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राजीव गांधी हत्याकांड का दोषी 28 साल में पहली पैरोल पर आया जेल से बाहर

भाषा
Updated: November 25, 2019, 10:48 PM IST
राजीव गांधी हत्याकांड का दोषी 28 साल में पहली पैरोल पर आया जेल से बाहर
पायस श्रीलंकाई नागरिक है और 16 अगस्त 1991 से ही जेल में है (फाइल फोटो)

रॉबर्ट पायस (Robert Pious) श्रीलंकाई नागरिक है और 16 अगस्त 1991 से ही जेल (Jail) में है.

  • भाषा
  • Last Updated: November 25, 2019, 10:48 PM IST
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चेन्नई. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड (Rajiv Gandhi Murder Case) में दोषी रॉबर्ट पायस (Robert Pious) 28 साल में पहली बार सोमवार को 30 दिन के लिए पैरोल (Parole) पर जेल (Jail) से बाहर आया.

वरिष्ठ जेल अधिकारी (Senior Jail Officer) ने को बताया कि आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा काट रहे पायस को पुझल केंद्रीय कारागार से 21 नवंबर को मद्रास उच्च न्यायालय (Madras High Court) के आदेश पर रिहा किया गया. उन्होंने बताया कि अदालत ने पायस को बेटे तमिलको की शादी की व्यवस्था करने के लिए यह राहत दी है.

श्रीलंकाई नागरिक है पायस, 1990 में पत्नी के साथ आया था भारत
पायस श्रीलंकाई नागरिक है और 16 अगस्त 1991 से ही जेल में है. वह 1990 में पत्नी के साथ भारत आया था और अभी छह दोषियों के साथ उम्र कैद (Life Imprisonment) की सजा काट रहा है.

अधिकारी ने बताया, ‘‘पैरोल देने के लिए उस पर कई शर्ते लगाई गई है जिसमें किसी भी राजनीतिक पार्टी (Political Party) के नेता से मुलाकात पर रोक शामिल है.’’

अच्छे व्यवहार के बावजूद जेल से नहीं मिली थी कोई छुट्टी
कड़ी सुरक्षा के बीच पायस नीले रंग की शर्ट और डेनिम जींस में बाहर आया और उसे चेन्नई के उपनगर नीलनकराई में एक घर में ले जाया गया जहां वह पैरोल (Parole) के दौरान रहेगा.
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न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति आरएमटी टीका रमन ने पायस को 25 नवंबर से 24 दिसंबर तक की पैरोल दी है. इससे पहले पायस ने अदालत (Court) को बताया कि वह वास्तव में 28 साल से अधिक कारावास में बिता चुका है और अच्छे व्यवहार के बावजूद उसे कोई छुट्टी नहीं मिली है.

तमिलनाडु सरकार से जून में मांग चुका है इच्छा मृत्यु
उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक 24 दिसंबर को शाम पांच बजे उसे जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण करना है. पायस ने जून में तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) के समक्ष याचिका दायर कर इच्छा मृत्यु की मांग की थी.

उल्लेखनीय है कि राजीव गांधी हत्याकांड में छह अन्य मुरुगन, उसकी पत्नी नलिनी, संतन, पेरारीवलन, रविचंद्रन, जयकुमार भी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. राजीव गांधी की 21 मई 1991 को श्रीपेरम्बदूर में लिबरेशन ऑफ तमिल टाइगर्स इलम (LTTE) ने आत्मघाती हमले में हत्या कर दी थी.

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First published: November 25, 2019, 10:48 PM IST
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