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कश्मीर: हजरतबल दरगाह की ओर जाने वाली सड़कें बंद, जनजीवन प्रभावित

भाषा
Updated: November 10, 2019, 4:54 PM IST
कश्मीर: हजरतबल दरगाह की ओर जाने वाली सड़कें बंद, जनजीवन प्रभावित
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को 99वें दिन भी समूची घाटी में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है क्योंकि सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहे और बाजार भी दोपहर तक कुछ ही घंटों के लिये खुले.

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को 99वें दिन भी समूची घाटी में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है क्योंकि सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहे और बाजार भी दोपहर तक कुछ ही घंटों के लिये खुले.

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श्रीनगर. अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले और ईद-मिलाद-उन-नबी (Eid-Milad-un-Nabi) को देखते हुए श्रीनगर (Srinagar) में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये हजरत बल दरगाह (Hazratbal Daragah) की ओर जाने वाली सभी सड़कों को अधिकारियों ने रविवार को एहतियातन सील कर दिया.

न्यायालय के फैसले से पहले अधिकारियों ने शनिवार को समूचे जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) केंद्र शासित क्षेत्र (Union Territory) में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगायी.

जुलूस की नहीं मिली इजाज़त
अधिकारियों ने रविवार को न तो पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन के जश्न में निकाले जाने वाले ईद-मिलाद-उन-नबी के बड़े जुलूस की इजाजत दी और न ही हजरत बल दरगाह की ओर ऐसे किसी बड़े जुलूस को जाने की अनुमति दी गयी. हजरत बल दरगाह में पैगम्बर मोहम्मद के पवित्र अवशेष हैं.

इससे पहले भी कश्मीर (Kashmir) में सभी बड़े धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं मिली थी. यहां तक कि श्रीनगर के पुराने शहर के खोजेबाजार इलाके में हजरत नक्शबंद साहिब के दरगाह पर होने वाली पारंपरिक खोजे-दिगर की नमाज की भी अनुमति नहीं मिली थी.

जामा मस्जिद में नहीं हुई नमाज
अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधानों को हटाने और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटने के केंद्र के फैसले के बाद से यहां शुक्रवार को ऐतिहासिक जामा मस्जिद (Jama Masjid) में सामूहिक प्रार्थना की अनुमति नहीं है.
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अधिकारियों ने बताया कि रविवार को 99वें दिन भी समूची घाटी में सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है क्योंकि सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहे और बाजार भी दोपहर तक कुछ ही घंटों के लिये खुले. उन्होंने बताया कि उपद्रवी और आतंकवादी अघोषित बंद का विरोध करने के लिये भय का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि जहां दुकानें खुलती हैं या सड़क किनारे रेहड़ी पटरी वाले अपना कारोबार करते हैं, वहां बंद को लागू करने लगातार प्रयास किया जा रहा है.

हाल ही में हुए दो ग्रेनेड
अधिकारियों ने बताया कि शहर के व्यस्त गोनी खान बाजार और काका सराय इलाकों में हाल में दो ग्रेनेड हमले हुए जो इस बात के संकेत हैं कि बंद को जारी रखने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. स्थानीय रूप से ‘रविवार बाजार’ के नाम से मशहूर साप्ताहिक बाजार खुले थे और टीआरसी चौक-लाल चौक सड़क पर कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें लगायी थीं.

गत पांच अगस्त से ही प्रीपेड मोबाइल फोन और सभी इंटरनेट सेवाएं लगातार बंद हैं.

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First published: November 10, 2019, 4:54 PM IST
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