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महाराष्‍ट्र में NPR पर रार, कांग्रेस आलाकमान ने सीएम उद्धव ठाकरे को सख्‍ती से याद दिलाया गठबंधन धर्म

News18Hindi
Updated: February 20, 2020, 12:22 PM IST
महाराष्‍ट्र में NPR पर रार, कांग्रेस आलाकमान ने सीएम उद्धव ठाकरे को सख्‍ती से याद दिलाया गठबंधन धर्म
महाराष्‍ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि एनपीआर जनगणना का हिस्‍सा तो कांग्रेस के महाराष्‍ट्र प्रभारी बोले, एनपीआर और जनगणना बिलकुल अलग हैं.

महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने नेशनल पॉप्‍यूलेशन रजिस्‍टर (NPR) को राज्‍य में लागू किए जाने पर सहमति जता दी है. एनपीआर को लेकर उनके बयान से नाराज कांग्रेस आलाकमान (Congress High Command) ने कहा है, उन्‍हें याद रखना चाहिए कि वह एक गठबंधन सरकार (Coalition Government) का नेतृत्‍व कर रहे हैं.

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  • Last Updated: February 20, 2020, 12:22 PM IST
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नई दिल्‍ली. महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को राज्‍य में नेशनल पॉप्‍यूलर रजिस्‍टर (NPR) प्रक्रिया लागू करने में कोई दिक्‍कत नहीं है. इससे शिवसेना (Shiv Sena) की महाराष्‍ट्र में गठबंधन सगहयोगियों एनसीपी (NCP) व कांग्रेस (Congress) के साथ तकरार की स्थिति पैदा हो गई है. कांग्रेस आलाकमान ने ठाकरे के एनपीआर लागू करने को लेकर जताई गई सहमति पर बुधवार को नाराजगी जताई है. साथ ही उन्‍हें याद दिलाया कि वह महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में गठबंधन सरकार (Coalition Government) का नेतृत्‍व कर रहे हैं.

शिवसेना ने कहा- सोच-समझकर लिया फैसला, वापस नहीं लेंगे
कांग्रेस महासचिव और महाराष्‍ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने कहा, 'हमारा स्‍टैंड साफ है. हम एनपीआर लागू नहीं करेंगे. उद्धव ठाकरे ने जो भी कहा है, वो उनका व्‍यक्तिगत मत है.' उन्‍होंने कहा, 'हम ठाकरे को बता दें कि कोई भी फैसला तीनों गठबंधन दलों को एकसाथ लेना चाहिए. उन्‍हें राज्‍य में एनपीआर को लागू करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए.' वहीं, शिवसेना सूत्रों का कहना है कि मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एनपीआर पर बहुत सोच-समकर फैसला लिया है. इसे वापस नहीं लिया जाएगा. साथ ही कहा कि एनपीआर और भीमा कोरेगांव (Bhima Koregaon) मामलों पर अलग-अलग रुख को लेकर गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है.

ठाकरे ने कहा- सीएए से किसी भारतीय को नहीं होगी दिक्‍कत



ठाकरे ने सोमवार को कहा कि महाराष्‍ट्र सरकार राज्‍य में एनपीआर के लिए डाटा कलेक्‍शन (Data Collection) में कोई रुकावट नहीं डालेगी. उन्‍होंने कहा कि एनपीआर नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) से अलग है. एनपीआर जनगणना (Census) का हिस्‍सा है. एनपीआर को हर 10 साल में अपडेट किया जाता है. साथ ही कहा कि उनकी सरकार राज्‍य में एनसीआर को समर्थन नहीं करेगी. जब उनसे नागरकिता संशोधन कानून 2019 (CAA 2019) पर सवाल पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि इससे किसी भारतीय पर बुरा असर नहीं पड़ेगा.

खड़गे ने कहा, जोड़े गए नए सवालों से लोग होंगे परेशान
खड़गे ने कहा कि एनपीआर और जनगणना दोनों अलग हैं. केंद्र सरकार ने एनपीआर में माता-पिता के जन्‍मस्‍थान (Birth Place) और जन्‍मतिथि (Date of Birth) जैसे कई सवाल जोड़ दिए हैं. अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पिछड़ा वर्ग (BC) के अशिक्षित लोग अपने माता-पिता के जन्‍म स्‍थान व जन्‍मतिथि के बारे में नहीं बता पाएंगे. ऐसे में वे ऐसे लोगों के नाम के आगे 'संदिग्‍ध' (Questionable) लिख देंगे. फिर जब वे एनआरसी लागू करेंगे तो कहेंगे कि इस व्‍यक्ति की नागरिकता संदिग्‍ध है. इसके बाद उसकी जांच की जाएगी. जांच पूरी होने तक उसे भारतीय नागरिक होने का कोई फायदा नहीं मिलेगा. उसे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर किया जाएगा. इसके बाद उसे एक प्रमाणपत्र के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा.

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First published: February 20, 2020, 12:22 PM IST
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