विदेश मंत्री बनते ही एस जयशंकर ने दिया बड़ा बयान, तमिलनाडु के आक्रोश पर तोड़ी चुप्पी

गैर हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी पढ़ाने का प्रस्ताव देने वाली शिक्षा नीति के मसौदे पर तमिलनाडु में आक्रोश को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लिए जाने से पहले राज्य सरकारों से परामर्श लिया जाएगा.

News18Hindi
Updated: June 3, 2019, 8:26 AM IST
विदेश मंत्री बनते ही एस जयशंकर ने दिया बड़ा बयान, तमिलनाडु के आक्रोश पर तोड़ी चुप्पी
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुरू किया ट्वीट का जवाब देना.
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Updated: June 3, 2019, 8:26 AM IST
नवनियुक्त विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पद मिलते ही तेजी से काम शुरू कर दिया है. उन्होंने अपने पहले आधिकारिक बयान में सबसे पहले देश के अंदर उठे विवाद पर सरकार का रुख स्पष्ट किया है. उल्लेखनीय है कि सुब्रमण्यम का ताल्लुक तमिलनाडु से है. इसलिए तमिलनाडु में उठे विवाद पर उन्होंने अपनी राय व्यक्त की है.

गैर हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी पढ़ाने का प्रस्ताव देने वाली शिक्षा नीति के मसौदे पर तमिलनाडु में आक्रोश को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लिए जाने से पहले राज्य सरकारों से परामर्श लिया जाएगा.

जयशंकर की प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर टि्वटर यूजर के एक सवाल के जवाब में आयी है. जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘एचआरडी मंत्री को सौंपी गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति महज एक मसौदा रिपोर्ट है. आम जनता से प्रतिक्रिया ली जाएगी. राज्य सरकारों से परामर्श किया जाएगा. इसके बाद ही इस मसौदा रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा. भारत सरकार सभी भाषाओं का सम्मान करती है. कोई भाषा थोपी नहीं जाएगी.’’

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नक्श-ए-कदम पर चलते हुए जयशंकर ने रविवार को टि्वटर पर कई सवालों और विदेश में रह रहे कई भारतीयों की मदद की अपीलों का जवाब दिया.

पूर्व विदेश मंत्री के नक्‍शेकदम पर एस जयशंकर
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज भी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती थीं. जब भी कोई उनसे मदद की गुहार लगाता था, तो वे तुरंत मदद का आश्‍वासन देती या उचित सहायता करती थीं. इसी के तहत आज देश के नए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदेशों से कई भारतीयों के मदद की कॉल का जवाब दिया. उन्‍हें आश्‍वासन दिया और मुद्दे को हल करने की कोशिश की.

सुषमा की तरह ही अब जयशंकर ने भी ट्विटर पर लोगों की परेशानियां सुन मदद करनी शुरू कर दी है.

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महालक्ष्मी के ट्वीट का यूं दिया जवाब
महालक्ष्‍मी नाम की एक महिला ने ट्वीट करके विदेश मंत्री से मदद मांगी. महिला ने कहा, 'मैं परिवार के साथ जर्मनी और इटली ट्रिप पर हूं. मेरे पति और बेटे का पासपोर्ट बैग के साथ चोरी हो गया है. हमें 6 जून को भारत लौटना है, कृपया हमारी मदद करें. इसपर विदेश मंत्री ने जवाब दिया, 'रोम में हमारा दूतावास है. म्यूनिख के कॉन्‍सल जनरल आपकी पूरी मदद करेंगे. कृपया आप उनके संपर्क में रहें.'

वहीं एक महिला ने कुवैत में अपने पति को खोजने और उसे भारत लाने के लिए ट्वीट किया. इसपर जयशंकर ने तुरंत जवाब देते हुए कहा कि कुवैत में हमारे राजदूत इसपर काम कर रहे हैं. उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है.

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति संबंधित एक ट्वीट का जवाब देते हुए उन्‍होंने कहा, 'यह केवल एक मसौदा रिपोर्ट थी और कोई भी भाषा लागू नहीं होगी.' उन्‍होंने कहा, 'एचआरडी मंत्री को सौंपी गई राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति केवल एक मसौदा रिपोर्ट है. इसपर आम जनता से प्रतिक्रिया ली जाएगी. इसके बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. भारत सरकार सभी भाषाओं का सम्‍मान करती है.'

महिला को दिया मदद का आश्वासन
एक महिला ने ट्वीट कर विदेश मंत्री जयशंकर और महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी से अपील की कि मेरी दो साल की बेटी अमेरिका में है और मैं भारत में हूं. मैं उससे संपर्क नहीं कर पा रही हूं और 6 महीने से कोशिश कर रही हूं, मेरी मदद करें. इस पर जयशंकर ने तत्काल महिला को जवाब दिया और कहा कि उनकी हरसंभव मदद की जाएगी. हमारे राजदूत हर्ष वर्द्धन सिंघला ने मामले पर काम शुरू कर दिया है, आप अमेरिका में मौजूद भारतीय दूतावास को पूरी जानकारी साझा करें.

भारतीय दूतावास और सिंघला को किया टैग
अपनी इस पोस्ट के साथ ही जयशंकर ने अमेरिका में मौजूद भारतीय दूतावास और राजदूत सिंघला को भी टैग किया. साथ ही महिला को पूरा आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द उनकी समस्या का निवारण किया जाएगा.

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First published: June 3, 2019, 8:26 AM IST
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