येदियुरप्पा के पत्र में ऐसा क्या था कि राज्यपाल ने बहुमत वाले कांग्रेस-JDS को नहीं दिया मौका?

जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा है कि वह ये देखना चाहते हैं कि वजुभाई वाला ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की बजाए येदियुरप्पा को क्यों चुना? जबकि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पास सदन में बहुमत है.

News18Hindi
Updated: May 18, 2018, 12:26 PM IST
येदियुरप्पा के पत्र में ऐसा क्या था कि राज्यपाल ने बहुमत वाले कांग्रेस-JDS को नहीं दिया मौका?
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बीएस येदियुरप्पा
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Updated: May 18, 2018, 12:26 PM IST
बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक में सरकार बनाने के दावे के साथ राज्यपाल को जो समर्थन पत्र सौंपा था उस पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार शाम चार बजे फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है.  एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी कोर्ट में बीजेपी की तरफ से पेश हुए हैं उन्होंने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन और बीजेपी दोनों के समर्थन पत्र कोर्ट में पेश किए.

इनमें से कांग्रेस-जेडीएस ने जो समर्थन पत्र पेश किया था उसमें दोनों पार्टियों के विधायकों के हस्ताक्षर थे जबकि येदियुरप्पा ने जो समर्थन पत्र दिया था उसमें सिर्फ विधायकों के नाम लिखे थे.

दोनों पत्रों को देखने के बाद कोर्ट ने सवाल किया कि राज्यपाल वजुभाई वाला ने किस आधार पर बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. कोर्ट ने सवाल किया किय इस पत्र में ऐसा क्या है जिससे राज्यपाल संतुष्ट हो गए.

जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने सवाल किया कि वजुभाई वाला ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की बजाए येदियुरप्पा को क्यों चुना? जबकि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पास सदन में बहुमत है. इसके जवाब में बीजेपी की तरफ से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस का गठबंधन नापाक है.

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह नंबर गेम है और राज्यपाल को देखना चाहिए कि किस पार्टी के पास सबसे ज्यादा नंबर हैं. जस्टिस सीकरी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट इसका सबसे बेहतर ऑप्शन हो सकता है. उन्होंने सवाल किया कि फ्लोर टेस्ट शनिवार को ही क्यों नहीं हो सकता है? इस पर कांग्रेस ने कहा कि वह फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है. कांग्रेस ने अपने विधायकों की सुरक्षा की मांग की. वहीं बीजेपी की तरफ से मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्हें और समय चाहिए. इस पर कोर्ट ने कहा कि इसके लिए और समय नहीं दिया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में कल शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट कराए जाने का आदेश दिया है. प्रोटेम स्पीकर आरवी देशपांडे पूरे टेस्ट पर नज़र रखेंगे.

 
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