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चीन के विदेश मंत्री से मिले एस जयशंकर, सीमा के ताज़ा हालात पर की चर्चा

चीनी समकक्ष वांग यी के साथ विदेशमंत्री एस जयशंकर (@DrSJaishankar)

चीनी समकक्ष वांग यी के साथ विदेशमंत्री एस जयशंकर (@DrSJaishankar)

India China Standoff: भारत और चीन की सेनाओं के बीच 5 मई, 2020 से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनावपूर्ण संबंध बने हुए हैं. जयशंकर जी20 विदेश मंत्रियों की 7 और 8 जुलाई को बाली में आयोजित बैठक में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया गए हैं.

बाली.विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सभी लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की आवश्यकता से अवगत कराया और कहा कि द्विपक्षीय संबंध परस्पर सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और परस्पर हितों पर आधारित होने चाहिए. बाली में जी20 समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर जयशंकर और वांग ने सीमा मुद्दों के समाधान के लिये दोनों पक्षों के बीच सैन्य स्तर की अगली वार्ता जल्द किसी तिथि पर आयोजित होने की उम्मीद जतायी.बता दें कि जयशंकर जी20 विदेश मंत्रियों की 7 और 8 जुलाई को बाली में आयोजित बैठक में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया गए हैं.

जयशंकर ने इस मीटिंग को लेकर खुद ट्विटर पर जानकारी दी है. उन्होंने लिखा है कि राजधानी बाली में दिन की शुरुआत वांग यी के साथ मुलाकात से हुई. विदेश मंत्री के मुताबित दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई.

एस जयशंकर का ट्वीट

विदेश मंत्रालय के अनुसार, ‘‘ दोनों विदेश मंत्रियों ने बातचीत के दौरान अन्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर अपने अपने दृष्टिकोण साझा किये। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ब्रिक्स समूह की चीन की अध्यक्षता के दौरान भारत के सहयोग की सराहना की और आने वाले समय में जी20 एवं शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की भारत की अध्यक्षता के दौरान चीन के समर्थन आश्वासन दिया. दोनों ने सम्पर्क बनाये रखने पर सहमति व्यक्त की.’’

ब्रिक्स समूह के सदस्यों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। चीन ने पिछले महीने डिजिटल माध्यम से शिखर बैठक की मेजबानी की थी .वहीं, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एक महत्वपूर्ण आर्थिक एवं सुरक्षा समूह है. वांग यी की इस साल 24-25 मार्च की भारत यात्रा के बाद दोनों विदेश मंत्रियों की इंडोनेशिया के बाली में बैठक हुई है.

मई 2020 से गतिरोध
भारत और चीन की सेनाओं के बीच 5 मई, 2020 से पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनावपूर्ण संबंध बने हुए हैं. उस वक्त पैंगोंग त्सो क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी. इसके बाद से गतिरोध बरकरार है. चीन पूर्वी लद्दाख में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पैंगोंग झील के आसपास अपने कब्जे वाले क्षेत्र में एक पुल का निर्माण कर रहा है. साथ ही चीन भारत से लगे सीमावर्ती इलाकों में सड़कें और रिहायशी इलाके जैसे अन्य बुनियादी ढांचे भी स्थापित करता रहा है. अमेरिका ने भी इसको लेकर नाराज़गी जताई है.

कोरोना के चलते फंसे हैं छात्र
पिछले महीने चीन में भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत और चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारतीय छात्रों की वापसी का मुद्दा उठाया था. भारत और चीन ने कोविड-19 संबंधी बीजिंग के प्रतिबंधों के कारण दो साल से घरों में अटके हजारों भारतीय छात्रों की वापसी पर चर्चा की थी. इसके अलावा कोरोना वायरस महामारी से बाधित सीधी उड़ानें बहाल करने के विषय पर बातचीत हुई थी.

जी20 के सदस्य देशों की बैठक
बाली में अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर जी20 समूह के सदस्य देशों एवं बैठक में आमंत्रित अन्य देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं. बता दें कि जी20 दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक महत्वपूर्ण समूह है. इसमें वैश्विक जीडीपी का 80 प्रतिशत और वैश्विक कारोबार का 75 प्रतिशत आता है साथ ही इस समूह के देशों की आबादी पृथ्वी की कुल आबादी का 60 प्रतिशत है .

(भाषा इनपुट के साथ)

Tags: India china border dispute, S Jaishankar

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