लाइव टीवी

सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में गोधरा के बाद ओडे में हुए दंगे के मामले में 15 दोषियों को दी जमानत

भाषा
Updated: January 28, 2020, 11:37 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में गोधरा के बाद ओडे में हुए दंगे के मामले में 15 दोषियों को दी जमानत
ये 15 व्यक्ति आणंद जिले के ओडे कस्बे में हुए नरसंहार के सिलसिले में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं. इस दंगे में 23 मुसलमानों को जिंदा जला दिया गया था

ओडे की इस घटना के सिलसिले में 2012 में दोषी ठहराये जाने के बाद से ये 15 दंगाई जेल में थे और उन्हें जमानत दी गयी है क्योंकि गुजरात उच्च न्यायालय (Gujarat High Court) के फैसले के खिलाफ उनकी अपील शीर्ष अदालत में लंबित है.

  • Share this:
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गोधरा कांड (Godhara Case) के बाद के एक दंगे के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे 15 दोषियों को मंगलवार को जमानत दे दी. न्यायालय ने इन सभी को गुजरात (Gujarat) से बाहर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दो शहरों में रहने और वहां सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया है. ये 15 व्यक्ति आणंद जिले के ओडे कस्बे में हुए नरसंहार के सिलसिले में उम्र कैद की सजा काट रहे हैं. इस दंगे में 23 मुसलमानों को जिंदा जला दिया गया था.

दिन में पहले न्यायालय के एक आदेश में मेहसाणा जिले के सरदारपुरा गांव में हुए नरसंहार के सिलसिले में इसे (आदेश को) बताया गया था. इस घटना में अल्पसंख्यक समुदाय के 33 सदस्यों को जिंदा जला दिया गया था. लेकिन न्यायालय के एक अधिकारी ने शाम में स्पष्ट किया कि यह आदेश ओडे मामले से संबद्ध है. चूंकि कुछ दोषियों की ओर से पेश हुए एक वकील ने सुनवाई के दौरान गलती से इस बात का जिक्र कर दिया कि यह विषय सरदारपुरा नरसंहार से संबद्ध है.

2012 में ठहराए गए थे दोषी
ओडे की इस घटना के सिलसिले में 2012 में दोषी ठहराये जाने के बाद से ये 15 दंगाई जेल में थे और उन्हें जमानत दी गयी है क्योंकि गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उनकी अपील शीर्ष अदालत में लंबित है. प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने इस मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे 15 दोषियों की ओर से दायर चार याचिकाओं पर विचार के बाद कई शर्तो के साथ उन्हें जमानत दी.

पीठ ने इन दोषियों को दो समूहों में बांट दिया है. जमानत की शर्तों के तहत ये दोषी गुजरात से बाहर रहेंगे और ये मध्य प्रदेश के दो शहरों-इन्दौर और जबलपुर- में रहेंगे. इन सभी दोषियों को नियमित रूप से वहां के थानों में हाजिरी देनी होगी.

एक साथ नहीं रहेंगे दोषी
पीठ ने कहा, "वे वहां एकसाथ नहीं रहेंगे. उन्हें जमानत की शर्त के अनुसार सप्ताह में छह घंटे सामुदायिक सेवा करनी होगी." पीठ ने कहा कि इन सभी को अपनी समाज सेवाओं के बारे मे इन्दौर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रमाण पत्र भी सौंपना होगा. इन दोषियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी एस पटवालिया ने कहा कि उन्हें अस्पताल या मंदिर या गुरूद्वारे में समाज सेवा करने का निर्देश दिया जा सकता है. उन्होंने इनमें से कुछ दोषियों के बहुत ही गरीब होने का जिक्र करते हुये पीठ से अनुरोध किया कि उन्हें पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र या राजस्थान में रहने के लिये कहा जा सकता है.पीठ ने कहा, "यह सब मत कहिये. उन्हें मध्य प्रदेश जाना ही होगा. छह दोषियों का एक समूह इन्दौर जायेगा."

तीन महीने बाद पेश की जाएगी रिपोर्ट
पीठ ने सालिसीटर जनरल तुषार मेहता से कहा, "प्रयोग के तौर पर क्या हम कोई तरीका निकाल कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से कह सकते हैं कि किसी भी तरह का रोजगार दिलाने में उनकी मदद कर दें." मेहता ने इस सुझाव का स्वागत किया. इसके बाद पीठ ने इन्दौर और जबलपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से इन दोषियों को उचित रोजगार दिलाने में मदद करने के लिये कहा.

पीठ ने मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को तीन महीने बाद अपनी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया जिसमे यह स्पष्ट करना होगा कि क्या दोषियों ने इन शर्तो का पालन किया है या नहीं.

शीर्ष अदालत द्वारा जमानत पर रिहा किये गये इन 15 दोषियों को 25-25 हजार रूपए का मुचलका देना होगा. जमानत पाने वाले दोषियों में प्रहलादभाई जगभाई पटेल, पुरषोत्तमभाई, विजयभाई रावजीभाई पटेल, जयेन्द्रभाई साताभाई पटेल, सुरेशभाई भैलाभाई पटेल, प्रवीणभाई मंगलभाई पटेल, दिलीपभाई रणछोड़भाई पटेल, धर्मेशकुमार नाथूभाई पटेल,दिलीपभाई वीनुभाई पटेल, पारसभाई रणछोड़भाई पटेल, अरविन्दभाई रावजीभाई पटेल, हेमंतभाई साताभाई पटेल, संतकुमार रणछोड़भाई पटेल, विनुभाई शानाभाई पटेल और विनुभाई भीभुभाई पटेल शामिल हैं.

ये भी पढ़ें-
नीतीश बोले-अमित शाह के कहने पर रखा था प्रशांत किशोर को, पीके ने दिया जवाब

भड़काऊ भाषण पर घिरे अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा, चुनाव आयोग ने मांगा जवाब

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 28, 2020, 11:37 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर