंज बाॅर्डर) बनाया गया है.

संदिग्धों को आइसोलेशन वार्ड भेजने की तैयारी
बॉर्डर चेक पोस्ट पर आ रहे लोगों का सर्व प्रथम पंजीकरण एवं चिकित्सीय व्यवस्था कर जांच करने निर्देश दिया गया है. जिनमें कोई लक्षण नहीं पाये जाने पर उन्हें बॉर्डर पर ही चिन्हित स्कूलों में निर्धारित समय तक क्वारंटाइन में रखने का निर्देश दिया गया है. जांच में संदिग्ध पाये जाने पर उन्हें तत्काल अररिया या फारसिबगंज सदर अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड भेजा जाएगा.

(रिपोर्ट- सतीश कुमार)

ये भी पढ़ें


निजामुद्दीन मामलाः मरकज में शामिल होने के बाद बिहार पहुंचे थे 86 लोग, अब पुलिस कर रही तलाश




Covid-19: अस्पताल में सैफ का केयर टेकर था गया में कोरोना पॉजिटिव पाया गया मरीज, मुंगेर में हुई थी मुलाकात

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अररिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 1, 2020, 11:34 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading