• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • SC ने अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किये गये IRS अधिकारी की याचिका खारिज की, कहा- कैट में जायें

SC ने अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किये गये IRS अधिकारी की याचिका खारिज की, कहा- कैट में जायें

SC जजो की पीठ ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों का ताजा विवरण तलब किया (फाइल फोटो)

SC जजो की पीठ ने सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों का ताजा विवरण तलब किया (फाइल फोटो)

सरकार ने पिछले साल भ्रष्टाचार, पेशेवर कदाचार और जबरन वसूली जैसे आरोपों के मद्देनजर भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया था.

  • Share this:
    नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाले भारतीय राजस्व सेवा (Indian Revenue Service) के एक अधिकारी की याचिका पर विचार करने से सोमवार को इंकार कर दिया. न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह राहत के लिये केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण जायें. न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति इन्दू मल्होत्रा और न्यायमूर्ति इन्दिरा बनर्जी की पीठ ने केन्द्र की इस दलील से सहमति वयक्त की कि याचिकाकर्ता अशोक अग्र्रवाल को कैट में जाना चाहिए.

    शीर्ष अदालत ने सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता के इस कथन का भी संज्ञान लिया कि सरकार ने 64 व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किया है और इनमें से कुछ ने इस तरह के आदेशों को चुनौती दी है जो कैट में लंबित हैं. पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘इस तथ्य के मद्देनजर , हमारी राय है कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर विचार करना उचित नहीं होगा. हम तद्नुसार याचिका खारिज करते हैं और याचिकाकर्ता के लिये कैट के समक्ष उपलब्ध कानूनी विकल्प का मार्ग खुला छोड़ रहे हैं.’’

    ये भी पढ़ें- दुनिया की कुल आबादी का 10 फीसदी हिस्‍सा हो सकता है कोरोना संक्रमित

    सुप्रीम कोर्ट ने किया इस तथ्य का जिक्र
    शीर्ष अदालत ने इस तथ्य का भी जिक्र किया कि याचिकाकर्ता अशोक कुमार अग्रवाल यह कार्यवाही शुरू करने से पहले दिल्ली उच्च न्यायालय गये थे जहां उसकी याचिका विचारणीयता के सवाल पर खारिज हो गयी थी. याचिकाकर्ता ने इसके बाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर की थी. इस मामले में न्यायलाय ने 21 अक्टूबर, 2019 को उसे वैकल्पिक उपाय करने की छूट दी थी.

    इसके बाद, इस अधिकारी ने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और विकास सिंह का तर्क था कि न्यायालय के 21 अक्टूबर के आलोक में यह याचिका विचार योग्य है.

    शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि अगर याचिकाकर्ता कैट के समक्ष यह मामला ले जाता है तो वह इसका यथाशीघ्र और हो सके तो याचिका दाखिल करने की तारीख से चार महीने के भीतर इसका निस्तारण करेगा. सरकार ने पिछले साल भ्रष्टाचार, पेशेवर कदाचार और जबरन वसूली जैसे आरोपों के मद्देनजर भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया था.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज