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अयोध्या पर फैसले के बाद देश में शांति रहे कायम, इसलिए RSS उठाएगा ये कदम

News18Hindi
Updated: November 1, 2019, 9:30 PM IST
अयोध्या पर फैसले के बाद देश में शांति रहे कायम, इसलिए RSS उठाएगा ये कदम
अयोध्या में जमीन विवाद के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट इसी महीने फैसला सुना सकता है.

आरएसएस (RSS) की इस बैठक में कहा गया कि अयोध्या फैसले (Ayodhya dispute case) के बाद देश का सद्भाव नहीं बिगड़ना चाहिए. इसके साथ ही कोई ऐसी बात न हो जिससे किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे. संघ के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''ऐसे मौके पर किसी भी तरह के आक्रामक तेवर के लिए कोई जगह नहीं हैं. खासकर जुलूस जैसी चीजों से दूर रहना होगा, जो समुदाय विशेष के खिलाफ हों.'

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  • Last Updated: November 1, 2019, 9:30 PM IST
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नई दिल्ली. अयोध्या (Ayodhya) में राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद जमीन विवाद Ayodhya Title dispute) मामले में सुप्रीम कोर्ट (supreme court) इसी महीने फैसला सुना सकता है. लंबे समय से अटके इस फैसले पर सबकी निगाहे हैं, लेकिन इसके बाद पड़ने वाले प्रभाव पर भी कई आशंकाएं हैं. इसी संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने भी अपनी ओर से विचार मंथन शुरू कर दिया है कि किस तरह इस फैसले के बाद भी देश में सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे. साथ ही देश का वातावरण खराब न हो. इसके लिए संघ की ओर से एक बैठक की गई, इसमें बताया गया कि ऐसे नाजुक मौके पर क्या करना है और क्या नहीं करना है.

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छतरपुर स्थित आध्यात्म साधना केंद्र में आरएसएस (RSS) के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक गुरुवार को संपन्न हुई. ये बैठक बुधवार से शुरू हुई थी. इसमें बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्ढा भी पहुंचे. पहले दिन इस मीटिंग में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे. इस बैठक का मुख्य मुद्दा अयोध्या पर आने वाला फैसला था. इस बैठक में कहा गया कि फैसले के बाद देश का सद्भाव नहीं बिगड़ना चाहिए. इसके साथ ही कोई ऐसी बात न हो जिससे किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचे. संघ के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि ऐसे मौके पर किसी भी तरह के आक्रामक तेवर के लिए कोई जगह नहीं हैं. खासकर जुलूस जैसी चीजों से दूर रहना होगा, जो समुदाय विशेष के खिलाफ हों.

BJP के साथ मिलकर काम करेगा संघ
संघ के एक और वरिष्ठ नेता ने कहा, "बीजेपी और संघ मिलकर इस तरह प्रयास करेंगे, जिससे किसी भी तरह की शांति भंग न हो. ये फैसले पर निर्भर करेगा. लोग अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए दिए जला सकते हैं. या अपने प्रार्थना स्थल जा सकते हैं, लेकिन देश की फिजां खराब न हो लोगों की भावनाएं आहत न हों.''

गुरुवार को हुई मीटिंग में आरएसएस चीफ मोहन भागवत, संघ के वरिष्ठ नेता भैयाजी जोशी, दत्तात्रेय होसबोले और मोहन वैद्य के साथ वीएचपी से जस्टिस वीएस कोकजा और आलोक कुमार मौजूद थे. इसके अलावा संगठन के दूसरे पदाधिकारी भी मौजूद थे. इस बैठक में कश्मीर में विकास और सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई.

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First published: November 1, 2019, 8:51 PM IST
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