नागेश्वर राव को CBI की कमान सौंपने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति होने तक सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राव को 10 जनवरी को अंतरिम प्रमुख का प्रभार सौंपा गया था.

भाषा
Updated: January 16, 2019, 1:39 PM IST
नागेश्वर राव को CBI की कमान सौंपने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सीबीआई के अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव (फाइल फोटो)
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Updated: January 16, 2019, 1:39 PM IST
आईपीएस अधिकारी एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम प्रमुख बनाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार लिया है. 'कॉमन कॉज़' नामक एनजीओ की याचिका पर शीर्ष अदालत अगले हफ्ते सुनवाई करेगा. सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस एनएल राव और जस्टिस एसके कौल की पीठ के सामने बुधवार को इस मामले को रखा गया.

एनजीओ 'कॉमन कॉज' और आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पीठ से शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करने का अनुरोध किया. इसपर सीजेआई गोगोई ने कहा कि इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को करना असंभव है. अगले सप्ताह सुनवाई की जाएगी.

सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति होने तक सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राव को 10 जनवरी को अंतरिम प्रमुख का प्रभार सौंपा गया था. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने आलोक कुमार वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य की उपेक्षा के आरोपों के कारण एजेंसी के प्रमुख पद से हटा दिया था.



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इस समिति में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और सीजेआई रंजन गोगोई के प्रतिनिधि के रूप में जस्टिस एके सीकरी भी थे.

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इस याचिका में सीबीआई के निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने का अनुरोध किया गया है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि नागेश्वर राव की नियुक्ति उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति की सिफारिश के आधार पर नहीं की गई है.
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याचिका के अनुसार नागेश्वर को अंतरिम निदेशक नियुक्त करने का सरकार का पिछले साल 23 अक्टूबर का आदेश शीर्ष कोर्ट ने आठ जनवरी को निरस्त कर दिया था. लेकिन, सरकार ने मनमाने, गैरकानूनी, दुर्भावनापूर्ण तरीके से कदम उठाते हुए और डीएसपीई कानून का उल्लंघन करते हुए पुन: यह नियुक्ति कर दी.

याचिका में केंद्र से अनुरोध किया गया है कि वह लोकपाल और लोकायुक्त कानून, 2013 में किए गए संशोधन में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच ब्यूरो का नियमित निदेशक नियुक्त करने का निर्देश जारी करे. साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि सीबीआई निदेशक पद के लिए अधिकारियों को सूचीबद्ध करने और निदेशक के चयन के तार्किक आधार एवं बातचीत से संबंधित सारा रिकार्ड सुरक्षित रखा जाए.

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