लाइव टीवी

'अंग्रेजी-भाषी उदारवादी मीडिया’ ने अनुच्छेद 370 पर ‘निष्पक्ष तस्वीर’ पेश नहीं की: जयशंकर

भाषा
Updated: October 21, 2019, 11:36 PM IST
'अंग्रेजी-भाषी उदारवादी मीडिया’ ने अनुच्छेद 370 पर ‘निष्पक्ष तस्वीर’ पेश नहीं की: जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि अंग्रेजी भाषी उदारवादी मीडिया ने कश्मीर मुद्दे पर निष्पक्ष तस्वीर पेश नहीं की (फाइल फोटो)

विदेश मंत्री एस जयशंकर (Foreign Minister S Jaishankar) ने कहा है कि अंग्रेजी भाषी उदारवादी मीडिया के "पूर्व निर्धारित विचार’’ थे और उसने ‘‘निष्पक्ष तस्वीर’’ पेश नहीं की

  • Share this:
नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस जयशंकर (Foreign Minister S Jaishankar) ने सोमवार को कहा कि अनुच्छेद 370 (Article 370) के प्रावधानों के निरस्त होने के बाद जब वह अमेरिका (America) गए थे तो यह ‘‘अंग्रेजी भाषी उदारवादी मीडिया’’ था जिसने दूसरों की तुलना में बहुत कठिन चुनौती पेश की क्योंकि उसके ‘‘पूर्व निर्धारित विचार’’ थे और उसने ‘‘निष्पक्ष तस्वीर’’ पेश नहीं की.

जयशंकर ने यहां अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) में बदलाव भारत का ‘‘आंतरिक मामला’’ (Internal Matter) है.

'विभिन्न देशों से संपर्क को दी प्राथमिकता ताकि बदलावों के बारे में समझा सकें'
उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव हमारा आंतरिक मामला है लेकिन जाहिर है कि दुनियाभर में इसे लेकर रुचि थी क्योंकि विभिन्न लोगों के इसके बारे में अपने विचार थे और हमारे पड़ोसियों ने इस बारे में थोड़ा हल्ला मचाया.’’

मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा (Special Status) समाप्त किए जाने के बाद भारत ने विभिन्न देशों की सरकारों से संपर्क किए जाने को प्राथमिकता दी ताकि वे समझ सकें कि ये बदलाव क्या थे.

उन्होंने कहा, ‘‘इस घटनाक्रम के लगभग छह सप्ताह बाद मैं सितंबर में अमेरिका (America) गया, हमने काफी प्रगति की. मेरा मानना है कि मीडिया ने काफी कठिन चुनौती पेश की, विशेषकर अंग्रेजी भाषी उदारवादी मीडिया ने, क्योंकि वे इस बारे में बहुत ही विचारधारा आधारित थे, उनके इस विषय पर पूर्व निर्धारित विचार थे.’’

'कई मायनों में उन्होंने निष्पक्ष तस्वीर नहीं पेश की'
Loading...

विदेश मंत्री (Foreign Minister) ने कहा, ‘‘मेरे विचार में, कई मायनों में उन्होंने निष्पक्ष तस्वीर पेश नहीं की. हो सकता है कि उन्होंने एक निष्पक्ष तस्वीर को स्वीकार नहीं किया हो.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बहुत से लोगों को पाया जो इस सूचना पर आश्चर्यचकित थे कि संविधान के जिस विशेष प्रावधान में बदलाव किया गया है, वह एक अस्थायी प्रावधान था लेकिन मीडिया (Media) ने ऐसा नहीं कहा.’’ जयशंकर सितंबर के अंत से अक्टूबर की शुरुआत तक एक सप्ताह की अमेरिकी यात्रा पर गए थे.

गौरतलब है कि केंद्र ने गत पांच अगस्त को संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाकर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख (Ladakh) में बांटने का फैसला किया था. ये केंद्र शासित प्रदेश 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे.

यह भी पढ़ें: राजनाथ सिंह ने कहा - पाकिस्‍तान को मुंहतोड़ जवाब देते रहेंगे हमारे सशस्‍त्र बल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 21, 2019, 11:17 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...