लाइव टीवी

नए मोटर कानून के बाद दुर्घटना से मौत में भारी कमी: सरकार

भाषा
Updated: November 26, 2019, 5:49 AM IST
नए मोटर कानून के बाद दुर्घटना से मौत में भारी कमी: सरकार
नए मोटर वाहन कानून एक सितंबर से देश भर में लागू हुआ था

नए मोटर वाहन कानून (New Motor Vehicle Act) लागू होने के बाद से देश भर में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है. केंद्र सरकार ने इसके बारे में सोमवार को लोकसभा में जानकारी दी.

  • Share this:
नई दिल्ली. नए मोटर वाहन कानून (New Motor Vehicle Act) के एक सितंबर से अमल में आने के बाद चंडीगढ़ (Chandigarh) सहित कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territory) में सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) में होने वाली मौतों में भारी कमी आई है. सितंबर और अक्टूबर में ऐसे घातक हादसों में 75 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. यह जानकारी सोमवार को संसद को दी गई.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा (Rajya Sabha) को सूचित किया कि सितंबर और अक्टूबर में चंडीगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में केवल दो व्यक्ति मारे गए, जबकि यह संख्या एक साल पहले की समान अवधि में आठ थी. इसी प्रकार पुडुचेरी में वर्ष 2018 के समान अवधि के दौरान हुए सड़क दुर्घटनाओं में मौत की तुलना में हादसे 31 प्रतिशत घटकर केवल नौ रह गई.

गुजरात में मामले 14 प्रतिशत कम
उत्तराखंड (Uttarakhand) में सितंबर और अक्टूबर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या 22 प्रतिशत घटकर 61 रह गई जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह संख्या 78 थी. गडकरी ने कहा कि गुजरात (Gujarat) में मृत्यु भी इन महीनों में घटकर 480 रह गई, जो एक साल पहले की समान अवधि के 557 मौतों के मुकाबले 14 प्रतिशत कम है.

बिहार (Bihar) में इन दो महीनों में, वर्ष 2018 के इन दो महीनों में 459 मौतों की तुलना में समीक्षाधीन अवधि के दौरान, मृत्यु दर 10.5 प्रतिशत घटकर 411 रह गई. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में इस वर्ष सितंबर और अक्टूबर में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या 10 प्रतिशत घटकर 1,355 रह गई जो वर्ष 2018 की सितंबर से अक्टूबर की अवधि में 1,503 के मुकाबले मौतें हुईं.

अब तक किए गए 28 लाख चालान
गडकरी ने कहा कि केरल (Kerala) में सड़क दुर्घटना से संबंधित मौतों में 2.1 प्रतिशत की कमी आई जबकि छत्तीसगढ़ में दुर्घटना से संबंधित मौतों में 4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई. पिछले सप्ताह, सरकार ने संसद (Parliament) को सूचित किया था कि नए मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने के बाद से कुल 577.5 करोड़ रुपये की राशि वाले 38 लाख चालान जारी किए गए हैं. हालांकि, यह कहा गया था कि ‘चालान अदालतों के लिए संदर्भित किए जा रहे हैं इसलिए वास्तविक राजस्व के आंकड़े उपलब्ध नहीं है.
Loading...

तमिलनाडु में सबसे अधिक 14,13,996 चालान काटे गये, जबकि सबसे कम चालान गोवा में यानी 58 चालान ही काटे गये. सरकार ने हाल ही में कहा था कि उसे किसी भी राज्य के द्वारा मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 को लागू नहीं करने के बारे में कोई जानकारी नहीं है. हालांकि, कुछ राज्यों ने अधिनियम के तहत उन्हें दी गई शक्तियों के अनुसार दंड की मात्रा में थोड़ी कमी की है.

सख्त प्रावधानों और उच्च दंड राशि वाले कानून को एक सितंबर से देश में लागू किया गया था.

ये भी पढ़ें-

एशिया पैसिफिक में बेंगलुरु में ऑफिस का किराया सबसे ज्यादा बढ़ा : रिपोर्ट

80 फीसदी लोगों ने माना, आधार से बढ़ी सहूलियतें: सर्वे

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Ahmedabad से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 26, 2019, 3:56 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...