Home /News /nation /

सबरीमाला मंदिर: 50 से कम उम्र की दो महिलाओं को फिर प्रवेश से रोका

सबरीमाला मंदिर: 50 से कम उम्र की दो महिलाओं को फिर प्रवेश से रोका

सबरीमाला मंदिर में श्रद्धालु (फाइल फोटो)

सबरीमाला मंदिर में श्रद्धालु (फाइल फोटो)

बिंदू ने सबरीमाला जाते वक्त मीडिया से कहा, 'हम यहां भगवान अयप्पा का दर्शन करने आए हैं. उम्मीद है कि यहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा और पुलिस हमें सुरक्षा प्रदान करेगी.'

  • News18.com
  • Last Updated :
    सबरीमाला मंदिर में प्रवेश को लेकर सोमवार को भी हालात तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं. स्थिति उस वक्त ज्यादा तनावपूर्ण हो गई, जब सोमवार सुबह 50 वर्ष से कम आयु की दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश के लिए एक बार फिर से चढ़ाई शुरू की. दोनों महिलाओं को पुलिस सुरक्षा दे रही है. लेकिन लगभग 100 श्रद्धालु इन महिलाओं का विरोध कर रहे हैं. ऐसा भी कहा जा रहा है कि विरोध कर रहे श्रद्धालुओं ने महिलाओं को मंदिर से 2 किलोमीटर पहले अपाचीमेडू में ही रोक दिया है.

    मलप्पुरम की निवासी 46 वर्षीय कनकदुर्गा और कोझीकोड की रहने वाली बिंदू आज सुबह से मंदिर की ओर बढ़ रही हैं. वहीं प्रदर्शनकारी जगह जगह नारे लगाकर उनका रास्ता रोक रहे हैं. आज सुबह दोनों महिलाएं केएसआरटीसी की बस से पहले पम्बा पहुंची और यहां की पहाड़ी से अपनी यात्रा शुरू की. मरकूटटोम में प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा था. जिसके कारण महिलाएं सुबह 7.30 बजे यहां पहुंचीं.

    बिंदू ने सबरीमाला जाते वक्त मीडिया से कहा, 'हम यहां भगवान अयप्पा का दर्शन करने आए हैं. उम्मीद है कि यहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा और पुलिस हमें सुरक्षा प्रदान करेगी.'

    ये भी पढ़ें: सबरीमाला: श्रद्धालुओं ने रोका रास्ता, महिलाओं को ले जाना पड़ा थाने

    इससे पहले पम्बा में रविवार की सुबह उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी जब 50 वर्ष से कम आयु की 11 महिलाओं के एक समूह ने भगवान अयप्पा मंदिर में पहुंचने की कोशिश की. उस वक्त सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उनका विरोध कर रास्ता रोक दिया था. हालांकि पुलिस ने पारंपरिक वन पथ को जाम करने और चेन्नई के 'मानिथि' संगठन की महिलाओं का रास्ता रोकने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को गिरफ्तार करने की कोशिश की.

    महिलाएं मंदिर की ओर जाने वाले पारंपरिक पथ पर केवल 100 मीटर ही आगे बढ़ पाई थीं. मंदिर यहां से पांच किलोमीटर दूर है. निषेधात्मक आदेश की अवहेलना करते हुए सैकड़ों श्रद्धालु यहां एकत्र हुए और उन्होंने भगवान अयप्पा के भजन जोर-जोर से गाने शुरू कर दिए.

    पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक वहां से हटाने की कोशिश की क्योंकि बार-बार घोषणाएं किए जाने की बाद भी वे वहां से जाने को तैयार नहीं थे. सड़कों पर छह घंटे से अधिक समय से बैठी महिलाओं के साथ भी पुलिस की बातचीत विफल रही. क्योंकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगी.

    अयप्पा मंदिर से जुड़े पंडालम शाही परिवार और विपक्षी दल भाजपा ने इन महिलाओं को पुलिस संरक्षण देने का आरोप लगाया. वहीं देवास मंत्री कदकंपल्ली सुरेंद्रन ने कहा था कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त निगरानी पैनल के निर्देशों के अनुसार कार्य करेंगे. उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय पैनल मामले पर गौर करेगा और सही निर्णय लेगा. सरकार उसी के अनुसार आगे कदम उठाएगी.'

    ये भी पढ़ें: हिंसक प्रदर्शनों के बावजूद सबरीमाला मंदिर में प्रवेश कर रहीं महिलाएं!

    भाजपा नेता के. सुरेन्द्रन ने आरोप लगाया था कि महिलाओं का यहां पहुंचना 'पूर्व-नियोजित' था और इसके पीछे माकपा नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार का हाथ है. इस समूह की संयोजक सेल्वी से पुलिस की बातचीत भी विफल रही. क्योंकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगी.

    सेल्वी ने पत्रकारों से कहा था, 'प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस हमें वापस जाने को कह रही है लेकिन हम दर्शन किए बिना नहीं जाएंगे. हम यहां तब तक इंतजार करेंगे जब तक हमें आगे नहीं जाने दिया जाता.' चेन्नई के 'मानिथि' संगठन की ये महिलाएं केरल-तमिलनाडु सीमा पर इडुक्की-कम्बदु मार्ग से तड़के करीब साढ़े तीन बजे पम्बा पहुंची थी.

    समूह की सदस्य तिलकवती ने कहा था, 'मंदिर में दर्शन नहीं होने तक हम प्रदर्शन जारी रखेंगे. पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हमें वापस जाने को कहा है. लेकिन हम वापस नहीं जाएंगे.'

    गौरतलब है कि सबरीमाला मंदिर में 10-50 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर पारंपरिक रूप से लगी रोक के खिलाफ आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश और पूजा की अनुमति दे दी थी. तब से मंदिर में प्रवेश को लेकर कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं.

    Tags: Central government, High court, Kerala, Police, Sabrimala, Supreme Court

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर