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जम्‍मू-कश्‍मीर: नजरबंद 31 नेताओं पर 90 दिनों में खर्च हो गए 2.65 करोड़ रुपये

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Updated: November 5, 2019, 7:25 AM IST
जम्‍मू-कश्‍मीर: नजरबंद 31 नेताओं पर 90 दिनों में खर्च हो गए 2.65 करोड़ रुपये
जम्‍मू कश्‍मीर के 31 नेताओं को तीन महीने में नजरबंद करने के दौरान 2.65 करोड़ रुपये का खर्च आया है.

जम्‍मू कश्‍मीर (Jammu Kashmir) में नजरबंद किए गए नेताओं को अब शिफ्ट करने का प्‍लॉन बनाया जा रहा है.

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  • Last Updated: November 5, 2019, 7:25 AM IST
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(आकाश हसन)

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के बाद सुरक्षा के लिहाज से हिरासत में लिए गए वहां के प्रमुख नेताओं को डल-झील (Dal-Lake) के किनारे स्थित संतूर होटल (Centaur Hotel) से शिफ्ट करने पर मंथल चल रहा है. नेशनल कांफ्रेंस (NC), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) और पीपुल्स कांफ्रेंस सहित कई पार्टियों के लगभग 31 प्रमुख नेताओं को जिस होटल में रखा गया है वह इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (ITDC) का है.

बता दें कि जम्‍मू कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 के सभी खंड निस्प्रभावी होने के बाद राज्‍य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया है. अब जम्‍मू कश्‍मीर अलग केंद्रशासित प्रदेश है और लेह लद्दाख अलग है. जम्‍मू कश्‍मीर प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने न्‍यूज18 के साथ बातचीत में बताया, 'हम नेताओं को शिफ्ट करने की सोच रहे हैं, इसके लिए वैकल्पिक स्‍थान की तलाश की जा रही है.' सूत्रों के अनुसार, नजरबंद नेताओं को एमए रोड स्थित एमएलए हॉस्‍टल या फिर शहर के किसी अन्‍य होटल में शिफ्ट किया जा सकता है.

अधिकारी ने कहा, 'हम होटल में नेताओं को नजरबंद करने के कारण शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में कार्यक्रमों को आयोजित नहीं कर पा रहे हैं. इसके अलावा होटल में रखे गए नेताओं पर हुए खर्च का बिल भी अधिकारियों के लिए गंभीर विषय है.' आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि होटल के प्रबंधन ने तीन महीने की नजरबंदी के लिए गृह मंत्रालय को 2.65 करोड़ रुपये का बिल सौंपा है. हालांकि अधिकारियों ने तर्क दिया है कि होटल को सरकारी दरों के अनुसार भुगतान किया जाएगा.

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प्रति बंदी 5,000 रुपए का चार्ज
अधिकारियों ने कहा कि सरकार से प्रति बंदी 5000 रुपये लिए जा रहे थे, लेकिन 800 रुपये ही मंजूर किए जाएंगे. होटल में बंद किए गए बंदियों में पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सजाद लोन, नेकां के अली मोहम्मद सागर, पीडीपी के नईम अख्तर और पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल शामिल हैं.
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अधिकारी के अनुसार, दो लोगों को एक कमरे में रखा जा रहा है. बंदियों को दोपहर के भोजन और रात के खाने के लिए केवल शाकाहारी भोजन परोसा जा रहा है. बंदियों को हफ्ते में एक बार नॉनवेज भोजन परोसा जा रहा है.

यहां नजरबंद हैं मुफ्ती, अब्दुल्ला और फारुक
जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला भी नजरबंद हैं. मुफ्ती को चश्मे शाही में पर्यटन विभाग की हट में रखा गया है और अब्दुल्ला नेहरू जलवायु नजरबंद हैं.

तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा लोकसभा सदस्य, फारूक अब्दुल्ला को उनके निवास पर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया है. अधिकारियों ने कहा कि तीन शीर्ष राजनेताओं को स्थानांतरित करने की कोई योजना नहीं है.

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First published: November 4, 2019, 11:44 PM IST
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