सुप्रीम कोर्ट का आदेश- 5 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे अदालत में हाजिर हो विजय माल्या

सुप्रीम कोर्ट का आदेश- 5 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे अदालत में हाजिर हो विजय माल्या
भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या

कोर्ट (Supreme Court) ने माल्या की उपस्थिति के लिए 5 अक्टूबर दोपहर 2 बजे का समय निर्धारित किया है. साथ ही SC ने गृह मंत्रालय (Home Ministry) को निर्देश भी दिए हैं कि वो विजय माल्या की हाजिरी सुनिश्चित कराए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 8:41 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आदेश दिया है कि भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya)  को आगामी 5 अक्टूबर को अदालत में हाजिर होना होगा. कोर्ट ने माल्या की उपस्थिति के लिए दोपहर 2 बजे का समय निर्धारित किया है. साथ ही SC ने गृह मंत्रालय (Home Ministry) को निर्देश भी दिए हैं कि वो विजय माल्या की हाजिरी सुनिश्चित कराए.

गौरतलब है कि किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है. सोमवार को अदालत ने माल्या के खिलाफ अवमानना मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है. माल्या ने कोर्ट के एक आदेश की अवहेलना करते हुए 4 करोड़ अमेरिकी डॉलर अपने बच्चों के नाम ट्रांसफर किए थे. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मई 2017 में उसे अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया था.


कोर्ट के इस फैसले के बाद माल्या ने अदालत में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल कराई थी, जिस पर जस्टिस यूयू ललित और अशोक भूषण की बेंच ने 27 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज ये याचिका खारिज कर दी गई.



माल्या के खिलाफ दो बड़े आरोप
27 अगस्त की सुनवाई में कोर्ट ने बताया था कि विजय माल्या के खिलाफ दो बड़े आरोप हैं, जिसमें पहला है कि उसने अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं किया. दूसरा संपत्तियों को गलत तरीके से छिपाने की कोशिश की. इस मामले में अदालत ने जून में अपनी रजिस्ट्री को यह बताने के लिए कहा था कि बीते तीन साल में माल्या की पुनर्विचार याचिका को संबंधित अदालत के समक्ष सूचीबद्ध क्यों नहीं किया गया. कोर्ट ने रजिस्ट्री को बीते तीन साल में याचिका से संबंधित फाइल को देखने वाले अधिकारियों के नामों समेत सभी जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा था.

ब्रिटेन में है विजय माल्या
9 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बैंक कर्ज धोखाधड़ी मामले में आरोपी माल्या फिलहाल ब्रिटेन में है. शीर्ष अदालत ने 2017 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह की याचिका पर वो आदेश दिया था. याचिका में कहा गया था कि माल्या ने कथित रूप से विभिन्न न्यायिक आदेशों का 'खुलेआम उल्लंघन' कर ब्रिटिश कंपनी डियाजियो से प्राप्त चार करोड़ अमेरिकी डॉलर अपने बच्चों के अकाउंट में ट्रांसफर किए थे.
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