14 जून को मासिक पूजा के लिए खुलेगा सबरीमाला मंदिर, दूसरे राज्यों के लोगों के लिए कोविड टेस्ट रिपोर्ट जरूरी

14 जून को मासिक पूजा के लिए खुलेगा सबरीमाला मंदिर, दूसरे राज्यों के लोगों के लिए कोविड टेस्ट रिपोर्ट जरूरी
14 जून को मासिक पूजा के लिए खोला जाएगा सबरीमाला मंदिर

जिन लोगों ने वर्चुअल कतार प्रणाली के माध्यम से अपना नाम पंजीकृत किया है, वे सन्निधनम में प्रवेश कर सकते हैं. पंजीकरण के समय, अन्य राज्यों के लोगों को कोविड-19 की जांच (Covid-19) का एक प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा जिसमें कि उनका टेस्ट निगेटिव रहा हो.

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तिरुवनंतपुरम. देश भर में कोरोना वायरस लॉकडाउन (Coronavirus) के चलते जारी पाबंदियों में ढील दी जा रही है. 8 जून से शुरू हुए अनलॉक -1 (Unlock-1) में मॉल्स, रेस्त्रां और धार्मिक स्थल भी खोले जा रहे हैं. ऐसे में त्रावणकोर देवस्म बोर्ड के अध्यक्ष एन वासु ने जानकारी दी है कि सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) 14 जून की शाम को मासिक पूजा के लिए खोला जाएगा. वासु ने कहा कि हमने मंदिर के दोनों तंत्रियों से इस पर चर्चा कर ली है. उनसे विचार-विमर्श और समन्वय से हमने ये फैसला किया है. वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार, मंदिर उत्सव 19 जून से शुरू होना है, इससे पहले 14 जून से मासिक पूजा होगी. 20 जून को पम्पा नदी में आरत समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

कोविड निगेटिव लोगों को ही प्रवेश की अनुमति
जिन लोगों ने वर्चुअल कतार प्रणाली के माध्यम से अपना नाम पंजीकृत किया है, वे सन्निधनम में प्रवेश कर सकते हैं. पंजीकरण के समय, अन्य राज्यों के लोगों को कोविड-19 की जांच (Covid-19) का एक प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा जिसमें कि उनका टेस्ट निगेटिव रहा हो. यह प्रमाण पत्र आईसीएमआर द्वारा अप्रूव्ड प्रयोगशाला से प्राप्त हुआ होना चाहिए.

मंदिर खोलने पर मंत्रियों के बीच विवाद
वहीं केरल में मंदिरों के करीब 75 दिन बाद मंगलवार को फिर से खुलने के साथ ही एक केंद्रीय मंत्री और राज्य के एक मंत्री के बीच इस मुद्दे पर वाकयुद्ध शुरू हो गया. विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने मंदिरों को फिर से खोलने में ‘‘जल्दबाजी’’ दिखाने को लेकर सवाल उठाया. वहीं, राज्य के देवस्वोम मंत्री कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि मंदिरों को खोलने का निर्णय धार्मिक स्थलों को खोलने से संबंधित केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है.



केंद्र सरकार ने ‘अनलॉक 1.0’ के तहत सोमवार से पूरे देश में धार्मिक स्थल, मॉल और रेस्तराओं को फिर से खोलने की मंजूरी दी थी जो 25 मार्च को कोविड-19 लॉकडाउन लागू होने के बाद से बंद थे. मुरलीधरन ने सोमवार को एक फेसबुक पोस्ट में राज्य की वाम सरकार पर यह कहते हुए निशाना साधा था कि ‘‘आपकी सरकार राज्य में भौतिक दूरी भी नहीं बनाए रख पा रही है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में जब राज्य में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं, क्या आप मंदिरों को खोलकर दोष मंदिरों पर ही मढ़ना चाहते हैं? हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के तहत मंदिरों को खोलने का निर्णय वापस ले.’’

बीजेपी ने किया मंदिर खोलने का विरोध
महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य मुरलीधरन ने सोमवार शाम ट्वीट भी किया था कि न तो श्रद्धालुओं ने और न ही मंदिर समितियों ने मंदिरों को जनता के लिए फिर से खोलने की मांग की थी.

भाजपा और हिंदू अकिया वेदी ने राज्य के धार्मिक स्थलों को खोलने के फैसले का सोमवार को विरोध किया था. मंगलवार को राज्य के कुछ चर्च और मस्जिदों के साथ त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के तहत आने वाले विभिन्न मंदिर खुल गए.

(भाषा के इनपुट सहित)

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