मुंबई : दुर्लभ रसल वाइपर ने एक साथ दिया 36 बच्चों को जन्म

संस्था का दावा है कि 36 बच्चों के एक साथ जन्में जाने से यह साबित होता है की हाफकिन सर्पालय में सांपो ब्रीडिंग के लिए अनुकूल परिस्थितिया मौजूद है जो की एक अच्छी खबर है.

News18Hindi
Updated: July 12, 2018, 3:05 PM IST
मुंबई : दुर्लभ रसल वाइपर ने एक साथ दिया 36 बच्चों को जन्म
हाफकिन इन्स्टिट्यूट बॉम्बे में जन्मे रसल वाइपर- News18
News18Hindi
Updated: July 12, 2018, 3:05 PM IST
(अमन सय्यद)

मुंबई के परेल में स्थित देश की पहली जीव विज्ञान संस्था माने जाने वाले हाफकिन इन्स्टिट्यूट के सर्पालय में दुर्लभ प्रजाति की मादा 'रसल वाइपर' ने एक या दो नहीं बल्कि पूरे 36 बच्चों को जन्म दिया है. हाफकिन इंस्टिट्यूट के मुताबिक, पिछले हफ्ते इंस्टिट्यूट के लैब में रसल वाइपर सांप ने 36 बच्चों को जन्म देकर एक रिकॉर्ड कायम कर दिया है. ऐसा पहली बार है कि किसी लैब में इस प्रजाति के सांप ने बच्चों को जन्म दिया हो.

ज्यादातर सांप अंडे देते है लेकिन रसल वाइपर बच्चों को जन्म देती है, इसलिए इन्हें अनुकूल परिस्थितियों की जरुरत होती है. संस्था का दावा है कि 36 बच्चों के एक साथ जन्में जाने से यह साबित होता है कि हाफकिन सर्पालय में सांपो ब्रीडिंग के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद है जो कि एक अच्छी खबर है.

यह भी पढ़ें: जिंदा सांप के साथ परफॉर्म कर रही थी एक्ट्रेस, काटने से हुई मौत

हाफकिन इंस्टिट्यूट की डायरेक्टर डॉ. निशिगंधा नाइक ने बताया, वेनम तैयार करने के लिए दो महीने पहले हम सांप की तलाश करने निकले थे. इस दौरान राज्य के बारामती से हमे एक मादा रसेल्स वाइपर मिला. सांप को पकड़ कर हम हॉफकिन लेकर आए, यह सांप गर्भवती लग रही थी,  इसलिए हमने इसका वेनम (विष) न निकालकर इसे एक विशेष तरह के बॉक्स में रखा दिया. हाल ही में इस सांप ने एक साथ 36 बच्चों को जन्म दिया है,फिलहाल सभी बच्चों को एक विशेष बॉक्स में रखा गया है, कुछ दिन बाद इन्हें जंगल में वापस छोड़ दिया जाएगा.'

बता दें कि बाकि सांप की तुलना में रसेल्स न केवल बेहद जहरीला होता है, बल्कि यह अंडे की बजाय बच्चों को जन्म देते हैं. रसेल्स के अलावा पहली बार किसी कोबरा के अंडे को लैब में रखकर जन्म दिया गया है कोबरा ने कुल 21 अंडे दिए है जिनमे से से एक अंडे से एक कोबरा का बच्चा बाहर आ चुका है. डॉ. निशीगंधा नाइक ने बताया कि कोबारा के अंडों को पहली बार लैब में रखकर उसमें से बच्चे को बाहर निकाला गया है.'

यह भी पढ़ें: मेरठ का यह घर बना 'नागलोक', एक साथ निकले 400 सांप

mahrashtra,snake,haffkine institute bombay,russell viper venom,russell viper,महाराष्ट्र,सांप,हाफकिन इन्स्टिट्यूट,हाफकिन इन्स्टिट्यूट बॉम्बे,रसल वाइपर,रसल वाइपर वेनम
हाफकिन इन्स्टिट्यूट बॉम्बे में जन्मे रसल वाइपर- News18


इनके सांपो के अलावा संस्था को एक बेहद दुर्लभ प्रजाति का भी सांप मिला है. डॉ. निशीगंधा नाइक ने बताया कि महाराष्ट्र के तुर्भे से हमें एक बेहद दुर्लभ 'एल्बिनो रसेल्स वाइपर' मिला है. रसेल्स वाइपर प्रजाति का यह सांप बहुत ही अधिक दुर्लभ है. हाफकिन के तकरीबन के इतिहास में अब तक ऐसा सांप महाराष्ट्र में न देखने को नहीं मिला है. फिलहाल इन सांपो पर हम कुछ शोध करने का विचार कर रहे हैं.

बता दें कि हफकिन इंस्टिट्यूट में दुर्लभ प्रजाति का रखरखाव और सांपो का वेनम निकाला जाता है यहां पर के इंस्टिट्यूट के अधिकारी द्वारा सांप को पकड़कर उसका जहर निकाला जाता है, जिसे घोड़े में इंजेक्ट किया जाता है, जिससे घोड़े के शरीर में एंटी वेनम बनता है. फिर उसे निकालकर जहरीले सांप को काटने के बाद दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. हाफकिन के अनुसार देश में हर साल 3 लाख लोगों को सांप काटने के मामले सामने आते हैं, इसमें ऐंटी वेनम की कमी के कारण 50 हजार लोगों की मौत हो जाती है.

यह भी पढ़ें;सांप ने काटा तो झाड़-फूंक से किया जाता रहा इलाज, अब अस्पताल में भर्ती
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर