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RIC Meeting : विदेश मंत्री ने कहा-भारत, रूस, चीन को नशीले पदार्थों और आतंकवाद से मिलकर लड़ना होगा

RIC Meeting : विदेश मंत्री ने कहा-भारत, रूस, चीन को नशीले पदार्थों और आतंकवाद से मिलकर लड़ना होगा

विदेश मंत्री ने बताया कि हमने अफगानिस्तान के लिए  50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति करने की पेशकश की है.(फाइल फोटो)

विदेश मंत्री ने बताया कि हमने अफगानिस्तान के लिए 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति करने की पेशकश की है.(फाइल फोटो)

RIC Group Meeting, Russia, India,China : विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अफगानिस्तान (Afghanistan) में एक समावेशी सरकार के साथ-साथ एक प्रतिनिधि सरकार का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि हमें मिलकर यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि अफगानिस्तान की जनता को बिना किसी बाधा के मानवीय सहायता और राजनीतिक लाभ मिले. आरआईसी की 18वें दौर की बातचीत ऐसे समय पर हुई जब वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है.

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    नई दिल्ली: आरआईसी समहू की बैठक (RIC Meeting) में विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा कि भारत (India), रूस (Russia) और चीन (China) को आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों से मिलकर लड़ना होगा. उन्होंने कहा कि इसमें हमें संयुक्त रूप से काम करने की जरूरत है. रूस, भारत और चीन के समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने अफगानिस्तान के हाल के घटना क्रम पर भी चिंता जताई.

    विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अफगानिस्तान में एक समावेशी सरकार के साथ-साथ एक प्रतिनिधि सरकार का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि हमें मिलकर यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि अफगानिस्तान की जनता को बिना किसी बाधा के मानवीय सहायता और राजनीतिक लाभ मिले. वर्चुअल रूप से आयोजित इस बैठक में अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में, विदेश मंत्री जयशंकर ने बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार का आह्वान किया ताकि संप्रभु समानता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के आधार पर दुनिया में एक संतुलन बना रहे.

    सीमा विवाद के मुद्दे से बचे दोनों विदेश मंत्री
    आरआईसी की 18वें दौर की बातचीत ऐसे समय पर हुई जब वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है. लद्दाख में उत्पन्न तनाव ने त्रिपक्षीय सहयोग को भी बहुत ज्यादा प्रभावित किया है. बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष ने सीमा विवाद के किसी भी मुद्दे का उल्लेख नहीं किया. दोनों ही देशों ने कोविड-19 संकट की चुनौतियों से निपटने के लिए एक दूसरे के सहयोग की आवश्यकता की बात कही.

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    आरआईसी की बैठक में अफगानिस्तान के मुद्दे पर तीनों ही देशों ने खुलकर बात की. अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद वहां बदले हालातों को लेकर भारत चीन और रूस ने एक साथ मिलकर काम करने के संकेत दिए. बैठक की अध्यक्षता कर रहे जयशंकर ने कहा कि भारत अफगानिस्तान का एक लंबे समय से एक मजबूत पड़ोसी और भागीदार रहा है ऐसे में अब वहां के लोगों को जो हालात देखने पड़ रहे हैं भारत उनकी पीड़ा को लेकर काफी चिंतित है.

    विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों की भलाई के लिए हम प्रतिबद्ध हैं और इसी कारण हमने हाल ही में वहां सूखे की स्थिति से निपटने के लिए 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति करने की पेशकश की है.

    आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत प्रतिबद्ध
    आरआईसी बैठक के मुख्य एजेंडे को रखते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह तीन सामयिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करेगा, कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई, बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार और अंतरराष्ट्रीय हॉट स्पॉट मुद्दे. उन्होंने यह भी कहा कि भारत आरआईसी तंत्र के तहत यूरेशिया में तीन सबसे बड़े देशों के बीच घनिष्ठ संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहा है और रहेगा.

    बता दें कि इस आरआईसी की बैठक से पहले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि दुनिया बदलाव और कोविड-19 महामारी के असर का सामना कर रही है और तेज गति से अशांति और परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर गई है. यह मंच अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लोकतंत्र को बढ़ावा देने, एक साथ महामारी से लड़ने, आर्थिक सुधार को बढ़ावा देने, शांति-स्थिरता के लिए दुनिया को वास्तविक बहुपक्षवाद का सकारात्मक संदेश देता है.

    Tags: India china, S Jaishankar

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