टीवी न्यूज एंकर रोहित सरदाना का RTPCR टेस्‍ट आया था नेगेट‍िव, जानें फिर कैसे पता चला कि कोरोना है

आज तक न्‍यूज चैनल के मशहूर न्यूज एंकर रोहित सरदाना की शुक्रवार को न‍िधन हो गया.

आज तक न्‍यूज चैनल के मशहूर न्यूज एंकर रोहित सरदाना की शुक्रवार को न‍िधन हो गया.

Rohit Sardana Passed Away: वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने ट्वीट कर बताया, 'अब से थोड़ी पहले जितेंद्र शर्मा का फोन आया. उसने जो कहा सुनकर मेरे हाथ कांपने लगे. हमारे मित्र और सहयोगी रोहित सरदाना की मृत्यु की ख़बर थी. ये वायरस हमारे इतने क़रीब से किसी को उठा ले जाएगा ये कल्पना नहीं की थी. इसके लिए मैं तैयार नहीं था. यह भगवान की नाइंसाफ़ी है...। ॐ शान्ति.'

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  • Last Updated: April 30, 2021, 2:35 PM IST
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आज तक न्‍यूज चैनल के मशहूर न्यूज एंकर रोहित सरदाना की शुक्रवार को न‍िधन हो गया. बताया जा रहा है क‍ि वह कोरोना पॉज‍िट‍िव थे और आज सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका न‍िधन हो गया. आपको बता दें क‍ि रोह‍ित सरदाना ने 24 अप्रैल को ट्वीट कर जानकारी दी थी क‍ि वह कोरोना पॉज‍िट‍िव हैं. उन्‍होंने बताया था क‍ि उनकी आरटीपीसीआर र‍िपोर्ट न‍ेगेट‍िव आई थी लेक‍िन सीटीस्‍कैन से कोव‍िड की पुष्‍टि हो गई थी. इस ट्वीट में उन्‍होंने बताया था की एक हफ्ते से उन्‍हें पहले बुखार था और बाकी लक्षण आने के बाद टेस्‍ट कराया था. इसके साथ उन्‍होंने बताया था क‍ि हालात पहले से बेहतर हैं. आप सभीभ अपना और अपने पर‍िवारजनों का ख्‍याल रखें.

बताया जा रहा है रोह‍ित सरदाना को शुक्रवार को सुबह हार्ट अटैक आया था इसके बाद उन्‍हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन बचाया नहीं जा सका. वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने ट्वीट कर बताया, 'अब से थोड़ी पहले जितेंद्र शर्मा का फोन आया. उसने जो कहा सुनकर मेरे हाथ कांपने लगे. हमारे मित्र और सहयोगी रोहित सरदाना की मृत्यु की ख़बर थी. ये वायरस हमारे इतने क़रीब से किसी को उठा ले जाएगा ये कल्पना नहीं की थी. इसके लिए मैं तैयार नहीं था. यह भगवान की नाइंसाफ़ी है...। ॐ शान्ति.'

आख‍िर रोह‍ित सरदान की आरटीपीसीआर र‍िपोर्ट नेगेट‍िव आई और उन्‍हें कोरोना का पता लगाने के ल‍िए सीटीस्‍कैन कराने की जरूरत क्‍यों पड़ी? दरअसल, म्यूटेंट वायरस का हमला होने पर कोरोना के नए-नए लक्षण दिख रहे हैं, ऐसे में मरीज खुद को सामान्य मानते हुए जांच में देर कर देता है. यहां तक कि कोरोना की जांच के प्रचलित तरीके एंटीजन और RTPCR से भी कोरोना पकड़ में नहीं आ पा रहा. ऐसे में जब छाती का सीटी-स्कैन किया जा रहा है. इसके स्कोर के आधार पर संक्रमण और उसकी स्टेज समझी जा रही है.

जांच के प्रचलित तरीके हुए बेअसर
विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण की मौजूदा लहर में ज्यादातर मरीजों का संक्रमण कोविड के पुराने प्रचलित तरीकों से पता नहीं चल पा रहा. ऐसे में नुकसान ये हो रहा है कि खुद को निगेटिव मानते हुए वे आइसोलेट नहीं होते और संक्रमण बढ़ता चला जाता है. पॉजिटिव होने के बाद भी जांच में निगेटिव आने वाले ये मरीज नई चुनौती बन चुके हैं. लेकिन क्या वजह है कि पुरानी जांच मैथड नए मरीजों पर काम नहीं कर रहीं और सीने के सीटी स्कैन में ये किस तरह समझ में आ पाता है. इसे समझने की जरूरत है.

इस बारे में लाला लाजपत राय मैमोरियल मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ एके तिवारी (Dr AK Tiwari) बताते हैं कि नए मरीजों में एंटीजन और RTPCR के संक्रमण के बाद भी निगेटिव आने की दो वजहें हो सकती हैं.

इसकी दो वजह होती हैं



एक कारण तो ये हो सकता है कि म्यूटेंट वायरस, प्रवेश के बाद नाक या मुंह में ज्यादा देर न ठहरते हुए सीधे लंग्स तक पहुंच जाते हों. इसकी वजह से जब नाक या मुंह से सैंपल लेते हैं तो वहां गैरमौजूद मिलते हैं, वहीं सीटी स्कैन में ये पकड़ाई में आ जाते हैं. जांच में न आने की एक और वजह ये भी हो सकती है कि नाक या मुंह से जो सैंपल लिया जा रहा हो, वो सही जगह से न लिया जा रहा हो.

इस वजह से पड़ती है सीटी स्कैन कराने की जरूरत

यही कारण है कि संक्रमित लोगों के ये दोनों टेस्ट निगेटिव आने के बाद भी उनमें कोरोना के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर सीटी स्कैन करते हैं. इससे न केवल ये पता चल जाता है कि मरीज वाकई में कोरोना संक्रमण का शिकार है, बल्कि संक्रमण का स्तर पर पता लगता है. यानी मरीज माइल्ड लक्षण वाला है या फिर बीमारी ने लंग्स पर असर डालना शुरू कर दिया.

-आमतौर पर चेस्ट के सीटी स्कैन सीवियारिटी स्कोर को डिजिट्स में देखा जाता है. इसे समझने के लिए थोड़ा-सा लंग्स को समझते चलते हैं. ये पांच लोब्स में बंटा होता है और सबको स्कोर मिला होता है.

- इसमें 1 स्कोर का मतलब है फेफड़े सामान्य ढंग से काम कर रहे हैं. ये 5% लंग इनवॉल्वमेंट को दिखाता है.

- स्कोर 5–25% के बीच होने को भी लगभग सामान्य माना जाता है. इसमें लोब्स का इन्वॉल्वमेंट 5–25% तक तक होता है.

- स्कोर 25% से ज्यादा होना खतरे को बताता है. ये मॉडरेट से लेकर गंभीर खतरे तक चला जाता है, जिसका स्कोर 25 से लेकर 75% तक जा सकता है.

सीटी स्कैन कब कराना चाहिए

25% से ज्यादा स्कोर होने पर फेफड़े के सीटी स्कैन में दिख जाता है और डॉक्टर उसी के अनुसार इलाज करते हैं. वैसे कोरोना के संक्रमण वाले मरीजों के लिए सुझाया जा रहा है कि वे होम आइसोलेशन में रहते हुए ही जांच की रिपोर्ट का इंतजार करें. अगर शुरुआती जांच निगेटिव आने पर भी लक्षण महसूस हो रहे हों तो इसे गंभीरता से लें और HRCT कराएं यानी थोरैक्स सीटी स्कैन. इससे संक्रमण है या नहीं, से लेकर उसकी गंभीरता भी पता चल जाएगी.
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