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राम मंदिर ट्रस्ट का रोडमैप हुआ तैयार, इन सुविधाओं पर करना होगा फोकस

News18Hindi
Updated: February 6, 2020, 11:50 AM IST
राम मंदिर ट्रस्ट का रोडमैप हुआ तैयार, इन सुविधाओं पर करना होगा फोकस
भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए 15 सदस्यीय एक स्वतंत्र ट्रस्ट का गठन कर दिया गया है. (फाइल फोटो)

बता दें कि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है वह ट्रस्ट के कामकाज में कोई भी दखल नहीं देगी. 15 सदस्यों वाले इस ट्रस्ट में 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य रखे जाएंगे.

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  • Last Updated: February 6, 2020, 11:50 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से बुधवार को अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राम मंदिर (Ram temple) के निर्माण के लिए 15 सदस्यीय एक स्वतंत्र ट्रस्ट का गठन कर दिया गया है. इस ट्रस्ट के गठन के साथ ही अब उसका रोडमैप भी सामने आ गया है. इसके तहत ट्रस्ट से खास तौर पर राम मंदिर के निर्माण में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने को कहा गया है. बता दें कि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है वह ट्रस्ट के कामकाज में कोई भी दखल नहीं देगी. 15 सदस्यों वाले इस ट्रस्ट में 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य रखे जाएंगे.

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए अभी किसी नए कार्यालय का गठन नहीं किया गया है. फिलहाल ये ट्रस्ट अपना काम R-20, ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 से ही करेगा. यही से तय होगा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए धन कहां से आएगा और इसी रूप रेखा कैसी होगी. मंदिर निर्माण में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने का काम भी ट्रस्ट को ही करना होगा. केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि ट्रस्ट के किसी भी काम पर उसका दखल नहीं होगा. ट्रस्ट को साफ तौर पर कहा गया है कि राम मंदिर निर्माण में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का खास तौर पर ध्यान रखा जाए. श्रद्धालुओं के लिए अन्नक्षेत्र, किचन, सराय, म्यूजियम और गौशाला का भी इंतजाम करना होगा.

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी किसी भी व्यक्ति, संस्था से अनुदान, चल-अचल संपत्ति स्वीकार कर सकेंगे. इसी के साथ ट्रस्ट को लोन लेने की भी छूट होगी. ट्रस्ट का कामकाम सुचारू रूप से चलाने के लिए ट्रस्टी बोर्ड अध्यक्ष और मैनेजिंग ट्रस्टी की नियुक्ति करेगा. ट्रस्ट का अध्यक्ष सभी तरह की बैठकों की अध्यक्षता करेगा. वहीं, जनरल सेक्रेटरी और कोषाध्यक्ष की भी निुयक्ति की जाएगी.

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राम मंदिर के निर्माण के लिए मिले दान का इस्तेमाल केवल ट्रस्ट के कामों के लिए होगा. इसी के साथ ट्रस्ट से जुड़ी किसी भी अचल संपत्ति को बेचने का अधिकार ट्रस्टीज के पास नहीं होगा. ट्रस्ट को राम मंदिर के निर्माण के लिए मिलने वाले दान और खर्च का पूरा हिसाब रखना होगा. इसके लिए बैलेंस शीट बनानी होगी और इसका ऑडिट भी कराया जाएगा.

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First published: February 6, 2020, 11:14 AM IST
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