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अयोध्या फैसले से पहले RSS-BJP ने की बैठक, सभी से शांति और एकता बनाए रखने की अपील

भाषा
Updated: November 5, 2019, 8:51 PM IST
अयोध्या फैसले से पहले RSS-BJP ने की बैठक, सभी से शांति और एकता बनाए रखने की अपील
सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले पर कुछ ही दिनों में फैसला सुना सकता है.

अयोध्या फैसले (Ayodhya Verdict) से पहले हुई इस बैठक में शामिल होने वाले लोगों को उन तत्वों से सावधान रहने के लिए आगाह किया जो अपने स्वार्थों के लिए समाज के सौहार्द और एकता को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर सकते हैं.

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नई दिल्ली. अयोध्या फैसले (Ayodhya Verdict) से पहले मुस्लिम समुदाय तक पहुंच बनाने के लिए आरएसएस (RSS) और भाजपा (BJP) के प्रयासों के तहत मुस्लिम समुदाय के मौलवियों, शिक्षाविदों और प्रमुख हस्तियों के साथ यहां मंगलवार को एक बैठक आयोजित की गई. बैठक में भाग लेने वालों ने सामाजिक समरसता और एकता बनाए रखने पर जोर दिया.

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbass Naqvi) के घर पर हुई इस बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता कृष्ण गोपाल और रामलाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन और बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के प्रमुख सदस्य शामिल हुए.

बैठक में मौजूद लोगों ने सामाजिक-सांप्रदायिक सौहार्द की रक्षा करने और उसे मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने कहा कि सभी दशाओं में देश में भाईचारे और एकता को बनाए रखा जाएगा.

बैठक में शामिल हुई थीं हस्तियां

सूत्रों ने बताया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiyat Ulema-E-Hind) के महासचिव महमूद मदनी, फिल्म निर्माता मुजफ्फर अली, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) के सदस्य कमल फारुकी, पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी और शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद बैठक में मौजूद प्रमुख मुस्लिम हस्तियों में शामिल थे.

बैठक में शामिल होने वालों ने उन तत्वों से सावधान रहने के लिए आगाह किया जो अपने निहित स्वार्थों के लिए समाज के सौहार्द और एकता को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर सकते हैं.

सूत्रों के अनुसार नकवी ने कहा, ‘‘विविधता में एकता हमारी सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है.’’ उन्होंने बैठक में कहा कि समाज के सभी वर्गों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि वह एकता की इस शक्ति की रक्षा करें.
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सोशल मीडिया पर 16 हजार लोग रखेंगे नजर
वहीं अयोध्या मामले पर फैसला आने से पहले फैजाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पर नजर रखने के लिए 16 हजार स्वयंसेवियों को तैनात किया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर जब आदेश आएगा, उस समय शांति कायम रखने के लिए जिले के 1,600 स्थानों पर भी इतनी ही संख्या में स्वयंसेवियों को रखा गया है. एसएसपी ने कहा कि वो आतंकी हमलों, सांप्रदायिक दंगों, जन आक्रोश और विवादित स्थल पर किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और सभी खामियों को भी ध्यान में रखा गया है

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई 17 नवंबर को अपनी सेवानिवृत्ति से पहले मामले में फैसला सुना सकते हैं.

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First published: November 5, 2019, 8:24 PM IST
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