संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा - वो दिन दूर नहीं जब भारत फिर बनेगा विश्व गुरु

सरसंघचालक ने कहा, पहले यूरोप और फिर ऑस्ट्रेलिया को बदलने के बाद अंग्रेजों की नजर एशिया पर थी, लेकिन वे भारत को नहीं बदल पाए. यही भारत की विशेषता है.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 9:31 PM IST
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा - वो दिन दूर नहीं जब भारत फिर बनेगा विश्व गुरु
भागवत ने सिमडेगा के रामरेखाधाम में बुधवार को पूजा अर्चना भी की.
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Updated: July 31, 2019, 9:31 PM IST
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि राष्ट्रधर्म ही सनातन संस्कृति का मूल है. सबकी सच्ची भागीदारी से इसको लगातार प्रखर बनाने की जरूरत है. सब एक ध्येय से आगे बढ़ें तो वह दिन दूर नहीं जब भारत फिर विश्वगुरु बनेगा. झारखंड के सिमडेगा में रामरेखा धाम में दर्शन पूजन के बाद संघ प्रमुख भागवत ने अपने अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि पहले यूरोप और फिर ऑस्ट्रेलिया को बदलने के बाद अंग्रेजों की नजर एशिया पर थी, लेकिन वे भारत को नहीं बदल पाए. यही भारत की विशेषता है.

शिक्षा और जागरूकता से समाज में ला सकते हैं बदलाव 

भागवत ने बुधवार को अभिनंदन कार्यक्रम से पहले सिमडेगा के रामरेखाधाम में पूजा अर्चना भी की. उन्होंने धाम परिसर में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि वह रामरेखा धाम की महिमा के बारे में पहले से ही सुनते आ रहे हैं, लेकिन यहां पहली बार आए हैं. उन्होंने धाम विकास समिति और हिंदू धर्म रक्षा समिति व विहिप के पदाधिकारियों से कहा कि वे निस्वार्थ भाव से अपना काम करते रहें. लोगों में संस्कार जगाने से लेकर उनमें धार्मिक-आध्यात्मिक प्रवृत्ति जागृत करने तथा सोची समझी साजिश के तहत लोगों को बरगलाकर धर्मांतरण करानेवालों की मंशा के खिलाफ लोगों को जागरूक कर धर्मांतरण रोकने में इस धाम की विशेष भूमिका रही है. शिक्षा और जागरूकता से हम समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं.

निष्ठा, समर्पण, मेहनत और सेवाभावना ही हमारी ताकत

रामरेखा धाम के महंत उमाकांत ने कुछ महीने पहले रांची में मुलाकात कर सरसंघचालक मोहन भागवत को रामरेखाधाम आने का निमंत्रण दिया था. अब रामरेखाधाम को झारखंड सरकार ने राज्य स्तर का धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा देते हुए उसके विकास कार्य का जिम्मा लिया है.  भागवत ने कहा कि निष्ठा, समर्पण, मेहनत और सेवाभावना ही हमारी ताकत रही है. हम समाज में सभी लोगों को जोड़ते हुए सक्रिय होकर काम करें.

कार्तिक पूर्णिमा पर जुटती है हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ 

मान्यता के अनुसार भगवान राम ने त्रेता युग में वनवास काल के दौरान अपनी धर्मपत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ यहां कुछ दिन बिताए थे. लिहाजा, रामरेखा धाम की विशालकाय गुफा में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता समेत अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित हैं. यहां हर साल कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर देश भर से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है, जो धाम परिसर में बने नैसर्गिक धनुष कुंड में स्नान कर गुफा मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं. कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर यहां जबरदस्त मेला लगता है.
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First published: July 31, 2019, 9:31 PM IST
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