खुर्शीद का सिब्बल-चिदंबरम को जवाब- कांग्रेस में नेतृत्व का संकट नहीं, हर आंख वाला देख सकता है राहुल-सोनिया की साख

फाइल फोटोः सलमान खुर्शीद ने बागी नेताओं पर निशाना साधा.
फाइल फोटोः सलमान खुर्शीद ने बागी नेताओं पर निशाना साधा.

गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) ने कहा कि जो अंधा नहीं है उसे साफ नजर आ रहा है कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पूरा समर्थन है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2020, 3:00 PM IST
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नई दिल्ली. बिहार चुनाव (Bihar Election) में कांग्रेस (Congress) के खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी के कई बड़े नेताओं ने लीडरशिप पर सवाल उठाए थे. इसके बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने यह साफ किया है कि पार्टी में किसी भी तरह का नेतृत्व संकट नहीं है. खास बात है कि पी चिदंबरम (P Chidambaram) और कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) जैसे बड़े नामों ने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की थी.

गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले सलमान खुर्शीद ने कहा कि जो अंधा नहीं है उसे साफ नजर आ रहा है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पूरा समर्थन है. इससे पहले विवेक तन्खा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जैसे पार्टी के ही कई बड़े नेताओं ने सिब्बल के बयानों पर ऐतराज जताया था. बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर सिब्बल और चिदंबरम के बयानों पर खुर्शीद ने कहा कि वह उनकी बात से असहमद नहीं हैं, लेकिन किसी को भी बाहर जाकर मीडिया और दुनिया से यह कहने की क्या जरूरत है कि 'हमें यह करना होगा.'

खुर्शीद ने कहा 'एनालिसिस हर समय किया जाता है, इसे लेकर कोई झगड़ा नहीं है. यह होगी. सभी लोग जो लीडरशिप का हिस्सा हैं, वे इस बात को देखेंगे कि क्या गलत हुआ है, हम क्या सुधार कर सकते हैं और यह आमतौर पर होता है. हमें इसके बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने की जरूरत नहीं है.' इतना ही नहीं उन्होंने इस दौरान पार्टी अध्यक्ष पद को लेकर भी बात की. पार्टी के कुछ लीडर्स फुल टाइम प्रेसीडेंट की मांग कर रहे हैं. इस पर खुर्शीद का कहना है कि उन लोगों को आगे आकर पार्टी के अंदर बात करनी चाहिए.



उन्होंने कहा कि यह कौन तय करेगा कि पार्टी में अंतरिम अध्यक्ष का एक साल रहना ज्यादा लंबा समय है. खुर्शीद ने जोर देकर कहा कि अगर नए अध्यक्ष के चुनाव प्रक्रिया में समय लग रहा है, तो हो सकता है कि इसके पीछे कोई अच्छा कारण हो. उन्होंने कहा 'कोई दूर नहीं गया है, सभी यहीं हैं. केवल लेबल की बात पर जोर दे रहे हैं. आप क्यों लेबल पर जोर दे रहे हैं.' उन्होंने बताया 'बहुजन समाज पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है, वाम दलों में कोई चेयरमैन नहीं है, केवल महासचिव हैं. सभी पार्टियां एक मॉडल पर नहीं चल सकतीं.' खुर्शीद ने कहा कि पार्टी के पास अंतरिम रूप में सोनिया गांधी हैं, जो कि संविधान से बाहर की चीज नहीं है.
कोविड के कारण धीमी हो रही है प्रक्रिया
खुर्शीद ने कहा 'हम खुश हैं और इसपर काम कर रहे हैं. यहां कोई भी नेतृत्व का संकट नहीं है. मैं यह बात पूरे जोर के साथ कह सकता हूं.' उन्होंने बताया कि चुनाव समिति अध्यक्ष के चुनाव पर काम कर रही है, जिसमें कोविड के कारण समय लग रहा है. उन्होंने साफ किया है कि सभी तैयारियां और काम चल रहे हैं. राहुल गांधी के समर्थन पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जो अंधा नहीं है उसे यह बात साफ है कि लोग सोनिया गांधी और हमारे पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के समर्थन में हैं. सभी उनका समर्थन करते हैं.

उन्होंने कहा, ‘नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले लोग यदि स्वयं के लोकतांत्रिक होने का दावा करते हैं, तो उन्हें नेतृत्व पर सवाल नहीं उठाने वाले हम लोगों को भी शामिल करने का शिष्टाचार दिखाना चाहिए और पार्टी के भीतर हम यह फैसला कर सकते हैं कि वे अधिक हैं या हम. हमारी आपत्ति बस यह है कि यह पार्टी के बाहर हो रहा है.’

खुर्शीद ने हाल में कहा था, ‘यदि मतदाता उन उदारवादी मूल्‍यों को अहमियत नहीं दे रहे, जिनका हम संरक्षण कर रहे हैं तो हमें सत्‍ता में आने के लिए शॉर्टकट तलाश करने के बजाय लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए.’ इस बयान के बारे में पूछे जाने पर खुर्शीद ने कहा कि शार्टकट से उनका मतलब अपनी विचारधारा त्यागने से था.

उन्होंने कहा, ‘आपको अपनी विचारधारा क्यों छोड़नी चाहिए. यदि आपकी विचारधारा मतदाताओं को आपके लिए मतदान करने के लिए राजी नहीं कर पा रही है, तो या तो आपको अपनी दुकान बंद कर देनी चाहिए या आपको इंतजार करना चाहिए. हम मतदाताओं को राजी कर रहे हैं, इसमें समय लगेगा.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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