सबरीमाला विवाद पर केरल BJP चीफ का यू-टर्न, 'मुख्य पुजारी से नहीं हुई बात'

भारतीय धर्म जन सेवा के अध्यक्ष तुषार वल्लपल्ली के साथ कासरगोड से एरुमेली तक रथ यात्रा के दौरान पिल्लई ने कहा, 'हेड पुजारी ने मंदिर का दरवाजा बंद करने से पहले उनसे सलाह-मशविरा नहीं किया था.

News18.com
Updated: November 11, 2018, 9:21 AM IST
सबरीमाला विवाद पर केरल BJP चीफ का यू-टर्न, 'मुख्य पुजारी से नहीं हुई बात'
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई (फाइल फोटो)
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Updated: November 11, 2018, 9:21 AM IST
केरल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई ने कुछ दिन पहले खुलासा किया था कि रजस्वला उम्र की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने पर दरवाजे बंद करने की धमकी देने से पहले मुख्य पुजारी ने उनसे सलाह-मशविरा किया था. अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए शनिवार को उन्होंने कहा कि मुख्य पुजारी के परिवार के एक सदस्य ने उनसे इस बारे में बातचीत की थी.

हालांकि भगवान अयप्पा मंदिर का प्रबंध संभालने वाले त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने गुरुवार को स्पष्ट किया था कि यह प्रक्रिया सिर्फ एक औपचारिकता है. क्योंकि मुख्य पुजारी पहले ही भगवा दल के दावे का खंडन कर चुके हैं.

भारतीय धर्म जन सेवा के अध्यक्ष तुषार वल्लपल्ली के साथ कासरगोड से एरुमेली तक रथ यात्रा के दौरान पिल्लई ने कहा, 'हेड पुजारी ने मंदिर का दरवाजा बंद करने से पहले उनसे सलाह-मशविरा नहीं किया था. बल्कि उनके परिवार के एक सदस्य ने इस बारे में उनसे पूछा था. हेड पुजारी के स्पष्टीकरण पर संदेह नहीं करना चाहिए. हेड पुजारी ने उन्हें नहीं बुलाया था.'

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कुछ दिन पहले केरल बीजेपी अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई एक एक कथित ऑडियो टेप वायरल हुआ था. जिसमें वह कह रहे हैं कि सबरीमाला मंदिर पर जारी विवाद पार्टी के लिए सुनहरा मौका है. इस कथित ऑडियो क्लिप में पिल्लई कह रहे हैं कि सबरीमाला के मुख्य पुजारी ने उनसे बात की थी कि यदि महिलाएं मंदिर में घुसने की कोशिश करेंगी की तो वे मंदिर के द्वार बंद कर देंगे.

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बताया जा रहा है कि पिछले दिनों पिल्लई ने कोझिकोड़ में युवा मोर्चा को संबोधित किया था और यह ऑडियो उसी कार्यक्रम का है. बीजेपी नेता कथित तौर पर कह रहे हैं कि मुख्य पुजारी कुंडारारु राजीवारु मंदिर के द्वार बंद करने को लेकर थोड़ा संदेह में थे. उन्हें कोर्ट की अवमानना का डर था लेकिन उनसे (पिल्लई से) बात करने के बाद उन्होंने मंदिर का गेट बंद करने का फैसला किया.
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इस कथित ऑडियो में वह कह रहे हैं, “तांत्रिक समुदाय को बीजेपी और उसके प्रदेश प्रमुख पर अधिक भरोसा है. जब महिलाएं मंदिर में घुसने ही वाली थीं तब उन्होंने मुझे फोन किया. वह मंदिर के गेट बंद करने को लेकर थोड़े अपसेट थे क्योंकि उन्हें कोर्ट की अवमानना का डर था. उस वक्त जिन चुनिंदा लोगों को उन्होंने फोन किया उनमें से एक मैं भी था. मैंने कहा कि वह अकेले नहीं हैं. अगर कोर्ट की अवमानना का केस हुआ तो सबसे पहले हम पर होगा. हजारों-लाखों लोग उनके साथ होंगे. बातचीत के बाद उन्होंने अपना स्टैंड लिया. इस फैसले से पुलिस और प्रशासन दोनों सकते में आ गए. हमें उम्मीद है कि वह ऐसा ही दोबारा करेंगे.”
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