बच्ची की पीएम मोदी से अपील, कहा- हमारे कंधों पर मत पड़ने दीजिए ऑक्सीजन सिलेंडर का बोझ

बच्ची की पीएम मोदी से अपील, कहा- हमारे कंधों पर मत पड़ने दीजिए ऑक्सीजन सिलेंडर का बोझ
हरिद्वार (Haridwar) की रिद्धिमा पांडे (Ridhima Pandey) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को जयवायु परिवर्तन यानी क्लाइमेट चेंज (Climate Change) के मुद्दे पर चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने पर्यावरण से जुड़े एक बुरे सपने के बारे में भी पीएम को बताया.

हरिद्वार (Haridwar) की रिद्धिमा पांडे (Ridhima Pandey) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को जयवायु परिवर्तन यानी क्लाइमेट चेंज (Climate Change) के मुद्दे पर चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने पर्यावरण से जुड़े एक बुरे सपने के बारे में भी पीएम को बताया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 2:29 PM IST
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नई दिल्ली. क्लाइमेट चेंज यानी पर्यावरण में तेजी से आ रहे बदलाव और इंसानों पर पड़ रहे उसके बुरे असर को लेकर 12 साल की रिद्धिमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को चिट्ठी लिखी है. उत्तराखंड स्थित हरिद्वारा निवासी रिद्धिमा (Ridhima Pandey) ने इस चिट्ठी में कई ज्वलंत मुद्दों का जिक्र किया है. रिद्धिमा ने इस बाबत एक ट्वीट कर जानकारी दी. उन्होंने लिखा - 'मेरा नाम रिद्धिमा पांडे है. मैं उत्तराखंड के हरिद्वार का रहने वाली 12 वर्षीय छात्रा हूं. मैंने सभी के लिए स्वच्छ हवा की मांग करते हुए हमारे प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है.'

प्रधानमंत्री को भेजे दो पन्ने की चिट्ठी की तस्वीर ट्वीट कर रिद्धिमा ने कहा है कि 'दिल्ली, वाराणसी, आगरा, मुंबई, चेन्नई और कई अन्य  घनी आबादी वाले शहरों में वायु प्रदूषण बहुत अधिक है जो खतरनाक है. यहां रहने वाले लोगों के लिए यह गंभीर बीमारी का कारण भी है. महामारी के बाद हमने वायु प्रदूषण के चलते कोविड 19 के बढ़े मामले और मौतों से जुड़े शोध पढ़े जो बहुत चिंताजनक है.'

एक अन्य ट्वीट में रिद्धिमा ने कहा है कि 'हर साल, भारत के कई हिस्सों में, हवा बहुत प्रदूषित हो जाती है और अक्टूबर के बाद सांस लेना बहुत मुश्किल हो जाता है. मुझे चिंता है कि अगर मेरे जैसे 12 साल के बच्चे को सांस लेने में मुश्किल होती है, तो मुझसे छोटे बच्चों का दिल्ली और अन्य शहरों में क्या हाल होगा.'





आम आदमी कैसे उठाएगा ऑक्सीजन सिलेंडर का खर्च?
उन्होंने कहा कि 'दिल्ली में वायु प्रदूषण इतना खतरनाक हो गया है कि लोग ठीक से सांस भी नहीं ले पा रहे हैं. घुटन महसूस करते हैं. मैं यह इसलिए कह रही हूं क्योंकि मैंने पिछले साल बाल दिवस पर दिल्ली में यह स्थिति देखी थी. मुझे चिंता है कि अगर जल्द ही इस समस्या के बारे में कुछ नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में हमें स्वच्छ हवा में सांस लेने और जिन्दा रहने के लिए अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर रखना होगा. आम आदमी इसे कैसे अफॉर्ड करेगा?'

रिद्धिमा ने कहा - 'एक बार हमारे टीचर ने हमसे हमारे बुरे सपने के बारे में पूछा. मैंने उन्हें बताया कि हवा इतनी प्रदूषित हो गई थी कि मैं ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर स्कूल आ रही थी. यह बुरा सपना अभी भी मेरी सबसे बड़ी चिंता है क्योंकि प्रदूषित हवा आज हमारे देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है.'

लिखा है कि- 'हमारे प्रधानमंत्री के रूप में, आपने जलवायु परिवर्तन को एक वास्तविकता के रूप में स्वीकार किया है. आज भारत के सभी बच्चों की ओर से  मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहती हूं कि कृपया हमारे भविष्य के बारे में सोचें.' पीएम को संबोधित पत्र में कहा गया है कि 'कृपया आप यह सुनिश्चित करने की कृपा करें कि बच्चों की भविष्य में ऑक्सीजन सिलेंडर हम बच्चों के जीवन का जरूरी हिस्सा ना बन जाए.'
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