Home /News /nation /

राज्यपाल मलिक के कहने पर ही पेश किया सरकार बनाने का दावा, अब वह पलट गएः सज्जाद लोन

राज्यपाल मलिक के कहने पर ही पेश किया सरकार बनाने का दावा, अब वह पलट गएः सज्जाद लोन

सज्जाद लोन (फाइल फोटो)

सज्जाद लोन (फाइल फोटो)

राज्यपाल मलिक ने दिन में कहा था कि केन्द्र सरकार सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनवाना चाहती थी, लेकिन अगर वह ऐसा करते तो बेईमानी होती. इसलिए उन्होंने विधानसभा भंग करने का फैसला किया.

    जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग होने के बाद नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. अब पीपुल्स कॉन्फ्रेंस नेता सज्जाद लोन ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर सच के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है. लोन ने दावा किया कि उन्होंने राज्यपाल के कहने पर ही सरकार बनाने के दावा पेश किया था.

    बता दें कि राज्यपाल मलिक ने दिन में कहा था कि केन्द्र सरकार सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनवाना चाहती थी, लेकिन अगर वह ऐसा करते तो बेईमानी होती. इसलिए उन्होंने विधानसभा भंग करने का फैसला किया.

    सज्जाद लोन ने कहा, "मैं पिछले तीन चार दिन से देख रहा हूं कि सच को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है. कई घटनाओं को एकदम गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. दुखद यह है कि ऐसा करने वालों में राज्यपाल भी शामिल हैं."

    पैलेट गन की शिकार हुई 18 महीने की हिबा, शायद ही लौटे आंखों की रोशनी

    लोन ने दावा किया कि राज्यपाल ने उनसे फैक्स भेजने के लिए कहा और उसके बाद करीब तीन घंटे की कोशिश के बाद भी उनकी पार्टी फैक्स भेजने में सफल नहीं हुई. राज्यपाल के सचिव ने भी फोन उठाना बंद कर दिया जबकि पहले उनके माध्यम से ही उनकी मलिक से बात हुई है.

    बता दें कि जिस वक्त पीपुल्स कॉन्फ्रेंस फैक्स भेजने की कोशिश कर रही थी उसी दौरान पीडीपी ने सोशल मीडिया पर अपनी चिट्ठी जारी कर दी.

    सज्जाद ने कहा, "मुझे नहीं पता कि उन्होंने सरकार बनाने का दावा क्यों किया. हम दावा करने वाले हैं इसलिए या ये उनका खुद का फैसला था."

    जम्मू-कश्मीर में सज्जाद लोन को CM बनाना चाहता था केंद्र: राज्यपाल सत्यपाल मलिक

    बता दें कि 21 नवंबर को पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को फैक्स करके सरकार बनाने का दावा पेश किया था. पीडीपी ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों का समर्थन मिलने का दावा किया था. वहीं पीपल्स कॉन्फ्रेंस ने बीजेपी के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया था. लेकिन इसके कुछ घंटों बाद ही राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दी थी.

    सज्जाद लोन ने कहा, "कुछ लोगों का मानना है कि महबूबा मुफ्ती को इस बात की भनक लग गई थी कि हम सरकार बनाने का दावा पेश करने वाले हैं. इसलिए उन्होंने आनन फानन में सरकार बनाने के दावे वाली चिट्ठी ट्विटर पर पोस्ट कर दी. हमारे पास पर्याप्त समर्थन था और हम सरकार बनाने में कामयाब हो जाते."

    सरकार बनाने को लेकर गंभीर होते तो मुझ तक आसानी से पहुंच सकते थे महबूबा और उमर: राज्यपाल

    लोन को सीएम बनाना चाहता था केंद्रः सत्यपाल मलिक
    राज्यपाल ने कहा, ''फिर एक बार साफ कर दूं कि दिल्ली की तरफ देखता तो मुझे लोन की सरकार बनानी पड़ती और मैं इतिहास में एक बेईमान आदमी के तौर पर जाना जाता. लिहाजा मैंने उस मामले को ही खत्म कर दिया. जो लोग मुझे गाली देते हैं, देते रहें . लेकिन मैं इस बात से सहमत हूं कि मैंने जो कुछ भी किया वो ठीक किया.''

    सत्यपाल मलिक ने सीएनएन न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए कहा, ''सज्जाद के पास संख्या थी. ऐसे में ये साफ है कि केन्द्र उनके नाम को ही सामने लाती. मैंने कोई गलती नहीं की. मैंने न्यूट्रल आदमी के तौर पर काम किया."

    Tags: BJP, Jammu kashmir, PDP, Satyapal malik

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर