संसदीय समिति के कामकाज पर दिखेगा कोरोना का असर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो सकती है बैठक

कुछ सीटों पर जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है.
कुछ सीटों पर जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है.

सूत्रों ने कहा कि राज्य सभा के अध्यक्ष एम वैंकेया नायडू (Rajya Sabha Chairman M Venkaiah Naidu) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने सेक्रेटरी जनरलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संसदीय समिति की बैठकें आयोजित करने के बारे में सभी मुद्दों की जांच करने और आगे विचार करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा.

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नई दिल्ली. राज्य सभा के अध्यक्ष एम वैंकेया नायडू (Rajya Sabha Chairman M Venkaiah Naidu) और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने सोमवार को COVID-1 के चलते जारी लॉकडाउन के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संसदीय समिति की बैठक (Parliamentary Committee Meetings) आयोजित करने की संभावना पर चर्चा की और दोनों सदनों के सेक्रेटरी जनरलों से इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए. नायडू और बिरला ने 25 मार्च से लगाए गए नोवल कोरोनो वायरस (Coronavirus) के प्रसार को रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) के चौथे चरण के पहले दिन राज्यसभा के सभापति के कक्ष में मुलाकात की.

सेक्रेटरी जनरल पेश करेंगे रिपोर्ट
सूत्रों ने कहा कि राज्यसभा और लोकसभा सेक्रेटरी जनरलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संसदीय समिति की बैठकें आयोजित करने के बारे में सभी मुद्दों की जांच करने और आगे विचार करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है. इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों की यह दूसरी बैठक है. पहली बैठक 7 मई को हुई थी.

सूत्रों ने कहा कि सोमवार को हुई चर्चा में नायडू और बिरला को सेक्रेटरी जनरलों ने विशेष रूप से राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा प्रदान की जाने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए एक सुरक्षित तकनीकी मंच के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को सक्षम करने के लिए रखी जाने वाली तकनीकी व्यवस्था और समितियों की वर्चुअल बैठकों के दौरान सामने आने वाले मुद्दों के बारे में भी जानकारी दी गई.
विपक्षी दलों ने की बैठक की मांग


सूत्रों ने कहा कि नायडू और बिरला ने लॉकडाउन के दौरान संसद सदस्यों की गतिविधियों पर भी चर्चा की और कुछ राज्यों में उनकी आवाजाही पर प्रतिबंध पर भी चर्चा की. संसदीय समितियों के कुछ अध्यक्षों और कई विपक्षी सदस्यों ने तुरंत संसदीय पैनल की बैठक आयोजित करने की मांग की है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी तुरंत इस तरह की बैठकें आयोजित करने का आह्वान किया, यह देखते हुए कि कुछ देशों में संसदों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपने सत्र आयोजित किए हैं.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, जो गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं, पहले ही अध्यक्ष को इस तरह की बैठकें जल्द आयोजित करने की मांग करते हुए लिख चुके हैं. चिदंबरम ने सरकार पर "अवसरवादी" होने और संसदीय चर्चा और जांच को दरकिनार करने का आरोप लगाया.' दोनों ने कहा है कि सरकार द्वारा घोषित आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज पर संसदीय जांच के हिस्से के रूप में समिति की बैठकों में चर्चा की जानी चाहिए.

कांग्रेस नेता शशि थरूर, जो सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय समिति के अध्यक्ष हैं, ने भी पैनल मीटिंगों के जल्द आयोजन के लिए स्पीकर को लिखा है. उन्होंने कनाडा सहित अन्य संसदों के उदाहरणों का हवाला दिया, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना सत्र आयोजित कर रहे हैं.

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