RSS प्रमुख मोहन भागवत की ट्विटर पर एंट्री, बस एक हैंडल को करते हैं फॉलो

Anup Gupta | News18Hindi
Updated: July 1, 2019, 12:06 PM IST
RSS प्रमुख मोहन भागवत की ट्विटर पर एंट्री, बस एक हैंडल को करते हैं फॉलो
मोहन भागवत भी अब ट्विटर पर ट्वीट करते नजर आएंगे.

मोहन भागवत के ट्विटर पर आने को इसलिए बड़ा कदम माना जा रहा है कि क्योंकि उनके फॉलोवर और उनकी विचारधारा के समर्थन करने वाले देश के सभी हिस्सों में मौजूद हैं.

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत की ट्व‌िटर पर एंट्री हो गई है. संघ प्रमुख मोहन भागवत के ट्विटर ज्वाइन करके आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश जोशी, सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, सुरेश सोनी, कृष्‍ण गोपाल, वी भागैह, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार व अनिरुद्ध देशपांडे की कड़ी को आगे बढ़ाया है. सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए सबसे तेज इस माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट पर इसे संघ का एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

हालांकि आरएसएस संस्‍था का ट्विटर हैंडल पहले से ही ट्विटर पर काफी मशहूर है. ट्विटर पर आरएसएस के हैंडल को 1.31 मिलियन (करीब 13 लाख 10 हजार) लोग फॉलो करते हैं. आरएसएस के प्रमुख पदाधिकारियों के ट्विटर पर आते ही उनके फॉलोवर की संख्या बढ़ने लगी है. हालांकि उन्होंने अभी कोई ट्वीट नहीं किया है.

मोहन भागवत बस इन्हें करते हैं फॉलो
मोहन भागवत का यह वेरिफाइड ब्लू टिक मार्क हैंडल है. इससे होने वाले सभी ट्वीट को उनके बयान के तौर पर देखा जाएगा. हालांकि ट्व‌िटर पर आने के बाद अभी तक उन्होंने कोई ट्वीट नहीं किया है. अब तक उनके द्वारा महज एक हैंडल को फॉलो किया गया है. यह हैंडल आरएसएस का आधिकारिक हैंडल है.



भैयाजी भी आए ट्विटर पर
सुरेश भैयाजी जोशी ने भी अपने प्रमुख के साथ ट्विटर पर एंट्री की है, लेकिन उन्होंने ने भी अभी कोई ट्वीट नहीं किया है. उनका एक 54 लाख लाइक वाला फेसबुक पेज भी पहले से सोशल मीडिया में मौजूद है.
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इसलिए ट्विटर पर आए हैं मोहन भागवत
मोहन भागवत के ट्विटर पर आने को इसलिए बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि उनके फॉलोवर और उनकी विचारधारा के समर्थन करने वाले देश के सभी हिस्सों में मौजूद हैं. आमतौर पर उनकी बात तात्कालिक तौर पर बिना मीडिया में आए पूरे देश में नहीं पहुंच पाती.

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हाल ही में उन्होंने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर कई टिप्पणी की थी. इनका एक व्यापक असर पड़ा था. उन्होंने सरकार को उसकी जिम्मेदारी की याद दिलाते हुए प्रदेश के हर शख्स की सुरक्षा करने को कहा था. साथ ही प्रदेश में कानून-व्यवस्‍था के चरमराने के बारे में भी शिकायत की थी. उन्होंने कहा, सूबे में हाल में हुई हत्याओं में मारे जाने वाले हो सकता है किसी पार्टी का समर्थन करते हों. पर उन हत्याओं के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को 'बाहरी' कहना गलत है. अब उनके ये बयान ट्विटर के जरिए पूरे देश में तेजी से पहूंच जाएंगे.



पिछले साल सितंबर में ही ट्विटर पर आना हो गया था तय
पिछले साल सितंबर में भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं, सिनेजगत की कई हस्तियों, कलाकारों और शिक्षाविदों के साथ दिल्ली में हुए तीन दिन के कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख ने 80 मिनट का भाषण दिया था. इसमें उन्होंने साफ-साफ बताया था कि आने वाले दिनों में आरएसएस देश के मुद्दों पर और प्रखर और तेजी से अपने विचार व्यक्त करेगा.

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राम का काम होकर रहेगाः मोहन भागवत
आरएसएस के हालिया प्रमुख मुद्दों में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर बनाना सबसे ऊपर है. भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद से उन्होंने कहा था, राम का काम करना है, राम का काम होकर ही रहेगा.

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First published: July 1, 2019, 11:36 AM IST
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