ममता के करीबी राजीव कुमार पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, CBI में पेशी आज

सीबीआई (CBI) ने शारदा चिट फंड मामले (Saradha Chit Fund Case) में पूछताछ के लिए राजीव कुमार के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है.

News18Hindi
Updated: September 14, 2019, 6:10 AM IST
ममता के करीबी राजीव कुमार पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, CBI में पेशी आज
सीबीआई (CBI) ने शारदा चिट फंड मामले (Saradha Chit Fund Case) में पूछताछ के लिए राजीव कुमार के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है.
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Updated: September 14, 2019, 6:10 AM IST
कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के करीबी आईपीएस अधिकारी व कोलकाता पुलिस के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार (Rajiv Kumar) पर संकट गहराता नजर आ रहा है. कोलकाता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी थी. इसके बाद सीबीआई (CBI) की टीम कोलकाता में डिप्टी पुलिस क​मिश्नर के दफ्तर पहुंच गई, जहां राजीव कुमार का आवास है. सीबीआई ने नोटिस देकर राजीव कुमार को आज सीबीआई दफ्तर में पेश होने के लिए कहा है.

सीबीआई (CBI) ने शारदा चिट फंड मामले (Saradha Chit Fund Case) में पूछताछ के लिए राजीव कुमार के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया है. हालांकि वो कहां हैं इस बारे में अभी सीबीआई को कोई जानकारी नहीं है. सीबीआई ने अपने नोटिस में उन्हें आज सुबह 10 बजे पेश होने के लिए कहा है. इससे पहले कोलकाता हाईकोर्ट (Kokatta High Court) ने राजीव कुमार को गिरफ्तारी से संरक्षण संबंधी अपने आदेश को शुक्रवार को हटा लिया. कोर्ट ने सीबीआई के एक नोटिस को रद्द करने के उनके अनुरोध को भी खारिज कर दिया.



राजीव कुमार पर क्या है आरोप
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राजीव कुमार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीबी माना जाता है. राजीव कुमार पर सीबीआई ने आरोप लगाया है कि चिंट फंड घोटाला मामले में जो राजीव कुमार ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की. फिलहाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) के पद पर कार्यरत राजीव कुमार उस विशेष जांच दल का हिस्सा थे, जिसे राज्य सरकार ने अन्य चिटफंड मामलों के साथ ही इस घोटाले की जांच के लिए बनाया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया था.

करीब 40 हजार करोड़ का हुआ था घोटाला
शारदा चिटफंड स्कैम पश्चिम बंगाल का एक बड़ा आर्थिक घोटाला है. जिससे कई बड़े नेताओं के नाम जुड़े हैं. दरअसल, इस कंपनी पर आरोप है कि पैसे ठगने के लिए लोगों से लुभावने वादे किए थे और रकम को 34 गुना करके वापस करने के लिए कहा था. इस घोटाले में करीब 40 हजार करोड़ की हेराफेरी हुई थी. साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिए थे कि इस मामले की जांच करे. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम पुलिस जांच में सहयोग करने का आदेश दिया था.

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First published: September 14, 2019, 6:10 AM IST
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