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जयशंकर ने अमेरिकी खुफिया इकाई के निदेशक से द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के नेशनल इंटेलिजेंस (राष्ट्रीय खुफिया इकाई) के निदेशक से मुलाकात की.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के नेशनल इंटेलिजेंस (राष्ट्रीय खुफिया इकाई) के निदेशक से मुलाकात की.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के नेशनल इंटेलिजेंस (राष्ट्रीय खुफिया इकाई) के निदेशक एवरिल हैंस से द्विपक्षीय रणनीति ...अधिक पढ़ें

वाशिंगटन. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के नेशनल इंटेलिजेंस (राष्ट्रीय खुफिया इकाई) के निदेशक एवरिल हैंस से द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने के तरीकों पर बुधवार को चर्चा की. जयशंकर चार दिन की वाशिंगटन यात्रा पर हैं. इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, “ आज सुबह पुराने दोस्त अमेरिकी नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक एवरिल हैंस के साथ मिलकर अच्छा लगा. बातचीत में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का विषय शामिल था.” जयशंकर ने मंगलवार को अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से बातचीत की थी.

इससे पहले, जयशंकर ने व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने  यूक्रेन युद्ध और क्षेत्र में चीनी मुखरता के बीच एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत सहित कई मुद्दों पर चर्चा की.  इस दौरान जैक सुलिवन ने ट्वीट करते हुए लिखा, “अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने, यूक्रेन में रूस के युद्ध के प्रभावों को कम करने और एक स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाने के हमारे साझा प्रयासों पर चर्चा करने के लिए आज भारतीय विदेश मंत्री @DrSJaishankar के साथ मुलाकात की.”

सुलिवन को जवाब देते हुए, विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, “अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार @ जेक सुलिवन से मिलकर अच्छा लगा. यूक्रेन संघर्ष और इसके नतीजों, भारत-प्रशांत स्थिति, दक्षिण एशिया और खाड़ी पर चर्चा की. वर्तमान वैश्विक आर्थिक अस्थिरता को संबोधित करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया.” व्हाइट हाउस की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “सुलिवन और जयशंकर ने अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी में प्रगति की समीक्षा की और वैश्विक और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता और दुनिया भर में खाद्य और ऊर्जा असुरक्षा पर इसके प्रभाव शामिल हैं.” (इनपुट एएनआई)

Tags: S Jaishankar

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