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अब 'मिर्जापुर' के निर्माता और अमेजन प्राइम को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, रिलीज रोकने की थी याचिका

मिर्जापुर के निर्माता को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस. (File)
मिर्जापुर के निर्माता को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस. (File)

ये याचिका मिर्जापुर (Mirzapur Web Series) की रिलीज रोकने के लिए दायर की गई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने खुद कहा कि मिर्ज़ापुर वेब सीरीज रिलीज हो चुकी है इसलिए अब इस याचिका का कोई मतलब नहीं रह जाता. लेकिन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस.ए. बोबडे ने कहा कि हम फिर भी नोटिस जारी करेंगे. और फिर इस वेब सीरीज के निर्माताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 5:29 PM IST
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एहतेशाम खान
नई दिल्ली.
वेब सीरीज मिर्ज़ापुर (Mirzapur Web Series) के कंटेंट को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने निर्माता एक्सेल एंटरटेनमेंट, अमेज़न प्राइम वीडियो और केंद्र सरकार को नोटिस (Notice) जारी किया. खास बात ये है कि ये याचिका पिछले साल 22 सितम्बर को मिर्ज़ापुर वेब सीरीज के रिलीज होने से पहले दाखिल हुई थी जिसमें इसके रिलीज को रोकने की मांग की गई थी. लेकिन ये याचिका गुरुवार को पहली बार सुनवाई के लिए ली गई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने खुद कहा कि मिर्ज़ापुर वेब सीरीज रिलीज हो चुकी है इसलिए अब इस याचिका का कोई मतलब नहीं रह जाता. लेकिन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एस.ए. बोबडे ने कहा कि हम फिर भी नोटिस जारी करेंगे. और फिर इस वेब सीरीज के निर्माताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया.

सुजीत कुमार सिंह नाम के व्यक्ति ने दाखिल की याचिका
गौरतलब है कि फिलहाल तांडव नाम के वेब सीरीज पर भी विवाद हो रहा है. मिर्ज़ापुर पर आपत्ति जताने वाली जनहित याचिका सुजीत कुमार सिंह नाम के व्यक्ति ने दाखिल की है. उनका कहना है कि मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश का एक प्राचीन शहर है. यहां भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक से जुड़ी ऐतिहासिक इमारतें हैं. कई मंदिर हैं जो भारत की सभ्यता का प्रतीक है. साथ ही यहां गंगा नदी भी है जिस पर लोगों की धार्मिक आस्था है.
मिर्जापुर की छवि खराब करने का आरोप
ऐसे में वेब सीरीज मिर्ज़ापुर में एक महिला को अपने नौकर और ससुर के साथ संबंध बनाते हुए दिखाया गया है. साथ ही इसे जुर्म और आतंक का गढ़ दिखाया गया है. इससे मिर्ज़ापुर की छवि खराब हुई है. याचिका में सीरीज को रिलीज होने से रोकने की मांग की गई थी. जाहिर है सीरीज अक्टूबर में ही रिलीज है चुकी है इसलिए इस मांग का कोई मतलब नहीं रह जाता.



ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाली वेब सीरीज को नियंत्रित करने की मांग 
लेकिन इस याचिका में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले वेब सीरीज को नियंत्रित करने की मांग की गई है. ये भी कहा गया है कि जिस तरह फिल्मों को रिलीज होने से पहले सेंसर बोर्ड से गुजरना होता है, ऐसी कोई प्रक्रिया वेब सीरीज के लिए भी होनी चाहिए. याचिका में ये भी मांग की गई है कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि क्या इस वेब सीरीज के निर्माताओं पर पब्लिक में अश्लीलता फैलाने का मुकदमा चल सकता है. इसलिए सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में नोटिस जारी करने का मतलब ये हो सकता है कि कोर्ट ओटीटी प्लेटफॉर्म को नियंत्रित करना चाहता है.
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