होम /न्यूज /राष्ट्र /

भारत में सड़क दुर्घटनाओं का परिदृश्य कोविड-19 महामारी से अधिक 'खतरनाक': गडकरी

भारत में सड़क दुर्घटनाओं का परिदृश्य कोविड-19 महामारी से अधिक 'खतरनाक': गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (PTI Photo/Atul Yadav)

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (PTI Photo/Atul Yadav)

Road Accidents in India: दुनिया में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौत भारत में होती हैं. देश में प्रतिवर्ष 4.5 लाख सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है जबकि 4.5 लाख से अधिक लोग दिव्यांग हो जाते हैं.

    नई दिल्ली. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union Minister Nitin Gadkari) ने भारत में सड़क दुर्घटनाओं के परिदृश्य को “कोविड-19 महामारी से अधिक खतरनाक” करार देते हुए शनिवार को कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं में किसी व्यक्ति को मौत से बचाकर या चोटों को कम कर प्रति व्यक्ति 90 लाख रुपये बचाए जा सकते हैं. मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुर्घटनाओं से समाज और राष्ट्र पर जबरदस्त बोझ पड़ता है और सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मौत होने से 91.16 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है.

    सड़क परिवहन, राजमार्ग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री गडकरी ने सेव लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से तैयार विश्व बैंक की रिपोर्ट ‘सड़क दुर्घटनाओं में आकस्मिक अभिघात एवं दिव्यांगता: भारतीय समाज पर बोझ’ जारी करते हुए कहा कि उनका मंत्रालय इस चिंताजनक परिदृश्य को लेकर गरीबों के हितों की रक्षा के लिये नीतियां बनाएगा और कई सुधारात्मक कदम उठाएगा.

    ये भी पढ़ें- पाकिस्तान के ‘धोनी’ रिजवान को लेकर सोशल मीडिया पर भिड़े मोहम्मद हफीज और सरफराज

    हर साल भारत में होती हैं एक्सीडेंट से सबसे ज्यादा मौतें
    दुनिया में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौत भारत में होती हैं. देश में प्रतिवर्ष 4.5 लाख सड़क दुर्घटनाओं में 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है जबकि 4.5 लाख से अधिक लोग दिव्यांग हो जाते हैं. इसके अलावा देश के सकल घरेलू उत्पाद के 3.14 प्रतिशत हिस्से का नुकसान हो जाता है.

    गडकरी ने विश्व बैंक की रिपोर्ट को आंखें खोलने वाला करार देते हुए कहा, ’’सरकार के लिये प्रत्येक व्यक्ति का जीवन बहुमूल्य है, फिर चाहे वह गरीब परिवार से हो या अमीर परिवार से. शहरी इलाके से हो या ग्रामीण इलाके से. पुरुष हो या महिला या फिर समाज के किसी भी वर्ग से संबंध रखता हो. परिस्थितियां चिंताजनक हैं…कोविड-19 में बहुत मौतें हुई हैं…लेकिन यह कोविड-19 से भी अधिक खतरनाक है. ’’

    ये भी पढ़ें- दादागीरी: चीन ने WHO को शुरुआती कोरोना केस के आंकड़े देने से किया इनकार

    उन्होंने कहा कि भारत में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने पर 3.65 लाख जबकि मामूली रूप से घायल होने पर 77,938 रुपये का नुकसान होता है और एक व्यक्ति की मौत होने से 91.16 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है.

    उन्होंने कहा, ’’लिहाजा मौत होने पर हुआ नुकसान घायल होने पर होने से वाले नुकसान से 100 गुणा अधिक है. अगर हम सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति को मौत से बचाने में सफल रहते हैं और किसी व्यक्ति को मामूली चोट लगती है तो हम प्रति व्यक्ति 90 लाख रुपये बचा सकते हैं.’’

    (Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)

    Tags: COVID 19, Nitin gadkari, Road Accidents

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर