जयराज-बेनिक्स केस: RJ ने वीडियो शेयर कर जाहिर किया था गुस्सा, अब बोलीं- पुलिस के दबाव में हटाना पड़ा

तमिलनाडु में पिता-पुत्र की मौत पुलिस हिरासत में होने का आरोप है.
तमिलनाडु में पिता-पुत्र की मौत पुलिस हिरासत में होने का आरोप है.

आरजे सुचित्रा के अनुसार, तमिलनाडु पुलिस (Tamil Nadu Police) की ओर से उससे यह वीडियो डिलीट करने के लिए दबाव डाला गया.

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नई दिल्‍ली. तमिलनाडु (Tamilnadu) के तूतिकोरिन में पिछले महीने पुलिस हिरासत में हुई पिता-पुत्र की मौत (Jayaraj-Benicks Case) से संबंधित एक वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने के कारण एक रेडियो जॉकी (RJ Suchitra) को कथित रूप से पुलिस की धमकी का शिकार होना पड़ा. आरजे सुचित्रा नामक इस रेडियो जॉकी के इस वीडियो ने देश भर में लोगों का ध्‍यान इस घटना की ओर खींचा था. इस वीडियो में पिता-पुत्र की मौत से संबंधित ग्राफिक डिटेल भी थी. आरजे के अनुसार, तमिलनाडु पुलिस की ओर से उससे यह वीडियो डिलीट करने के लिए दबाव डाला गया.

आरजे सुचित्रा ने मामले में ट्वीट कर कहा, 'सीबीसीआईडी ​​(क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टि‍गेशन डिपार्टमेंट) ने मुझे फोन किया. इसके बाद मुझे अराजकता पैदा करने के इरादे से फर्जी खबरें फैलाने के लिए गिरफ्तारी की धमकी दी. मैंने अपने वकील की सलाह पर वीडियो डिलीट कर दिया क्‍योंकि उसने कहा था कि वे निश्चित रूप से ऐसा करने में सक्षम हैं. कृपया इस मामले को देखा जाए. इसमें बहुत सारा बेईमानी का खेल है.'






एक अन्य पोस्ट में आरजे सुचित्रा ने कहा, 'वीडियो हटाना महत्वपूर्ण नहीं था. मेरी चिंता का कारण यह है कि उन्‍होंने मुझे बताया कि मैंने वीडियो में पिता पुत्र की मौत से संबंधित जो कुछ भी कहा है, उसमें से कुछ भी पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में पुष्‍ट नहीं होता है. एक सही पोस्टमार्टम अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है. मीडिया आप तब तक चैन से ना बैठें, जब तक कि आपको एक कॉपी नहीं मिल जाती.'

रेडियो जॉकी और प्‍लेबैक सिंगर सुचित्रा के साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ एक्‍ट्रेस प्रियंका चोपड़ा सहित कई हस्तियों ने गुस्सा जाहिर किया. आरजे सुचित्रा के वीडियो में पिता-पुत्र की मौत के संबंध में उनके साथ मलाशय और छाती के बालों के खींचे जाने से संबंधित जानकारी थी. इसके बारे में उन्‍होंने कहा कि यह सब उन्‍हें पीडि़तों के परिवार की ओर से दाखिल की गई एफआईआर में पता चला था.

सोशल मीडिया पर दिए गए एक बयान में सीबीसीआईडी ​​ने कहा, 'इस वीडियो में उसने घटनाओं की श्रृंखला को गलत तरीके से बढ़ाकर बताना और सनसनीखेज बना दिया. उनके सभी आरोप कल्‍पनाशील हैं. उनके पास इसके कोई भी सबूत नहीं हैं. उनका वीडियो पुलिस के खिलाफ नफरत को बढ़ावा दे रहा है.'

बता दें कि तमिलनाडु के तूतिकोरिन में पिता ज जयराज और उनके पुत्र 31 साल के बेनिक इमानुएल को 19 जून को दुकान को रात 8 बजे से अधिक समय तक खुले रखने के लिए लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. परिवार का आरोप है कि उन्हें पूरी रात पुलिस स्टेशन में प्रताड़ित किया गया. जबकि कोविलपट्टी सब जेल में बेनिको ने 22 जून को सीने में दर्द की शिकायत की और उसी रात एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. उनके पिता को तेज बुखार था. अगले दिन उसी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. इस घटना पर बढ़ते आक्रोश के साथ मामला सीबीआई को सौंपा गया था.
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