रूस को उम्मीद, एक्सपर्ट कमेटी से स्पुतनिक V को हरी झंडी मिलने के बाद जल्‍द ही DCGI से भी मिलेगी मंजूरी

रूसी वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री के तापमान पर स्टोर किया जा सकता है, जोकि भारतीय मौसम के बेहद अनुकूल है. (फाइल फोटो)

रूसी वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री के तापमान पर स्टोर किया जा सकता है, जोकि भारतीय मौसम के बेहद अनुकूल है. (फाइल फोटो)

Sputnik V: देश में आपात इस्तेमाल के लिए इस टीके का रूस से आयात किया जाएगा. डॉ. रेड्डीज ने पिछले साल सितंबर में इस टीके के चिकित्सकीय परीक्षण और भारत में इसके वितरण अधिकार के लिए 'रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड' (आरडीआईएफ) के साथ भागीदारी शुरू की थी.

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नई दिल्ली. रूस ने सोमवार को उम्मीद जताई कि उसके कोविड रोधी टीके 'स्पुतनिक वी' को भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी. इससे पहले, आज एक विशेषज्ञ समिति ने भारत में 'स्पुतनिक वी' के आपात इस्तेमाल की मंजूरी की सिफारिश की. रूसी राजदूत निकोलय कुदाशेव ने ट्वीट किया, 'हमने इस रिपोर्ट को देखा है कि विशेषज्ञों की समिति ने भारत में स्पुतनिक वी के इस्तेमाल की सिफारिश की है.'

उन्होंने कहा, 'यह कदम निश्चित ही कोविड-19 महामारी से लड़ाई में भारत सरकार के प्रयासों में योगदान देगा. हमें उम्मीद है कि डीसीजीआई से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी.' इससे पहले, आज केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने 'स्पुतनिक वी' के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने के डॉ. रेड्डीज लैबोरैटरीज के आवेदन पर सोमवार को संज्ञान लिया. डीसीजीआई इस सिफारिश पर अंतिम निर्णय लेगा. यदि इस टीके को मंजूरी मिल जाती है तो यह भारत में उपलब्ध तीसरा कोविड-19 रोधी टीका होगा.

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स्पुतनिक V का रूस से होगा आयात
सूत्रों ने कहा कि देश में आपात इस्तेमाल के लिए इस टीके का रूस से आयात किया जाएगा. डॉ. रेड्डीज ने पिछले साल सितंबर में इस टीके के चिकित्सकीय परीक्षण और भारत में इसके वितरण अधिकार के लिए 'रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड' (आरडीआईएफ) के साथ भागीदारी शुरू की थी. देश में भारत बायोटेक के 'कोवैक्सीन' और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रोजेनेका के 'कोविशील्ड' टीके को पहले ही आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है.

‘स्पुतनिक वी’ के तीसरे चरण के परीक्षण के अंतरिम विश्लेषण में इसके 91.6 प्रतिशत प्रभावी होने की बात सामने आई जिसमें रूस के 19,866 स्वयंसेवियों पर किए गए परीक्षण का डेटा शामिल किया गया.

(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)
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