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अलकायदा आतंकी डॉक्टर सबील अहमद का कबूलनामा, कैसे सीमा पार से भारत के खिलाफ रची जा रही थी साजिश

अलकायदा आतंकी डॉ. सबीर अहमद. (फाइल फोटो)

अलकायदा आतंकी डॉ. सबीर अहमद. (फाइल फोटो)

Sabeel Ahmed Al-Qaeda Terrorist: डॉक्टर सबील अहमद शायद भारत का इकलौता सबसे ज्यादा हाई एजुकेटेड आतंकी होगा जिसका लगभग पूरा खानदान ही डॉक्टरी के पेशे में था.

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नई दिल्ली. लंदन के ग्लासगो एयरपोर्ट पर हमले का मास्टरमाइंड और अलकायदा आतंकी डॉक्टर सबील अहमद ने अपने कबूलनामे में यह बताया है कि कैसे सीमा पार से देश के खिलाफ साजिश रची जा रही थी. डॉक्टर सबील ने ग्लासगो एयरपोर्ट घटना का सच भी बयां किया है. इतना ही नहीं, उसने अपनी इंट्रोगेशन रिपोर्ट में खुलासा किया है कि देश के हिंदूवादी नेता, पत्रकार, लेखक, पुलिस अधिकारी सहित संघ और विश्व हिंदू परिषद के नेता इनके निशाने पर थे. डॉक्टर सबील अहमद फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल के अति सुरक्षित सेल में बंद है.


एनआईए ने डॉक्टर सबील अहमद को भारत में सबसे पहले अगस्त 2020 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था. एनआईए की तफ्तीश के बाद स्पेशल सेल ने भी उसे अलकायदा के केस में 22 फरवरी 2021 को गिरफ़्तार किया था. अगले कुछ दिनों में स्पेशल सेल इस मामले में एक अहम चार्जशीट दाखिल करेगी, जिसमें लश्कर और अलकायदा से उसके कनेक्शन का खुलासा किया जाएगा. न्यूज18 के पास डॉक्टर सबील अहमद की एनआईए की अहम चार्जशीट भी मौजूद है.


बता दें कि साल 2015 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अलकायदा के पैन इंडिया मॉड्यूल का खुलासा किया था जिसमें दिल्ली, यूपी (सम्भल), हरियाणा, उड़ीसा, बेंगलुरु से अलकायदा के 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था. इन आतंकियों की पूछताछ में एक नाम सामने आया डॉक्टर सबील अहमद का जिसके बाद अब डॉक्टर सबील अहदम के खिलाफ एक महत्वपूर्ण चार्जशीट जल्द स्पेशल सेल दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल करने जा रही है. डॉक्टर सबील अहदम से पूछताछ के आधार पर आज भी दिल्ली पुलिस, एनआईए और देश की कई एजेंसियां इन आतंकियों की तलाश में जुटी है


वांटेड आतंकियों के नाम
सैदय अख्तर, यूपी सम्भल निवासी
मोहम्मद शर्जील अख्तर, यूपी सम्भल निवासी
रेहान, दिल्ली निवासी
अबु सुफियान, झारखंड निवासी
अरसियान हैदर, झारखंड निवासी (हैदर पहले पाकिस्तान में था बाद में उसने ISIS जॉइन कर ली और फिर तुर्की में गिरफ्तार होकर वहीं की जेल में बंद है.)
शाहिद फैजल, कर्नाटक निवासी (यह पाकिस्तान में मौजूद है और गौरी का दामाद है.)
फरतुल्ला गौरी, हैदराबाद निवासी. (गौरी अक्षरधाम मंदिर हमले का मास्टरमाइंड भी है, फिलहाल पाकिस्तान में मौजूद है.)
मोहम्मद उमर, हैदराबाद निवासी


देश का सबसे अमीर आतंकी डॉक्टर सबील अहमद
डॉक्टर सबील अहमद शायद भारत का इकलौता सबसे ज्यादा हाई एजुकेटेड आतंकी होगा जिसका लगभग पूरा खानदान ही डॉक्टरी के पेशे में था. डॉक्टर सबील अहमद करोड़पति आतंकी है, जिसके आप अपनी पुश्तैनी करीब 25 करोड़ की प्रोपर्टी है. उसने अपनी पुश्तैनी करोड़ों की प्रॉपर्टी का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए फंडिंग, आतंकियों की भर्ती और हथियारों की खरीद-फरोख्त में किया था ताकि भारत मे तबाही मचाई जा सके.


जब सऊदी अरब सरकार को साल 2016 में यह जानकारी मिली की सबील अहमद अपनी करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी को किराए पर रखकर उससे होने वाली मोटी कमाई का इस्तेमाल आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने, आतंकियों की भर्ती करने में कर रहा है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया गया और दोषी ठहराया गया और बाद में अगस्त 2020 में उसे रिहा भी कर दिया गया था.


कैसे एक होनहार डॉक्टर बना अलकायदा-लश्कर का सबसे बड़ा आतंकी
नाम - डॉक्टर सबील अहमद उम्र 39 साल, पता - सऊदी अरब केएसए. परमानेंट पता - हाउस नंबर 1981 26 क्रॉस नाइंथ बेंगलुरु कर्नाटक.
डॉक्टर सबील अहमद का जन्म 21/4/1981 को कर्नाटक में हुआ. सबील ने अपनी शुरुआती पढ़ाई इंडियन एंबेसी स्कूल दमन सऊदी, इंडियन एंबेसी स्कूल जुबली किंगडम सऊदी अरब और बेंगलुरु के जेपी नगर स्थित ऑक्सफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल की है. इसके बाद सबील अहमद ने बेंगलुरु के डॉक्टर बी आर अंबेडकर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का कोर्स ज्वॉइन कर लिया. साल 2005 में वहां से पास होने के बाद सबील अब एक प्रोफेशनल डॉक्टर बनने के लिए तैयार हो गया था.


बता दें कि सबील अहमद कन्नड़, हिंदी, उर्दू और अरबिक भाषा का अच्छा-खासा ज्ञान रखता है. डॉक्टर सबील अहमद ने बताया कि उसका परिवार अल हदीस मुस्लिम रीति रिवाज को फॉलो करता है और वह भी इन्हीं के नक्शे-कदम पर चल रहा थ. वह मदरसा और धार्मिक अध्ययन भी कर रहा था. सबील अहमद की शादी साल 2010 में सारा फातिमा नाम की महिला से हुई जो जेपी नगर बेंगलुरु की रहने वाली थी. सबीर की पत्नी बीएससी कर चुकी है और उसकी एक 9 साल की बेटी है जो तीसरी कक्षा में पढ़ती है.


सबील ने बताया कि उसकी एक बहन डॉक्टर सादिया कौशल (36) साल सऊदी अरब में रहती है. वहीं सबील का एक भाई कफील अहमद 2007 में आत्मघाती हमले में यूनाइटेड किंगडम में मारा गया था. सबील का भाई एक आत्मघाती हमलावर था. सबील के कबूलनामे के मुताबिक उसके पिता मकबूल अहमद भी एमबीबीएस डॉक्टर थे जिनकी जुलाई 2011 में 70 साल की उम्र में बीमारी की वजह से मौत हो गई थी. सबील के मुताबिक उसकी मां जाकिर अहमद (75) भी पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर है और वह इस वक्त बेंगलुरु में सबील की पत्नी और बेटी के साथ रह रही है.


सबील अहमद ने बताया कि उसकी बहन सादिया कौशल गायनोलॉजिस्ट डॉक्टर है जो साल 2011 तक मैसूर में प्रैक्टिस करती थी जिसके बाद 2012 में वह सऊदी अरब में मेरी मां के पास रहने लगी और यहां एमसीएच हॉस्पिटल अल हसा सऊदी अरब में प्रैक्टिस करने लगी. सबील ने कहा, '2010 में मेरी बहन का निकाह डॉक्टर इमरान अहमद से हुआ, पर कुछ इस साल में उनका तलाक हो गया. 2015 में मेरी बहन ने फिर सईद मोहम्मद जीशान अली से निकाह किया, जो कि इस मामले में गिरफ्तार भी हुआ है. जीशान अली भी साल 2014 में सऊदी अरब में रहता था.


सबील ने बताया, 'मेरे बड़े भाई कपिल अहमद ने भी कर्नाटक से मेडिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की है. सबील के मुताबिक वह और उसका भाई लगातार हजरत टीपू मस्जिद और उसके आसपास की लोकेशन पर विजिट करने लगे. उसने बताया, 'मैं और मेरा भाई पूरी तरह से रेडिकलाइज हो रहे थे और हम इन गतिविधियों में शामिल हो गए.' इसका खुलासा करते हुए उसने बताया कि वह तबलीगी जमात से रेडिकलाइज होने लगा था.


बाद में सबील साल 2001 में कुछ पढ़ाई करने के लिए इंग्लैंड चला गया और यहां उसने एयरोनॉटिकल इंजीनियर में मास्टर डिग्री हासिल की जिसके बाद उसने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल साइंस में पीएचडी की. साल 2005 में सबील वापस अपने घर आया और फिर कुछ वक्त के बाद वापस यूके आकर अपनी पढ़ाई करने लगा. सबील अहमद ने बताया कि साल 2002 में यूनाइटेड किंगडम में उसने कुछ और पढ़ाई की और फिर उसे इंग्लैंड के जनरल हॉस्पिटल में जॉब मिल गई.


आखिर कैसे रची गई ग्लास्गो एयरपोर्ट पर हमले की साजिश
सबील के मुताबिक इंग्लैंड में रहने के दौरान वह लगातार अपने बड़े भाई कफील अहमद के संपर्क में था और उस दरम्यान कफील उससे लगातार विश्व में मुसलमानों की बद्तर हालत का हवाला देकर जिहाद करने की बात करता था. सबील ने कहा, 'कुछ वक्त के बाद मई 2007 में मेरा बड़ा भाई कफील अहमद मेरे पास इंग्लैंड आया. मेरे भाई ने मुझसे बोला कि जिहाद के लिए कुछ बड़ा करना है और उसके लिए हमें मिलकर प्लानिंग करना है.'


सबील ने खुलासा करते हुए कहा, 'वो और उनका भाई लंदन में सुसाइड अटैक करने का प्लान बना रहा था जिसके लिए मैंने अपने भाई को मना भी किया, पर कफील नहीं माना और फिर इंग्लैंड से वापस चला गया और हमारे बीच मेसेज के जरिये बात होने लगी.' सबील ने खुलासा किया कि उसने अपने भाई से जिहाद को लेकर हर सम्भव मदद करने का भरोसा जताया था. उधर कफील इस दौरान आईसलैंड चला गया और यहां से वो सबील से ईमेल चैट्स और अन्य संचार माध्यम से बात करता रहा और जिहाद की योजना बनाई.

ग्लास्गो सुसाइड अटैक से एक वीक पहले कफील ने सबील को बताया कि अटैक की सब तैयारी हो गई है और बाकी प्लानिंग के बारे में जल्द बताया जाएगा. सबील ने कहा, 'ग्लास्गो बम ब्लास्ट के ठीक 30 जून 2007 को पहले मेरे भाई कफील ने एक मैसेज मुझे किया था जिसमें उसने एक ईमेल का पासवर्ड भेजा था. मैंने वो मेसेज पढ़ा जो मिशन जिहाद के बारे में था.' मेल भेजने वाले दिन ही ग्लास्गो एयरपोर्ट पर सुसाइड अटैक किया गया. इस अटैक में कफील अहमद बुरी तरह घायल हुआ था, जिसे तुरन्त अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां 1 महीने बाद उसकी मौत हो गई.


सबील ने कहा, 'मुझे उसी दिन यूके पुलिस ने हिरासत में ले लिया और 10 महीने के लिए जेल में बंद कर दिया. कोर्ट ने मुझे ब्लास्ट की जानकारी छुपाने के आरोप मे सजा भी सुनाई, जिसके बाद में मई 2008 मे यूके से मुझे भारत डिपोर्ट किया गया. भारत डिपोर्ट होने के बाद मैं वापस बेंगलुरु चला गया और वहां मैं जॉब सर्च करने लगा. इस दौरान यह कोशिश करता रहा कि मिडिल ईस्ट के किसी देश में नौकरी लग जाए. इस टाइम पीरियड के दौरान में डॉ उस्मान घनी जिनको मैं साल 2005 से जानता था उनके बेहद करीब आ गया क्योंकि कई बार उन्होंने मेरे घर पर विजिट किया था और वे मेरे माता-पिता से भी मिले थे. उस्मान घनी भी सऊदी अरब में नौकरी की तलाश कर रहे थे.'


डॉक्टर सबील और अलकायदा के आतंकी मोहम्मद अब्दुल रहमान की पहली मीटिंग कैसे हुई?
सबील ने बताया, 'साल 2008 में यूके से भारत आने के बाद अलकायदा के आतंकी मोहम्मद अब्दुल रहमान मेरे रिश्तेदार रिजवान अहमद के साथ मेरे घर आया. वह मेरे भाई की मौत पर सांत्वना देने आया था, उसने मुझे बताया कि वह बेंगलुरु के इलाके में मदरसा चलाता है. इस दौरान मेरी उससे गहरी दोस्ती हो गई. उसी दौरान मेरी मोहम्मद शाहिद फैजल से भी गहरी दोस्ती हो गई थी जिसे मैं 2006 से जानता था.'


सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक शाहिद फैजल एक वांटेड आतंकी है. सबील ने कहा कि मोहम्मद शाहिद फैजल से उसकी मुलाकात बेंगलुरु में एक सेमिनार के जरिए दौरान हुई थी. उसने बताया, 'इस दौरान मेरी डॉक्टर उस्मानी गनी, अब्दुल रहमान और शायद फैजल से अच्छी दोस्ती हो गई थी. हम लोग मुस्लिम समुदाय के पिछड़ेपन और इस्लाम को भारत में कैसे बढ़ाया जाए इसके बारे में बात करने लगे थे. इन मुलाकातों के दौरान हमने पूरे विश्व में मुस्लिमों के उत्थान के लिए लड़ाई लड़ने की भी ठानी.'

सबील ने बताया, 'साल 2009 में बेंगलुरु में सऊदी अरेबियन अथॉरिटी के द्वारा आयोजित एक रिक्रूटमेंट में मैं शामिल हुआ था जिसमें मेरी सरकारी डॉक्टर के तौर पर नियुक्ति हो गई थी जिसके बाद 2009 में मैंने सऊदी अरब के किंग फहद अस्पताल में बतौर डॉक्टर ज्वॉइन कर लिया, जहां शुरुआत में मुझे बतौर सैलरी 6000 रियाल मिलते थे. साल 2016 के अंत तक मेरी सैलरी बढ़कर 10000 रियाल हो गई और करीब 8 महीने बाद मैं भारत वापस आ गया और मैंने सारा से शादी कर ली.'

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