धारा 370 को लेकर सज्जाद लोन का उमर अब्दुल्ला पर बड़ा हमला, कश्मीरियों से ये सच छुपाने का आरोप

उमर और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला की फाइल फोटो
उमर और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला की फाइल फोटो

सज्जाद लोन ने कहा आर्टिकल 370 को सबसे ज़्यादा नुकसान अब्दुल्ला परिवार और कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2019, 8:06 AM IST
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जम्मू-कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर हमला बोलते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस कश्मीरियों को इतिहास की सच्चाई नहीं बता रही है. लोन ने उमर अब्दुल्ला के 'दो पीएम' वाले बयान पर कहा कि शेख अब्दुल्ला ही 'पीएम' पद छोड़ सीएम की कुर्सी के लिए तौयार हो गए थे. लोन ने कहा आर्टिकल 370 को सबसे ज़्यादा नुकसान अब्दुल्ला परिवार और कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुआ. उन्होंने कहा कि अगर दो पीएम हमारा हक़ हैं तो ज़रूर लाएं, लेकिन उमर अब्दुल्ला के दादा शेख अब्दुल्ला पहले कश्मीर के 'पीएम' थे. इसके बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उमर को यह सच कश्मीरियों से छुपाना नहीं चाहिए.

लोन ने कहा कि इंदिरा-शेख एकॉर्ड से तय हो गया था कि 'कश्मीर के प्रधानमंत्री' पद को लेकर कोई भी बदलाव केवल भारत के राष्ट्रपति ही कर सकते हैं. इस बार सज्जाद लोन की पार्टी पीपल्स कॉन्फ्रेंस से कश्मीर में तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. उन्होंने कहा कि तीनों उम्मीदवारों ने बहुत मेहनत की है और उन्हें जीत की उम्मीद है. क्षेत्रीय पार्टियों के बीजेपी विरोधी प्रचार पर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने प्रो-कश्मीर प्रचार किया. लोन ने कहा प्रो-कश्मीर का मतलब एंटी इंडिया नहीं है.

यासीन मलिक मेरा दोस्त
यासीन मलिक पर फ़ारूक़ अब्दुल्ला के बयान पर लोन ने कहा "यासीन मलिक मेरा दोस्त हैं, हम साथ जेल भी गए. मुझे उनके लिए दुख है, लेकिन फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने ही बतौर मुख्यमंत्री यासीन मलिक को जेल भेजा, यासीन मलिक को टॉर्चर कराया. मुख्यमंत्री के तौर पर यासीन के सिर पर इनाम रखा. क्या अब वो सब भूल गए?
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लोन ने कहा अगर 1987 में चुनाव सही हुए होते तो आज यासीन मलिक उमर की तरह बड़े राजनेता होते. यासीन पर हुई कार्रवाई पर लोन ने कहा कि 1987 के पीड़ितों को फिर पीड़ित बनाया जा रहा है. आप सिर्फ लक्षण का इलाज करेंगे, तो बीमारी ठीक नहीं होगी. लोन ने फ़ारूक़ अबदुल्ला पर 1987 चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि अब्दुल्ला की वजह से कश्मीर में बंदूक आई. उन्होंने कहा कि फ़ारूक़ अब्दुल्ला अब रुदाली बन गए हैं. यासीन मलिक के हथियार उठाने के पीछे फ़ारूक़ अब्दुल्ला ज़िम्मेदार हैं.

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LoC ट्रेड पर रोक लगाना गलत
सज्जाद लोन ने केंद्र के फैसले को गलत बताया. उन्होंने कहा कि यह जनता के बीच विश्वास बढ़ाने की कोशिश थी. हमें नहीं पता कि इसे क्यों बंद कर दिया गया. एक ही चीज़ मिली थी इन 30 सालों में, वो भी ले ली. यह ट्रेड रूट खोलना ही पड़ेगा.

कश्मीर में जल्द असेंबली चुनाव हो
लोन ने कहा कि हम चाहते हैं कश्मीर में जल्द असेंबली चुनाव हों. हमारी पार्टी लड़ने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा "लोक सभा चुनाव में बहुत कम वोटिंग हुई, अगर ऐसी ही वोटिंग असेंबली चुनाव के लिए होगी, तो इंतज़ार करना चाहिए". लोन ने कहा कि बीजेपी से कभी कोई समर्थन नहीं मिला. "हमने खुद लड़ाई लड़ी. मुझे जानबूझकर BJP से जोड़ा जाता है, क्योंकि मैं नया हूं.

वादा तोड़ना कांग्रेस का इतिहास: लोन
लोन ने कहा कश्मीर के लिए बीजेपी और कांग्रेस के घोषणापत्र में से कांग्रेस का अच्छा लग रहा है, लेकिन कांग्रेस ने कभी वादे पूरे नहीं किए. AFSPA की बात वो पहले भी कहते आए हैं लेकिन सरकार में रहते कभी AFSPA को नहीं हटाया. "मैं कांग्रेस को तब सलाम करूंगा जब वो मानेंगे की उन्होंने गलती की, 370 को नुकसान पहुंचाया. लोगों को कांग्रेस पर भरोसा नहीं, क्योंकि वादा तोड़ने में कांग्रेस का इतिहास रहा है."

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