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तमिलनाडु की सियासत से शशिकला का संन्यास, क्या ये सिर्फ अभी के लिए है?

शशिकला (फ़ाइल फोटो)

शशिकला (फ़ाइल फोटो)

Sasikala’s Dramatic Rise: उन दिनों कोई भी मंत्री जयललिता से सीधे नहीं मिल सकते थे. उन्हें मिलने के लिए शशिकला के जरिए अप्वाइंटमेंट लेनी पड़ती थी. शशिकला, जयललिता और बाहरी दुनिया के बीच संवाद का केंद्र थी.

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(आर रंगराज)

चेन्नई. आखिर शशिकला ने राजनीति से संन्यास क्यों लिया? उनकी क्या मजबूरी थी. जयललिता के वो बेहद करीबी थी. वो उनके बिना नहीं रह सकती थीं. जयललिता, शशिकला को अपनी बहन कहती थीं, जो एक मां की तरह उनकी सभी जरूरतों का ख्याल रखती थी. फरवरी 2008 में अपने 60 वें जन्मदिन के अवसर पर थिरुकादाइयूर मंदिर में जब जया ने शशिकला के साथ माला का आदान-प्रदान किया, तो लोगों ने उनके रिश्तों के बारे में कई तरह के सवाल उठाए. वे दोनों हमेशा एक साथ जाती थीं. तमिलनाडु में महामहम उत्सव के दौरान इन दोनों एक साथ डुबकी भी लगाई थी.

उन दिनों कोई भी मंत्री जयललिता से सीधे नहीं मिल सकते थे. उन्हें मिलने के लिए शशिकला के जरिए अप्वाइंटमेंट लेनी पड़ती थी. शशिकला, जयललिता और बाहरी दुनिया के बीच संवाद का केंद्र थी. राजनीतिक दलों के साथ बातचीत भी शशिकला ही करती थी. विपक्षी मोर्चे को तोड़ाना और उन्हें जयललिता से मिलाना ये सारा काम वहीं करती थी. कहा जाता है कि राजनीति के जया ब्रांड के पीछे शशिकला का ही दिमाग था.



2011 में, अलगाव की एक छोटी अवधि के बाद, शशिकला को फिर से पोएस गार्डन निवास छोड़ने के लिए कहा गया, और उनके परिवार के 13 सदस्यों को घर में प्रवेश नहीं करने के लिए कहा गया. कुछ महीने बाद, जया ने इस फैसले को बदल दिया और शशिकला को पोएस गार्डन लौटने के लिए आमंत्रित किया.
इस बीच, जया और शशिकला के परिवार के खिलाफ आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय कई मामलों में केस पाइल किया. हवाला लेनदेन और संपत्ति से संबंधित आय के ज्ञात स्रोतों (डीए) के बारे में जानकारी मांगी गई. शशिकला के वकील ने अदालत को बताया कि वह अंग्रेजी नहीं जानती थी और सभी केस के दस्तावेजों का तमिल में अनुवाद करने की मांग की थी, यह मांग मान ली गई थी, इसके परिणामस्वरूप और देरी हो सकती है.

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18 साल बाद, जयललिता, शशिकला, और उनके रिश्तेदारों को सजा सुनाई गई. इसके अलावा 66 साल के बेंगलुरू के विवादित संपत्ति मामले में बेंगलुरु की ट्रायल कोर्ट ने चार साल की जेल की सजा सुनाई. इन चारों को बेंगलुरु की जेल में बंद कर दिया गया था. कर्नाटक HC के न्यायाधीश के समक्ष उनकी अपील सफल रही लेकिन जया को फेफड़ों में संक्रमण के कारण अस्पताल में
भर्ती कराया गया और दिसंबर 2016 में उनकी मृत्यु हो गई.

अपील पर, सुप्रीम कोर्ट ने जया की मौत के तुरंत बाद ट्रायल कोर्ट की सजा बहाल कर दी. अन्नाद्रमुक ने तब शशिकला को विधायक दल का महासचिव और नेता चुना था, ताकि वह मुख्यमंत्री के रूप में दावा कर सकें. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर, शशिकला, सुधाकरण और इलावरासी को बेंगलुरु की जेल में बंद कर दिया गया. अपने करियर में दो बार, जयललिता को गिरफ्तार किया गया था और उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी एम करुणानिधि को माफ नहीं किया था, जो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में उनके और शशि के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को दर्ज करने का निर्देश देते थे. (पूरा आर्टिकल पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- ये लेखक की निजी राय है.)
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