लाइव टीवी

संसद में गैर हाजिरी की दर ज्यादा होने को अफसोस की बात: वेंकैया नायडू

भाषा
Updated: December 11, 2019, 5:15 AM IST
संसद में गैर हाजिरी की दर ज्यादा होने को अफसोस की बात: वेंकैया नायडू
एम वेंकैया नायडू ने संसद में अनुपस्थिति की दर ज्यादा होने पर चिंता जाहिर की और इसे अफसोस की बात बताया.

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू (M. Venkaiah Naidu) ने कहा कि उपस्थिति बहुत जरूरी है. आज कल आप जो देख रहे हैं वह खेदजनक है. कई बार पीठासीन अधिकारियों को संसद में कोरम की घंटी बजानी पड़ती है

  • Share this:
नई दिल्ली. उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा (Rajya Sabha) के सभापति एम वेंकैया नायडू (M. Venkaiah Naidu) ने संसद में अनुपस्थिति की दर ज्यादा होने पर चिंता जाहिर की और इसे अफसोस की बात बताया. यहां लोकमत संसदीय पुरस्कार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नायडू ने सांसदों की उपस्थिति के महत्व पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, 'उपस्थिति बहुत जरूरी है. आज कल आप जो देख रहे हैं वह खेदजनक है. कई बार पीठासीन अधिकारियों को संसद में कोरम की घंटी बजानी पड़ती है जो 545 से अधिक सदस्यों वाले सदन में कभी नहीं होना चाहिए.'

नायडू ने कहा, 'अगर एक समय पर 50 सदस्य भी नजर नहीं आते है तो सदन का सदस्य होने के क्या मायने हैं.'वहीं संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले सांसदों को उन्होंने सम्मानित भी किया. लोकमत संसदीय पुरस्कार समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित आठ सांसदों को सम्मानित किया गया.

सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दिया गया. वर्ष का सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सदस्य एवं पूर्व शहरी विकास राज्य मंत्री सौगत राय और द्रमुक राज्सभा सदस्य तिरुचि शिवा को दिया गया.

ये भी पढ़ें: 

मुलायम और पूर्व PM मनमोहन सिंह को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

OPINION: नागरिकता संशोधन बिल पर आखिर इतना हंगामा क्यों

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 11, 2019, 5:15 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर