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ये हैं दो घोटाले, जिनके सबूत मिटाने के आरोप कोलकाता पुलिस प्रमुख पर लगे हैं

ये हैं दो घोटाले, जिनके सबूत मिटाने के आरोप कोलकाता पुलिस प्रमुख पर लगे हैं

बंगाल की दो चिटफंड कंपनियों ने कई राज्यों के निवेशकों को तेजी से उनकी रकम को कई गुना करने के सपने दिखाए. फिर हजारों करोड़ समेट कर चंपत हो गईं.

    सुप्रीम कोर्ट ने शारदा और रोजवैली चिटफंड घोटाले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश होने का आदेश दिया है. जानते हैं वो कौन से चिटफंड घोटाले हैं, जिनकी आंच अब बंगाल में हो रही घटनाओं के चलते पूरे देश में महसूस की जा रही है.

    दरअसल पश्चिम बंगाल में कुछ साल पहले दो बड़े आर्थिक घोटाले हुए, जिन्होंने हजारों निवेशकों की गाढ़ी कमाई को चूना लगा दिया. इसमें जो बड़े घोटाले कई सालों से चर्चा में हैं, वो शारदा चिटफंड और रोज वैली घोटाले हैं. इस घोटाले की गूंज यूपीए-2 के शासनकाल में सुनाई पड़ने लगी थी. तब सीबीआई से इस मामले की जांच करने को कहा गया था.
    पिछले दिनों सीबीआई ने आरोप लगाया कि कोलकाता के पुलिस प्रमुख राजीव कुमार ना केवल इस जांच में असहयोग कर रहे हैं बल्कि सबूत मिटाने की भी कोशिश कर रहे हैं.

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    क्या हुआ था इन घोटालों में
    शारदा और रोजवैली बंगाल की दो बड़ी चिटफंड कंपनियां थीं, उन्होंने निवेशकों को लालच दिया था कि वो उनकी रकम को तेजी से कई गुना बढ़ा देंगे. बाद में निवेशकों से हजारों करोड़ रुपया बटोरकर कंपनियों बंद कर दी गईं. इन दोनों घोटाले में 17,000 करोड़ रुपए से कहीं डूब गए. हालांकि ये दो ही नहीं बंगाल में पांच साल पहले बंगाल की कई अन्य चिटफंड कंपनियों पर घोटाले करने के आरोप लगते रहे हैं.

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    सीबीआई को क्या आशंका है
    सीबीआई को आशंका है इन घोटालों की जांच से जुड़े रहे कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार सबूतों को नष्ट कर रहे हैं. दरअसल बंगाल सरकार ने भी इन घोटालों की जांच के लिए एक स्पेशल इनवेस्टिगेटिव टीम का गठन किया था, जिसके प्रमुख राजीव कुमार थे.

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    02 फरवरी 2019 को जब सीबीआई की टीम राजीव कुमार से पूछताछ के लिए पहुंची तो बड़ा पॉलिटिकल हंगामा हो गया. बंगाल पुलिस ने उल्टे सीबीआई अफसरों को ही गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठ गईं.

    शारदा चिटफंड घोटाले में क्या हुआ
    ये घोटाला करीब 2500 करोड़ रुपए का होने का अनुमान है. इसमें सागौन कारोबार के बांड्स में निवेश करने पर 25 साल बाद 34 गुना रिटर्न देने का वादा किया गया था. वहीं, आलू के बिजनेस में 15 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया.

    इसमें इसमें करीब 10 लाख लोगों ने निवेश किया था. शारदा ग्रुप ने सिर्फ चार साल में पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड, उड़ीसा और पूर्वाेत्तर राज्यों में 300 ऑफिस खोल लिए थे.

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    शारदा चिटफंड कंपनी के ममता के मंत्रियों से क्या रिश्ते हैं
    सुदीप्ता सेन शारदा कंपनी की चेयरपर्सन थीं. उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी कहा जाता रहा है. तृणमूल के राज्यसभा सांसद कुणाल घोष कंपनी की मीडिया डिविजन के प्रमुख थे.

    पार्टी के एक अन्य सांसद की फोटो इस कंपनी के विज्ञापनों में प्रकाशित की गई. 2013 में लोगों का पैसा समेट कर ये कंपनी बंद कर दी गई. सुदीप्ता लापता हो गईं. बताया जाता है कि 13 अप्रैल 2013 से उससे कोई संपर्क नहीं हो सका है.

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    रोज वैली घोटाला क्या है
    ये घोटाला करीब 15 हजार करोड़ रुपए का होने का अनुमान है. इसमें भी आशीर्वाद और होलिडे मेंबरशिप स्कीम में पैसा लगाकर रकम कई गुना करने का वादा किया गया. इस कंपनी ने करीब एक लाख निवेशकों को चूना लगाया और लापता हो गई.

    रोज वैली के कर्ताधर्ता कौन लोग थे
    रोज वैल ग्रुप के प्रबंध निदेशक शिवमय दत्ता को घोटाले का मास्टरमाइंड बताया जाता है. घोटाले के तार बॉलीवुड और रिएल स्टेट कारोबारियों से जुड़े हैं. पिछले महीने श्री वेंकटेश फिल्म्स के चीफ श्रीकांत मोहता को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया. उनसे पूछताछ भी हुई है.

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    कब से चल रही है जांच
    2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को इसकी जांच करने का आदेश दिया था. इन दोनों घोटालों में सीबीआई ने अब तक 80 चार्जशीट फाइल की हैं. 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा रिकवर किए जा चुके हैं.

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    राजीव कुमार पर सीबीआई के क्या आरोप हैं
    इस घोटाले की जांच के लिए पश्चिम बंगाल के लिए 2013 में एसआईटी टीम गठित की थी. इसके प्रमुख राजीव कुमार थे.

    सीबीआई का आरोप है कि कुछ खास लोगों को बचाने के लिए घोटालों से जुड़े अहम सबूतों के साथ या तो छेड़छाड़ हुई थी या फिर उन्हें हटा दिया गया. सीबीआई इसी सिलसिले में राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती है. राजीव कुमार पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं.

    अब राजीव कुमार से पूछताछ कहां होगी
    ये पूछताछ अब शिलांग में होगी. सीबीआई को लग रहा है कि कोलकाता में जो हालात हैं, उसे देखते हुए शिलांग सुरक्षित जगह रहेगी.

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    Tags: Bengal, CBI, Chit fund scam, Kolkata, Mamta Bannerjee, SIT, Supreme Court, Supreme court of india, West bengal

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