सबरीमाला मंदिर खुला, सभी महिलाओं के प्रवेश के लिए अदालत से समय मांगेगा टीडीबी

सबरीमाला मंदिर खुला, सभी महिलाओं के प्रवेश के लिए अदालत से समय मांगेगा टीडीबी
फाइल फोटो

41 दिनों तक चलने वाला मंडलम उत्सव मंडला पूजा के बाद 27 दिसंबर को संपन्न होगा जब मंदिर को ‘अथाझापूजा’ के बाद शाम को बंद कर दिया जाएगा. यह 30 दिसंबर को मकराविलक्कू उत्सव पर फिर से खुलेगा.

  • भाषा
  • Last Updated: November 16, 2018, 11:08 PM IST
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कोच्चि में सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई को लेकर तनावपूर्ण गतिरोध के बीच, दो माह के तीर्थयात्रा सत्र के लिये शुक्रवार शाम को कड़ी सुरक्षा के बीच सबरीमाला मंदिर के कपाट खोल दिए गए. उधर, मंदिर प्रशासकों ने कहा कि वे सभी आयुवर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत दिये जाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के लिए और समय मांगेंगे.

मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के फैसले को एलडीएफ सरकार का यू-टर्न माना जा रहा है. बोर्ड ने अयप्पा के भक्तों और दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के हिंसक प्रदर्शन का दोहराव रोकने के प्रयास में अदालत का रुख करने का फैसला किया जिसकी घोषणा पंबा में इसके अध्यक्ष ए पदमकुमार ने की. मंदिर के कपाट शाम पांच बजे खोले गये.

मंदिर और इसके आसपास के क्षेत्र में तीर्थयात्रा के सत्र के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किया गया है. इस सत्र में देश के विभिन्न भागों से लाखों भक्त आएंगे. बीस सदस्यीय कमांडो बल भी मंदिर की सुरक्षा में तैनात किये गये हैं.



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पथानमथित्ता के जिला कलेक्टर पी बी नूह ने कहा कि सबरीमाला की यात्रा के लिए सुरक्षा की मांग को लेकर फिलहाल 10-50 आयुवर्ग की किसी महिला ने अब तक स्थानीय प्रशासन से गुहार नहीं लगाई है.

उधर, पुणे की कार्यकर्ता तृप्ति और उनकी छह युवा सहयोगियों को भक्तों ने शुक्रवार की सुबह कोच्चि हवाईअड्डे पर आने के बाद वहीं 11 घंटे से अधिक समय रोके रखा . ये भक्त दस से 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे हैं.

हालांकि तृप्ति ने शुक्रवार रात को कहा कि वह वापस लौट रही हैं. हालांकि उन्होंने पूर्व सूचना के बिना फिर से आने का संकल्प लिया. पदमकुमार ने कहा, ‘अगर संभव हुआ, हम उच्चतम न्यायालय में कल या सोमवार को याचिका दायर करेंगे.’

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शीर्ष अदालत ने इससे पहले अपने फैसले पर रोक से इंकार किया था और वह पुनर्विचार की मांग वाली याचिकाओं पर 22 जनवरी को सुनवाई कर सकती है. प्रधान पुजारी कंडारारू राजीवारू की मौजूदगी में जब शाम पांच बजे मंदिर के पट खोले गए तो बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने ‘स्वामी अयप्पा’ का जयघोष किया. मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं.

41 दिनों तक चलने वाला मंडलम उत्सव मंडला पूजा के बाद 27 दिसंबर को संपन्न होगा जब मंदिर को ‘अथाझापूजा’ के बाद शाम को बंद कर दिया जाएगा. यह 30 दिसंबर को मकराविलक्कू उत्सव पर फिर से खुलेगा. मकराविलक्कू उत्सव 14 जनवरी को मनाया जाएगा जिसके बाद मंदिर 20 जनवरी को बंद हो जाएगा.

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