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भारत-पाक विभाजन को लेकर बोले मोहन भागवत- 'इसका दर्द तब तक नहीं मिटेगा जब तक यह रद्द नहीं होगा'

भारत-पाक विभाजन को लेकर बोले मोहन भागवत- 'इसका दर्द तब तक नहीं मिटेगा जब तक यह रद्द नहीं होगा'

संघ प्रमुख ने कहा कि अगर हम विभाजन को समझना चाहते हैं तो इसे समय के साथ समझना होगा.(फाइल फोटो)

संघ प्रमुख ने कहा कि अगर हम विभाजन को समझना चाहते हैं तो इसे समय के साथ समझना होगा.(फाइल फोटो)

RSS chief Mohan Bhagwat, India-Pakistan Partition सरसंघचालक ने कहा कि भारत के विभाजन के पीछे कुछ परिस्थितियां जरूर थी लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण इस्लाम और ब्रिटिश आक्रमण ही था. उन्होंने कहा कि गुरुनानक जी ने हमें इस्लाम के आक्रण को लेकर चेतावनी दी थी लेकिन हम सचेत नहीं हुए थे. उन्होंने कहा कि इस विभाजन से कोई भी खुश नहीं है और न ही ये किसी संकट का उपाय था.

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat) ने एक बार फिर भारत पाकिस्तान के विभाजन को लेकर बड़ी बात कही हैं. उन्होंने कहा कि देश का विभाजन एक ऐसी घटना है जिसका दर्द (Pain of Partition) कभी नहीं मिट सकता. उन्होंने कहा कि इस दर्द से मुक्ति मिल सकती है अगर ये विभाजन निरस्त कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि इस विभाजन से अगर किसी का नुकसान सबसे ज्यादा हुआ है तो वह मानवता का हुआ है. संघ प्रमुख ने ये बात नोएडा में एक पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम के दौरान कहीं.

संघ प्रमुख ने कहा कि भारत का विभाजन किसी तरह का राजनीतिक प्रश्न नहीं है बल्कि यह एक अस्तित्व का प्रश्न है. उन्होंने कहा कि उस समय इस विभाजन को इसलिए स्वीकार करना पड़ा था ताकि देश में किसी का खून न बहे लेकिन यह दुर्भाग्य है कि इसके उल्टा हुआ और तब से अब तक न जाने कितना खून बह चुका है. भागवत ने कहा कि विभाजन के बाद उनका जन्म हुआ और विभाजन के 10 साल बाद समझ में आया और जब समझ में आया तो नींद नहीं आई.

इस्लाम और ब्रिटिश थे इसका कारण
उन्होंने कहा कि भारत के विभाजन के पीछे कुछ परिस्थितियां जरूर थी लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण इस्लाम और ब्रिटिश आक्रमण ही था. उन्होंने कहा कि गुरुनानक जी ने हमें इस्लाम के आक्रण को लेकर चेतावनी दी थी लेकिन हम सचेत नहीं हुए थे. उन्होंने कहा कि इस विभाजन से कोई भी खुश नहीं है और न ही ये किसी संकट का उपाय था. संघ प्रमुख ने कहा कि अगर हम विभाजन को समझना चाहते हैं तो इसे समय के साथ समझना होगा.

संघ प्रमुख ने घर वापिसी का संकेत देते हुए कहा कि आपको लगता है कि पूर्वजों के घर में वापिस आना है तो आइये… हम स्वागत करेंगे लेकिन अगर नहीं लगता है तो अपनी पूजा में पक्का रहिए, लेकिन मातृभूमि का सम्मान ज़रूरी है. पूरे समाज की भारत माता है.. उसका सम्मान होना चाहिए. विभाजन के इस दर्दनाक इतिहास की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए, अगर लड़ना पड़े तो लड़ेंगे.. ताकि फिर पुनरावृति ना हो. अपने अखंड स्वरुप में भारतमाता हो, वो दिन देखना है.

आपको बता दें कि सरसंघचालक मोहन भागवत नोएडा में विभाजन कालीन भारत के साक्षी नामक पुस्तक के विमोचन पर पहुंचे थे. इस किताब के लेकख कृष्णानंद सागर ने अपनी पुस्तक में देश के उन लोगों के दर्द और अनसुनी कहानियों को बयां किया है जिन्होंने विभाजन को देखा और उसके दर्द को सहा. पुस्तक विमोचन का यह कार्यक्रम नोएडा के सेक्टर 12 में स्थित भाउराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित किया गया था.

Tags: India pakistan, Mohan bhagwat, RSS chief

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