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RTI से खुलासा, RBI ने घोटाले में फंसे PMC Bank को 2014 से नहीं भेजा था एक भी नोटिस

News18Hindi
Updated: January 3, 2020, 2:00 PM IST
RTI से खुलासा, RBI ने घोटाले में फंसे PMC Bank को 2014 से नहीं भेजा था एक भी नोटिस
आरबीआई को सितंबर, 2019 में शिकायत मिलने से पहले तक पीएमसी बैंक में वित्‍तीय अनियमितता की कोई जानकारी नहीं थी.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा, सितंबर, 2019 में पहली शिकायत मिलने से पहले कभी भी ऐसा मौका नहीं आया कि अधिकारियों को कोई शिकायत आगे बढ़ाई जाए. केंद्रीय बैंक को 4,300 करोड़ रुपये के पीएमसी बैंक घोटाले (PMC Bank Scam) और इसके रियल्‍टी सेक्‍टर की कंपनी एचडीआईएल (HDIL) के दिवालिया होने से संबंध की कोई जानकारी नहीं थी.

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  • Last Updated: January 3, 2020, 2:00 PM IST
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उत्‍कर्ष आनंद

नई दिल्‍ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को 4,300 करोड़ रुपये के पीएमसी बैंक घोटाले (PMC Bank Scam) और इसके रियल्‍टी सेक्‍टर की कंपनी एचडीआईएल (HDIL) के दिवालिया होने से संबंध के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. एक आरटीआई आवेदन के जवाब (RTI Reply) में केंद्रीय बैंक ने बताया कि उसे इसके बारे में सितंबर, 2019 में की गई एक शिकायत से जानकारी मिली. आरबीआई ने CNN-News18 के आरटीआई आवेदन पर दिए जवाब में स्‍वीकार किया है कि उसकी ओर से पंजाब एंड महाराष्‍ट्र को-ऑपरेटिव बैंक को 2014 से कोई नोटिस या चेतावनी जारी नहीं की गई थी. बता दें कि इस घोटाले से बैंक के 6 राज्‍यों में मौजूद 15 लाख उपभोक्‍ता प्रभावित हुए हैं.

जुर्माना आदेश और नोटिस की प्रतियां उपलब्‍ध नहीं करा सका केंद्रीय बैंक
आरबीआई रिकॉर्ड मैनेजमेंट पॉलिसी के तहत 2014 से पहले के सभी रिकॉर्ड नष्‍ट (Destroyed) कर चुका है्. CNN-News18 ने आरटीआई आवेदन के जरिये घोटाले में फंसे बैंक की जांच रिपोर्ट के साथ ही जुर्माना आदेश (Penalty Orders) और नोटिस (Notices) की प्रतियां मांगी थीं. जवाब में आरबीआई ने कहा कि 31 मार्च 2019 को खत्‍म हुए वित्‍त वर्ष की जांच रिपोर्ट फिलहाल तैयार की जा रही है. इसके अलावा केंद्रीय बैंक से 2015 से 2018 के बीच पीएमसी बैंक को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट के बारे में भी पूछा गया था. इस पर केंद्रीय बैंक ने कहा कि 2014 से पीएमसी बैंक को न तो कोई नोटिस जारी किया गया है और न ही किसी तरह की चेतावनी दी गई है.

आरबीआई ने जांच अधिकारियों के नाम सार्वजनिक करने से किया इनकार
केंद्रीय बैंक ने 2014 से 2018 के बीच घोटाले की जांच कर रहे अधिकारियों के नाम सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया. बैंक ने कहा कि आरटीआई एक्‍ट (RTI Act) की धारा-8(1)(g) के तहत जांच अधिकारियों की सुरक्षा के मद्देनजर उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है. साथ ही अप्रैल 2014 से पहले की जानकारी उपलब्‍ध नहीं है. आरबीआई ने कहा कि इस अवधि से पहले का रिकॉर्ड पॉलिसी के तहत नष्‍ट किया जा चुका है. साथ ही कहा कि सितंबर, 2019 से पहले आरबीआई को पीएमसी बैंक में एचडीआईएल से जुड़े लेनदेन में किसी तरह की अनियमितता की भी कोई शिकायत नहीं मिली थी.

पीएमसी बैंक और एचडीआईएल के कई अफसरों को किया गया गिरफ्तार आरबीआई ने शिकायत मिलने के बाद शुरू हुई जांच में प्रथमदृष्‍टया वित्‍तीय अनियमितता (Financial Irregularities) पाए जाने के बाद 23 सितंबर, 2019 को बहु-राज्‍यीय को-ऑपरेटिव बैंक पर कई प्रतिबंध लगा दिए. जांच में पाया गया कि एचडीआईएल ने सैकड़ों संदिग्‍ध खातों के जरिये बड़े कर्ज लिए. इसके बाद आरबीआई ने पीएमसी बैंक के बोर्ड को बर्खास्‍त कर दिया. साथ ही एक प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति कर दी. मुंबई पुलिस (Mumbai Police) की आर्थिक अपराध शाखा और प्रवर्तन निदेशालय (ED) मामले की जांच कर रहे हैं. मामले में पीएमसी बैंक और एचडीआईएल के कई शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.

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First published: January 3, 2020, 1:59 PM IST
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