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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगी वैक्सीन खरीद की पूरी लिस्ट, इंटरनेशनल रेट्स की देनी होगी जानकारी

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त टीकाकरण अपना मत रखने के लिए दो हफ्तों का समय दिया है. सांकेतिक फोटो (news18 English)

Vaccination in India: रूसी वैक्सीन स्पूतनिक V इस महीने के दूसरे सप्ताह तक अपोलो अस्पतालों में मिलने लगेगी. इसकी कीमत 1195 रुपये प्रति डोज रखी गई है. वहीं, कोविशील्ड राज्यों को 300 रुपये प्रति डोज और निजी अस्पतालों को 600 रुपये प्रति डोज में उपलब्ध कराई जा रही है.

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    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही वैक्सीन को लेकर जानकारियों की मांग की है. अदालत ने वैक्सीन की कीमतों से लेकर खरीद तक का पूरा लेखा-जोखा पेश करने के लिए कहा है. भारत में फिलहाल कोवैक्सीन (Covaxin), कोविशील्ड (Covishield) और स्पूतनिक V (Sputnik V) का इस्तेमाल किया जा रहा है. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एलएन राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की विशेष बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी.

    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है, जिसमें भारत में इस्तेमाल की जा रही वैक्सीन की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना की गई हो. अदालत ने सरकार से अपनी नीति निर्धारण से संबंधित दस्तावेज और फाइल नोटिंग्स भी तैयार करने के लिए कहा है. इसके अलावा अदालत ने कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पूतनिक V की अब तक की खरीद का जानकारी देने के लिए भी कहा है. साथ ही सरकार से 31 दिसंबर 2021 तक वैक्सीन की अनुमानित उपलब्धता की जानकारी तैयार करने के लिए भी कहा गया है.

    फिलहाल, भारत में दो वैक्सीन ऐसी हैं, जिनका इस्तेमाल दुनिया के अन्य देशों में भी हो रहा है. रूसी वैक्सीन स्पूतनिक V इस महीने के दूसरे सप्ताह तक अपोलो अस्पतालों में मिलने लगेगी. इसकी कीमत 1195 रुपये प्रति डोज रखी गई है. वहीं, कोविशील्ड राज्यों को 300 रुपये प्रति डोज और निजी अस्पतालों को 600 रुपये प्रति डोज में उपलब्ध कराई जा रही है.

    फ्री वैक्सिनेशन पर अपनी बात रखें राज्य
    सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुफ्त टीकाकरण अपना मत रखने के लिए दो हफ्तों का समय दिया है. बुधवार को वेबसाइट पर अपडेट हुए 31 मई को दिए आदेश में अदालत ने कहा था, 'हम सरकारों को 2 हफ्तों के अंदर हलफनामा दायर करने का आदेश देते हैं.'

    भाषा के अनुसार, इस आदेश में उदारीकृत टीकाकरण नीति, केंद्र एवं राज्यों एवं निजी अस्पतालों के लिए टीके के अलग-अलग दाम, उनके आधार, ग्रामीण एवं शहरी भारत के बीच विशाल डिजिटल अंतर के बाद भी टीके के स्लॉट बुक कराने के लिए कोविन ऐप पर अनिवार्य पंजीकरण आदि को लेकर केंद्र के फैसले की आलोचना की गयी है और सरकार से सवालों पर दो सप्ताह में जवाब मांगा गया है.

    अदालत ने तीनों वैक्सीन की खरीद की जानकारी मांगी है. इसमें केंद्र सरकार की तरफ से सभी तीनों वैक्सीन की खरीद के ऑर्डर की तरीख, हर तारीख पर जारी ऑर्डर में वैक्सीन की संख्या और सप्लाई की अनुमानित तारीख की जानकारी मांगी गई है. अदालत ने कोविड-19 प्रबंधन के मामले में सुओ मोटो केस में यह आदेश जारी किया है. इसके अलावा बेंच ने वैक्सीन प्राप्त कर चुकी आबादी के डेटा की मांग की है.