बिहार पंचायत चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों को जोड़ने की कवायद में RJD, बैठक में हुए अहम फैसले

अल्पसंख्यकों को जोड़ने में जुटी RJD, पंचायत चुनाव के पहले हुए अहम फैसले .

अल्पसंख्यकों को जोड़ने में जुटी RJD, पंचायत चुनाव के पहले हुए अहम फैसले .

आरजेडी (RJD) की नजर इस समय बिहार पंचायत चुनावों पर टिकी है. इसी को लेकर मंगलवार को प्रदेश कार्यलय में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की एक अहम बैठक बुलाई गई. इसमें कई फैसले हुए.

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पटना. राष्ट्रीय जनता दल ( RJD) ने अलपसंख्यकों (Minorities) पर अपनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं. पार्टी की नजर इस समय पंचायत चुनावों (Panchayat Elections) पर टिकी है. इसी को लेकर मंगलवार को प्रदेश कार्यलय में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की एक अहम बैठक बुलाई गई. बैठक में अल्पसंख्यक समुदायों को मजबूत और एकजुट करते हुए आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई. बैठक के दौरान आगामी पंचायत चुनाव में पार्टी समर्थित प्रतिनिधियों को अपना समर्थन देने की बात कही गई है, तो वहीं नरेंद्र मोदी की सरकार को अल्पसंख्यक विरोधी बताया गया.

आरजेडी द्वारा बुलाई गई अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक की शुरुआत बिहार के पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दीप प्रज्वलित कर की. इस कार्यक्रम में अब्दुल बारी सिद्धकी, प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदानंद सिंह और शिवानंद तिवारी सहित कई नेता मौजूद रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद खालिद ने कहा कि हम लोग पार्टी से नहीं भटके हैं, बल्कि नरेंद्र मोदी की सरकार से हम लोगों का अल्पसंख्यक समाज मायूस हैं. भारतीय जनता पार्टी इस देश को बेचने के साथ - साथ अल्पसंख्यक समाज को भी दबाने का काम कर रही है. इसके खिलाफ हम सब एकजुट हैं.

इस दौरान उन्होंने पंचायत चुनाव को लेकर कहा कि पार्टी की तरफ से इस पर कोई निर्णय नहीं आया है. अल्पसंख्यक समाज पार्टी स्तर पर नहीं इंडिपेंडेंट लेवल पर हो रहा है. इसीलिए पंचायत चुनाव को लेकर कोई कुछ भी कहना बेईमानी होगी.

अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता इकबाल अहमद ने कहा कि यह जो बैठक बुलाई गई है, यह बैठक पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए है. तेजस्वी यादव को मजबूत करने के लिए बुलाई गई है. इस बैठक में हमारे तमाम बड़े नेता पूर्व विधायक वर्तमान विधायक सभी लोग मौजूद हैं. वहीं पंचायत चुनाव पर उन्होंने कहा कि हां हम चाहेंगे कि जो पार्टी के करीबी लोग हैं, उनको हमारे नेता चुनाव जीतने को लेकर प्रशिक्षण दें. क्योंकि जब ज्यादा से ज्यादा हमारी पार्टी के लोग मुखिया पार्षद बनेंगे तो संगठन को और भी ज्यादा मजबूती मिलेगी.
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