सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- जिलों में स्पेशल POCSO कोर्ट बनाने में मदद करे केंद्र

कोर्ट ने इसको लेकर केंद्र को अगले चार हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने को कहा है...

एएनआई
Updated: July 25, 2019, 1:41 PM IST
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- जिलों में स्पेशल POCSO कोर्ट बनाने में मदद करे केंद्र
सुप्रीम कोर्ट
एएनआई
Updated: July 25, 2019, 1:41 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वो उन सभी जिलों में स्पेशल POCSO कोर्ट बनाने में मदद करे जहां सौ से ज्यादा केस पेंडिंग है. सुप्रीम कोर्ट ने इसे दो महीने के अंदर शुरू करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इसको लेकर केंद्र को अगले चार हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल पॉक्सो कानून में संशोधन की मंजूरी दी थी. इसके तहत दोषी पाए जाने पर फांसी की सजा होगी. पॉक्‍सो एक्‍ट में संशोधन में मंजूरी के साथ ही नाबालिग से रेप मामले में फांसी की सज़ा होगी. साथ ही, बच्‍चों के खिलाफ यौन अपराधों में दंड को और भी कठोर बनाने के लिए सख्त उपाय किए हैं.

क्या है पॉक्सो एक्ट?
साल 2012 में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के लिए पॉक्सो एक्ट बनाया गया था. इस कानून के जरिये नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है. ये एक्ट बच्चों को सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है. इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है. बता दें कि देश भर में लागू होने वाले इस अधिनियम के तहत सभी अपराधों की सुनवाई, एक विशेष न्यायालय द्वारा कैमरे के सामने बच्चे के माता-पिता की मौजूदगी में होती है.

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First published: July 25, 2019, 1:10 PM IST
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