आर्टिकल 370 हटाने के मामले में भारत को मिला रूस का खुला साथ, राजदूत बोले- यह आंतरिक मामला

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Updated: August 28, 2019, 1:41 PM IST
आर्टिकल 370 हटाने के मामले में भारत को मिला रूस का खुला साथ, राजदूत बोले- यह आंतरिक मामला
भारत में रूस (Russia) के राजदूत निकोलाय कुदाशेव ने कश्मीर (Jammu Kashmir)मुद्दे पर कहा कि हमारे विचार बिल्कुल भारत के जैसे ही हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला तथा लाहौर समझौते के तहत इस तरह के मुद्दों को हल किया जा सकता है.

भारत में रूस (Russia) के राजदूत निकोलाय कुदाशेव ने कश्मीर (Jammu Kashmir)मुद्दे पर कहा कि हमारे विचार बिल्कुल भारत के जैसे ही हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला तथा लाहौर समझौते के तहत इस तरह के मुद्दों को हल किया जा सकता है.

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  • Last Updated: August 28, 2019, 1:41 PM IST
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जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के मुद्दे पर पाकिस्तान (Pakistan) को एक और झटका लगा है. रूस (Russia) ने इस मुद्दे पर साफ कहा है कि अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटाना भारत (Indian government) का अंदरूनी मुद्दा है.

भारत में रूस के राजदूत निकोलाय कुदाशेव (Russia ambassador to India Nikolai Kudashev) ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करना भारत सरकार का संप्रभु निर्णय है. यह भारत का आंतरिक मामला है और भारत तथा पाकिस्तान के बीच शिमला और लाहौर समझौते के तहत इस तरह के मुद्दों को हल किया जा सकता है. हमारे विचार बिल्कुल भारत के जैसे ही हैं.'

रूस ने साथ ही कहा, 'हमारा मानना है कि 'भारत-पाक को मुद्दों को बातचीत के माध्यम से हल करने की आवश्यकता है. कश्मीर (Kashmir) भारत का एक आंतरिक मुद्दा है.' उन्होंने कहा कि मतभेदों को शिमला समझौते और लाहौर समझौते (Shimla Agreement and Lahore Agreement) के मद्देनजर हल किया जाना चाहिए.

हमारी कोई भूमिका नहीं- रूस

वहीं, भारत में रूसी दूतावास के उप प्रमुख  रोमन बाबूसकिन ने कहा कि भारत-पाकिस्तान विवाद में  रूस की कोई भूमिका नहीं है, जब तक कि दोनों मध्यस्थता के बारे में हमसे बात नहीं करते. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बंद दरवाजे के कार्यक्रम के दौरान, हमने दोहराया कि कश्मीर भारत का एक आंतरिक मुद्दा है.

5 और 6 अगस्त को बिल हुआ था पास
बता दें 5 अगस्त को राज्यसभा और 6 अगस्त को लोकसभा में अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म कर जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों को मंजूरी दे दी थी.
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गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इस अनुच्छेद के कारण राज्य में विकास नहीं होने और आतंकवाद पनपने का दावा करते हुए आश्वासन दिया था कि जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित क्षेत्र बनाने का कदम स्थायी नहीं है तथा स्थिति समान्य होने पर राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा.

पाक की नापाक कोशिश
उधर पाकिस्तान, कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन दुनिया के तमाम देशों से उसे मुंह की खानी पड़ रही है. G7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान के साथ उनके सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं और किसी तीसरे देश को इसमें हस्तक्षेप करने की ज़रूरत नहीं है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के अमेरिका दौरे के बाद से पाकिस्तान यह प्रचारित कर रहा था कि कश्मीर मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मध्यस्थता की पेशकश की है. पाकिस्तान ने हाल ही भारतीय नेताओं को 'सोर्स' बताते हुए संयुक्त राष्ट्र में चिट्ठी तक लिख डाली.

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First published: August 28, 2019, 12:41 PM IST
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