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वांग यी से मिले एस जयशंकर, विदेश मंत्री ने टकराव वाले क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी पर दिया जोर

वांग यी से मिले एस जयशंकर, विदेश मंत्री ने टकराव वाले क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी पर दिया जोर

चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फाइल फोटो)

चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फाइल फोटो)

India China Border, G20, S Jaishankar, Wang Yi: जयशंकर ने वांग यी के साथ बैठक के दौरान भारतीय छात्रों की चीन वापसी और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों को फिर शुरू करने सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की . जयशंकर और वांग ने सीमा मुद्दों के समाधान के लिये दोनों पक्षों के बीच सैन्य स्तर की अगली वार्ता जल्द किसी तिथि पर आयोजित होने की उम्मीद जतायी .

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नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) ने बृहस्पतिवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी (Wang Yi) से मुलाकात की और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सभी लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया. इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में टकराव वाले शेष स्थानों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को पूरा करने की आवश्यकता से अवगत कराया.

दोनों विदेश मंत्रियों की एक घंटे तक चली बैठक में जयशंकर ने वांग से कहा कि दोनों देशों के संबंध परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हितों पर आधारित होने चाहिए.

जी20 समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक
विदेश मंत्रालय के अनुसार उनकी यह मुलाकात बाली में जी20 समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर हुई. जयशंकर ने द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकाल तथा पूर्व की बातचीत के दौरान दोनों मंत्रियों के बीच बनी समझ का पूरी तरह से पालन करने के महत्व को भी दोहराया. उनकी यह मुलाकात वांग के भारत दौरे के करीब साढ़े तीन महीने बाद हुई.

जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ बाली में दिन की शुरुआत चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बैठक से हुई. यह चर्चा एक घंटे तक चली. बैठक सीमा पर स्थिति सहित द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े लंबित मुद्दों पर केंद्रित रही. छात्रों और उड़ानों सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई.’’

सैनिकों की जल्द वापसी पर भारत ने दिया जोर
भारत पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले सभी स्थानों से सैनिकों की जल्द वापसी पर जोर देता रहा है. भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि सीमा पर शांति समग्र संबंधों में प्रगति के लिए जरूरी शर्त है.

जयशंकर ने वांग यी के साथ बैठक के दौरान भारतीय छात्रों की चीन वापसी और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों को फिर शुरू करने सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की . जयशंकर और वांग ने सीमा मुद्दों के समाधान के लिये दोनों पक्षों के बीच सैन्य स्तर की अगली वार्ता जल्द किसी तिथि पर आयोजित होने की उम्मीद जतायी .

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, जयशंकर ने बातचीत के दौरान पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सभी लंबित मुद्दों के जल्द समाधान की बात कही .

मंत्रालय के अनुसार, विदेश मंत्री ने गतिरोध वाले कुछ क्षेत्रों से सैनिकों के पीछे हटने का उल्लेख करते हुए इस बात पर जोर दिया कि शेष सभी इलाकों से पूरी तरह से पीछे हटने के लिये इस गति को बनाये रखने की जरूरत है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल की जा सके .

दोनों देशों ने सैन्य कमांडरों की बैठक की उम्मीद जताई
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस संबंध में मंत्रियों ने दोनों पक्षों के बीच सैन्य एवं राजनयिक अधिकारियों के बीच नियमित संपर्क बनाये रखने की पुष्टि की. दोनों मंत्रियों ने जल्द किसी तारीख पर वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की अगली बैठक की उम्मीद भी जतायी.

विदेश मंत्री जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन के संबंध परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और साझा हितों का ध्यान रखने पर बेहतर ढंग से आगे बढ़ सकते हैं. जयशंकर ने छात्रों की वापसी की प्रक्रिया तेज करने एवं उनकी जल्द वापसी सुगम बनाने की जरूरत पर भी बल दिया.

गौरतलब है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर जी20 समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने इंडोनेशिया के बाली में हैं. इंडोनेशिया के जी20 समूह की अध्यक्षता के ढांचे में यह बैठक आयोजित की गई है.

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, बातचीत के दौरान जयशंकर ने मार्च 2022 में दिल्ली में वांग यी के साथ अपनी मुलाकात तथा उस दौरान कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर प्रगति की समीक्षा करने का जिक्र किया जिसमें छात्रों की वापसी का विषय भी शामिल था.

जयशंकर ने वांग यी के साथ अपनी मुलाकात को भी याद दिलाया
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जयशंकर ने मार्च में दिल्ली में वांग यी के साथ अपनी मुलाकात को भी याद किया और छात्रों की वापसी सहित उस समय चर्चा किए गए कुछ प्रमुख मुद्दों की प्रगति की समीक्षा की.

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के कारण बीजिंग के प्रतिबंधों के कारण पिछले दो वर्षों से सैकड़ों की संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई करने के लिये चीन वापस नहीं जा पा रहे हैं. वहीं, दोनों पक्षों के बीच सीधी उड़ान फिर से शुरू करने को लेकर भी चर्चा चल रही है. महामारी के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया था.

दोनों पक्षों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने को लेकर चर्चा हुई है लेकिन इस मुद्दे पर आगे बात नहीं बढ़ी है. कोविड महामारी के कारण उड़ान सेवाओं को निलंबित कर दिया गया था. जयशंकर ने एक अन्य ट्वीट में कहा: ‘अंतरराष्ट्रीय स्थिति और जी 20 सम्मेलन पर इसके प्रभाव पर दृष्टिकोण साझा किए.’

वैश्विक घटनाक्रम पर भी दोनों देशों के बीच हुई बात
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ‘‘ दोनों विदेश मंत्रियों ने बातचीत के दौरान अन्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर अपने अपने दृष्टिकोण साझा किये. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ब्रिक्स समूह की चीन की अध्यक्षता के दौरान भारत के सहयोग की सराहना की और आने वाले समय में जी20 एवं शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की भारत की अध्यक्षता के दौरान चीन के समर्थन का आश्वासन दिया. दोनों ने सम्पर्क बनाये रखने पर सहमति व्यक्त की.’’

गौरतलब है कि भारत और चीन के सशस्त्र बलों के बीच मई, 2020 से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं. भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख विवाद में जारी गतिरोध को सुलझाने के लिए अब तक कई दौर की सैन्य एवं राजनयिक वार्ता की है . दोनों पक्षों के बीच राजनयिक और सैन्य वार्ता के परिणामस्वरूप कुछ इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाने का काम भी हुआ है. हालांकि, दोनों पक्षों ने अभी अगले दौर की सैन्य वार्ता के बारे में कोई फैसला नहीं किया है.

Tags: EAM S Jaishankar, India china dispute, India china fight, India china issue

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