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हैदराबाद गैंगरेप: 4 आरोपियों के एनकाउंटर मामले की जांच 3 सदस्यीय आयोग करेगा, SC ने दिए आदेश

News18Hindi
Updated: December 16, 2019, 11:34 AM IST
हैदराबाद गैंगरेप: 4 आरोपियों के एनकाउंटर मामले की जांच 3 सदस्यीय आयोग करेगा, SC ने दिए आदेश
घटनास्थल की तस्वीर

हैदराबाद गैंगरेप (Hyderabad Gangrape) के आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर (Police encounter) में मारे जाने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश देते हुए ये भी कहा है कि कोई भी कोर्ट या प्राधिकरण इस मामले की जांच अब नही करेगा.

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  • Last Updated: December 16, 2019, 11:34 AM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद में महिला डॉक्टर से गैंगरेप-मर्डर (Hyderabad Gangrape) के बाद हुए चार आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर (Police Encounter) मामले में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज पूर्व न्यायाधीश वी एस सिरपुरकर इसके प्रमुख होंगे. बॉम्बे हाईकोर्ट की पूर्व जज रेखा संदूर बलदोता और पूर्व सीबीआई डायरेक्टर कार्तिकेयन भी इस आयोग के सदस्य बनाए गए हैं. शीर्ष अदालत ने आयोग को अपनी रिपोर्ट छह महीने में देने को कहा है. प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान ये आदेश दिया. याचिकाओं में पिछले सप्ताह मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी.

निष्पक्ष जांच जरूरी
कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार की अलग से जांच न कराने के आदेश को भी खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है, लोगों को सच पता चलना चाहिए. बेंच ने कहा, ‘हमारा मानना है कि तेलंगाना में वेटनरी डॉक्टर के साथ गैंगरेप और हत्या मामले के चारों आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.’

पुलिस कर्मी को गोली नहीं लगी

बेंच में जस्टिस एस. ए. नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना भी शामिल थे. उन्होंने कहा कि आपकी (तेलंगाना सरकार) कहानी के कई पहलू हैं, जिनकी जांच की जरूरत है. तेलंगाना सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि किसी पुलिस कर्मी को गोली नहीं लगी है, लेकिन वे आरोपियों द्वारा किए हमले में घायल हुए हैं.

मीडिया को भी नोटिस 
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश देते हुए ये भी कहा है कि कोई भी कोर्ट या प्राधिकरण इस मामले की जांच अब नही करेगा. यानी NHRC अब मामले की जांच नहीं करेगा. बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए है. कोर्ट ने कहा कि मीडिया की वजह से फेयर ट्रायल में परेशानी आ सकती है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है. इस बीच कोर्ट में रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया को नोटिस भी जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस तरह की रिपोर्टिंग में मीडिया से सहयोग की जरूरत है.कैसे हुआ था एनकाउंटर?
घटनास्‍थल पर आरोपियों के साथ सीन रिक्रिएट करने गई पुलिस ने शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में चारों आरोपियों को मार गिराया. इसके बाद पुलिस बताया कि वो आरोपियों ने पहले पुलिस पर पत्‍थरबाजी की और बाद में पुलिसकर्मियों के हथियार छीन लिए. हथियार छीनने के बाद आरोपी फायरिंग करके भाग रहे थे, तभी पुलिस ने एनकाउंटर में उन्‍हें मार गिराया.

बता दें कि हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप और मर्डर  के बाद एनकाउंटर को लेकर देश भर में चर्चा है. कई लोग इस मामले में पुलिसवालों की तारीफ कर रहे हैं तो कई इस पर सवाल भी उठा रहे हैं.


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First published: December 12, 2019, 11:53 AM IST
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